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स्वच्छ ऊर्जा में तेजी और जीवाश्म ईंधन की गिरावट: ग्लोबल इलेक्ट्रिसिटी रिव्यू 2025

2025 में वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का सारांश

साल 2025 में, वैश्विक बिजली क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि और जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में गिरावट दर्ज हुई। भारत ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई, जहां उसने 38 GW की सौर क्षमता जोड़ी, जिससे वह अमेरिका से आगे निकल गया। साथ ही, भारत में जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में 3.3% की कमी आई। विश्व स्तर पर, नवीकरणीय ऊर्जा ने 33.8% बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी हासिल की, जो कोयले के 33.0% हिस्से से पहली बार सदी बाद अधिक है (Global Electricity Review 2026, Ember; IEA 2026)। यह बदलाव वैश्विक कार्बन न्यूनीकरण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

UPSC से प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: अवसंरचना – ऊर्जा क्षेत्र, पर्यावरण और पारिस्थितिकी
  • निबंध: भारत का ऊर्जा संक्रमण और जलवायु प्रतिबद्धताएँ
  • ध्यान केंद्रित: Electricity Act 2003, National Solar Mission, और जीवाश्म ईंधन की गिरावट का प्रभाव

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचा

Electricity Act, 2003 बिजली दरों के नियमन (धारा 61) और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने (धारा 86) का कानूनी आधार प्रदान करता है, जिसमें Renewable Purchase Obligations (RPOs) शामिल हैं। Energy Conservation Act, 2001 (2010 में संशोधित) ऊर्जा दक्षता मानक लागू करता है, जो नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करता है। National Solar Mission, जो National Action Plan on Climate Change (NAPCC) के तहत 2010 में शुरू हुआ, ने सौर ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए। Environment Protection Act, 1986 बिजली परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी का प्रबंधन करता है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के MNRE बनाम Solar Power Developers मामले में RPOs की बाध्यकारी प्रकृति को मजबूत किया गया, जिससे नीति क्रियान्वयन सख्त हुआ।

  • MNRE: नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों का निर्माण और क्रियान्वयन करता है।
  • CEA: डेटा संग्रह, योजना और बिजली क्षेत्र की निगरानी करता है।
  • SECI: सौर ऊर्जा परियोजनाओं और नीलामी का संचालन करता है।
  • NITI Aayog: रणनीतिक ऊर्जा संक्रमण की योजना बनाता है।
  • IEA: वैश्विक ऊर्जा डेटा और नीति विश्लेषण प्रदान करता है।

2025 के ऊर्जा बदलाव के आर्थिक पहलू

2025 में भारत ने 38 GW सौर क्षमता जोड़ी, जो अमेरिका से अधिक है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की दिशा स्पष्ट हुई। भारत में नवीकरणीय बिजली उत्पादन 24% बढ़ा, जबकि जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन में 3.3% की गिरावट आई, जो वर्षों की बढ़ोतरी को तोड़ने वाला बदलाव है। वैश्विक स्तर पर, बिजली मांग में 75% वृद्धि नवीकरणीय ऊर्जा, खासकर सौर ऊर्जा द्वारा पूरी हुई। इस बदलाव से कोयला खनन में रोजगार घटे और जीवाश्म ईंधन आयात कम हुए, जिससे भारत को अरबों रुपये की बचत हो सकती है (CEA Annual Report 2025-26; MNRE Annual Report 2025-26; SECI 2026)।

  • 2025 में वैश्विक बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 33.8% रहा, जबकि कोयला 33.0% पर रहा।
  • वैश्विक जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन लगभग स्थिर रहा (-0.2%)।
  • भारत में जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन 3.3% घटा, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा 24% बढ़ी।
  • सौर ऊर्जा भारत में सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा स्रोत बन गई, जलविद्युत को पीछे छोड़ते हुए।

भारत और चीन के ऊर्जा संक्रमण की तुलना

मापदंड भारत (2025) चीन (2025)
नवीकरणीय बिजली का हिस्सा 33.8% 29%
जीवाश्म ईंधन उत्पादन की स्थिति 3.3% की गिरावट स्थिर, मामूली वृद्धि के साथ
सौर क्षमता वृद्धि 38 GW (दुनिया में 2रा स्थान) दुनिया में सबसे अधिक (सटीक GW निर्दिष्ट नहीं)
नीति पर जोर मजबूत RPO लागू करना, National Solar Mission कोयले से संक्रमण पर ध्यान, लेकिन जीवाश्म ईंधन में धीमी गिरावट
ग्रिड एकीकरण चुनौतियां पुराने ग्रिड कोड और भंडारण की कमी के कारण महत्वपूर्ण ग्रिड आधुनिकीकरण में अग्रणी

