परिचय: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में रिकॉर्ड स्थापित करने वाले आयोजन
मार्च 2024 में, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह ने मात्र दो दिनों में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए: सबसे बड़ा नारियल ऑर्केस्ट्रा जिसमें 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल थे और सबसे लंबी बाँसुरी श्रृंखला जो 500 मीटर से भी अधिक लंबी थी। ये आयोजन अंडमान और निकोबार प्रशासन (ANA) के तहत, पर्यटन मंत्रालय (MoT) के सहयोग से किए गए और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GWR) द्वारा प्रमाणित हुए। इन रिकॉर्डों ने द्वीपों की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों का रणनीतिक उपयोग कर पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सक्रिय करने की क्षमता को उजागर किया है।
UPSC प्रासंगिकता
- GS पेपर 1: सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका
- GS पेपर 3: पर्यटन, पर्यावरण, और सतत विकास
- GS पेपर 2: केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 371B)
- निबंध: आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण में सांस्कृतिक विरासत की भूमिका
अंडमान के विकास में संवैधानिक और कानूनी ढांचा
अनुच्छेद 371B भारतीय संविधान का वह प्रावधान है जो अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लिए विशेष प्रशासनिक प्रावधान देता है। यह द्वीपों की अनूठी जनसांख्यिकीय और पारिस्थितिक विशेषताओं को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन जैसे ANA के बीच बेहतर समन्वय और विकास योजनाओं को सक्षम बनाता है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2002), विशेषकर धारा 2 और 38, वनस्पति और जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है जो पर्यावरण पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये प्रावधान संरक्षित क्षेत्रों में गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं ताकि पर्यटन के विकास से जैव विविधता को नुकसान न पहुंचे।
भारतीय पर्यटन विकास निगम अधिनियम, 1966 के तहत पर्यटन को संस्थागत रूप से बढ़ावा दिया जाता है, जिसके अंतर्गत अंडमान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ATDC) द्वीपों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास और विपणन का काम करता है।
रिकॉर्ड स्थापित कार्यक्रमों का अंडमान के पर्यटन क्षेत्र पर आर्थिक प्रभाव
पर्यटन द्वीपों की GDP में लगभग 15% योगदान देता है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 8.5% है (पर्यटन मंत्रालय, 2023)। केंद्रीय बजट 2023-24 में अंडमान के पर्यटन बुनियादी ढांचे के लिए ₹150 करोड़ आवंटित किए गए, जो सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कार्यक्रमों के बाद दो सप्ताह के भीतर पर्यटन आगमन में 12% की वृद्धि हुई (अंडमान पर्यटन विभाग, 2024)। इस बढ़ोतरी से स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री में 20% की तेजी आई (अंडमान चैंबर ऑफ कॉमर्स, 2024) और पर्यटन से जुड़ी नौकरियों में 7% की वृद्धि हुई (श्रम मंत्रालय के आंकड़े, Q1 2024)।
- पर्यटन का GDP में हिस्सा: 15%
- वार्षिक पर्यटन वृद्धि दर: 8.5%
- पर्यटन बुनियादी ढांचे के लिए बजट आवंटन (2023-24): ₹150 करोड़
- कार्यक्रम के बाद पर्यटक आगमन में वृद्धि: 12%
- स्थानीय हस्तशिल्प बिक्री में वृद्धि: 20%
- पर्यटन क्षेत्र में रोजगार वृद्धि: 7% (Q1 2024)
आयोजन के संचालन और पर्यटन प्रचार में प्रमुख संस्थान
अंडमान और निकोबार प्रशासन (ANA) ने स्थानीय शासन और आयोजन की व्यवस्थाओं का समन्वय किया। पर्यटन मंत्रालय (MoT) ने नीति मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GWR) ने प्रमाणन और वैश्विक मान्यता दी।
अंडमान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ATDC) ने प्रचार और बुनियादी ढांचे का प्रबंधन किया। पर्यावरण संरक्षण का जिम्मा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने संभाला, जिसने संरक्षण कानूनों को लागू किया। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ने रिकॉर्ड स्थापित आयोजनों में स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में योगदान दिया।
तुलनात्मक अध्ययन: अंडमान बनाम न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक पर्यटन रणनीति
| पहलू | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | न्यूजीलैंड (माओरी सांस्कृतिक उत्सव) |
|---|---|---|
| ध्यान केंद्रित | सांस्कृतिक विरासत (नारियल ऑर्केस्ट्रा, बाँसुरी श्रृंखला) और पर्यावरणीय संसाधन | माओरी सांस्कृतिक उत्सव और पर्यावरण पर्यटन |
| पर्यटन विकास | 8.5% वार्षिक वृद्धि (कार्यक्रम से पहले), 12% वृद्धि (2024 के बाद) | 5 वर्षों में क्षेत्रीय पर्यटन राजस्व में 15% वृद्धि (2022) |
| सरकारी समर्थन | ₹150 करोड़ बजट आवंटन (2023-24), ANA और MoT का समन्वय | पर्यटन मंत्रालय का वित्तीय सहयोग, स्थानीय iwi की भागीदारी |
| समुदाय की भागीदारी | स्थानीय कलाकार और प्रदर्शनकारी रिकॉर्ड कार्यक्रमों में शामिल | माओरी समुदाय की मजबूत भागीदारी और लाभ साझा करना |
| पर्यावरणीय नियंत्रण | MoEFCC द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का पालन | सख्त पर्यावरण पर्यटन नियम और संरक्षण कानून |
नीति और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण कमियां
सफलताओं के बावजूद, द्वीपों में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और सतत पर्यटन विकास को जोड़ने वाली कोई समेकित नीति नहीं है। यह कमी पर्यावरणीय क्षति और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ के असमान वितरण का जोखिम पैदा करती है।
बड़ी संख्या में पर्यटन दबाव कमजोर पारिस्थितिक तंत्रों को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि समुदाय आधारित लाभ साझा करने के औपचारिक तंत्रों के अभाव में आदिवासी आबादी हाशिए पर रह सकती है। ये चुनौतियां अन्य विशेष पर्यटन स्थलों के समान हैं।
महत्व और आगे की दिशा
- सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को जोड़ने वाली समेकित नीतियां लागू करें।
- सामुदायिक केंद्रित लाभ साझा करने के मॉडल विकसित करें ताकि आर्थिक लाभ समान रूप से वितरित हो।
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पर्यावरण निगरानी को मजबूत करें ताकि पारिस्थितिक जोखिम कम हों।
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से मिली वैश्विक मान्यता का उपयोग अंडमान को सतत सांस्कृतिक और पर्यावरण पर्यटन स्थल के रूप में ब्रांड करने में करें।
- अधिक पर्यटन से बचने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश को द्वीपों की क्षमता के अनुरूप बढ़ाएं।
- अनुच्छेद 371B अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लिए विशेष प्रावधान देता है।
- अनुच्छेद 371B द्वीपों में अलग विधान सभा की अनुमति देता है।
- द्वीपों का शासन बिना विधान सभा के केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अनुच्छेद 371B के तहत होता है।
- इको-टूरिज्म पर्यावरण संरक्षण और समुदाय की भागीदारी पर केंद्रित होता है।
- मास टूरिज्म बड़े पैमाने पर अनियंत्रित पर्यटक आगमन से पहचाना जाता है।
- इको-टूरिज्म हमेशा मास टूरिज्म से ज्यादा आर्थिक लाभ देता है।
इनमें से कौन-से कथन सही हैं?
मुख्य प्रश्न
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के हालिया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स किस प्रकार सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का उपयोग कर सतत पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, इसका विश्लेषण करें। ऐसे क्षेत्रीय विकास को सक्षम करने वाले संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा करें और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन्हें चिन्हित करें।
झारखंड और JPSC प्रासंगिकता
- JPSC पेपर: सामान्य अध्ययन पेपर 2 (शासन और विकास), पेपर 3 (पर्यावरण और अर्थव्यवस्था)
- झारखंड कोण: झारखंड के आदिवासी सांस्कृतिक उत्सव और इको-टूरिज्म पहलों को अंडमान के विशेष ब्रांडिंग और समेकित शासन मॉडल से सीख मिल सकती है।
- मुख्य बिंदु: झारखंड में आदिवासी सांस्कृतिक संवर्धन की तुलना अंडमान के मॉडल से करते हुए उत्तर तैयार करें; संवैधानिक सुरक्षा और सतत पर्यटन नीतियों पर जोर दें।
अंडमान ने 2024 में कौन-कौन से दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह ने मार्च 2024 में 200 से अधिक प्रतिभागियों के साथ सबसे बड़ा नारियल ऑर्केस्ट्रा और 500 मीटर से लंबी सबसे लंबी बाँसुरी श्रृंखला स्थापित की, जिन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने प्रमाणित किया।
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लिए कौन सा संवैधानिक प्रावधान विशेष शासन देता है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 371B अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लिए विशेष प्रावधान देता है, जो केंद्रित शासन और विकास को सक्षम बनाता है।
पर्यटन का अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है?
पर्यटन द्वीपों की GDP में लगभग 15% योगदान देता है और इसकी वार्षिक वृद्धि दर 8.5% है, साथ ही 2023-24 में पर्यटन बुनियादी ढांचे के लिए ₹150 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
अंडमान में पर्यावरण पर्यटन के लिए वन्यजीव संरक्षण का कानूनी आधार कौन सा अधिनियम है?
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2002), विशेषकर धारा 2 और 38, अंडमान में वन्यजीव संरक्षण को नियंत्रित करता है, जो पर्यावरण पर्यटन की स्थिरता के लिए आवश्यक है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने स्थानीय रोजगार और हस्तशिल्प बिक्री पर क्या प्रभाव डाला?
रिकॉर्ड कार्यक्रमों के बाद स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री में 20% की वृद्धि हुई और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार में Q1 2024 में 7% की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो आर्थिक प्रभाव को दर्शाता है।
आधिकारिक स्रोत और आगे पढ़ाई के लिए
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