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की चुनौतियां

तेजी से क्षमता बढ़ने के बावजूद, भारत को ग्रिड एकीकरण और भंडारण संरचना में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने ग्रिड कोड और बड़े पैमाने पर बैटरी भंडारण की नीतियों के अभाव में नवीकरणीय ऊर्जा का पूरा उपयोग नहीं हो पाता, जिससे करटेलमेंट की समस्या होती है। ये अवसंरचनात्मक कमियां भारत को उन देशों की तुलना में पीछे रखती हैं, जहां ग्रिड आधुनिकीकरण की बेहतर रणनीतियां लागू हैं (Global Electricity Review 2026)।

  • ग्रिड करटेलमेंट: लचीलेपन और भंडारण की कमी के कारण।
  • बड़े पैमाने पर बैटरी भंडारण नीतियों का अभाव।
  • परिवर्ती नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ग्रिड कोड में सुधार की जरूरत।
  • ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की आवश्यकता।

महत्व और आगे का रास्ता

  • 2025 में नवीकरणीय ऊर्जा की तेजी और जीवाश्म ईंधन की गिरावट ने भारत को वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं, खासकर पेरिस समझौते के अनुरूप लाया है।
  • RPOs के कड़ाई से पालन और National Solar Mission के लक्ष्यों को बढ़ाकर इस गति को बनाए रखना जरूरी है।
  • ग्रिड संरचना का आधुनिकीकरण और बड़े पैमाने पर भंडारण समाधान को प्रोत्साहित करना नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को अधिकतम करेगा।
  • आर्थिक रूप से, इससे जीवाश्म ईंधन आयात कम होंगे, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • MNRE, CEA, SECI और NITI Aayog के बीच नीति समन्वय से ऊर्जा संक्रमण सहज होगा।

प्रश्न अभ्यास

भारत में 2025 में नवीकरणीय ऊर्जा की तेजी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. 2025 में भारत की नवीकरणीय बिजली उत्पादन में 24% वृद्धि हुई।
  2. 2025 में भारत की कुल बिजली उत्पादन में सौर ऊर्जा का हिस्सा 50% से अधिक था।
  3. Electricity Act, 2003 में Renewable Purchase Obligations (RPOs) का प्रावधान है।

इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (c)

कथन 1 सही है क्योंकि 2025 में नवीकरणीय उत्पादन में 24% वृद्धि हुई (MNRE Annual Report 2025-26)। कथन 2 गलत है; सौर ऊर्जा कुल उत्पादन का 50% से अधिक नहीं था, लेकिन सबसे बड़ा स्वच्छ स्रोत बन गया। कथन 3 सही है; Electricity Act, 2003 के तहत RPOs अनिवार्य हैं (धारा 86)।

2025 में वैश्विक बिजली उत्पादन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. नवीकरणीय ऊर्जा ने 33.8% हिस्सेदारी लेकर कोयले को पीछे छोड़ा।
  2. वैश्विक जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में 2% की वृद्धि हुई।
  3. सौर ऊर्जा ने वैश्विक बिजली मांग वृद्धि का लगभग 75% पूरा किया।

इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  • (a) केवल 1 और 3
  • (b) केवल 2
  • (c) केवल 1 और 2
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (a)

कथन 1 सही है; नवीकरणीय ऊर्जा ने कोयले को 33.8% के मुकाबले 33.0% पर पीछे छोड़ा (IEA 2026)। कथन 2 गलत है; जीवाश्म ईंधन उत्पादन लगभग स्थिर रहा (-0.2%)। कथन 3 सही है; सौर ऊर्जा ने वैश्विक बिजली मांग वृद्धि का 75% पूरा किया (Ember 2026)।

मुख्य प्रश्न

2025 में भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से बढ़ने और जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में गिरावट के पीछे मुख्य कारण क्या हैं? इस बदलाव का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं पर क्या प्रभाव पड़ा है? (250 शब्द)

झारखंड और JPSC से प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: GS पेपर 3 – ऊर्जा और पर्यावरण
  • झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड प्रमुख कोयला खनन राज्य है; जीवाश्म ईंधन उत्पादन में गिरावट से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।
  • मुख्य बिंदु: कोयले की गिरावट के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा रोजगार व अवसंरचना विकास की संभावनाओं पर जवाब तैयार करें।
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कौन-कौन से कानूनी प्रावधान हैं?

Electricity Act, 2003 के तहत धारा 86 में Renewable Purchase Obligations (RPOs) अनिवार्य हैं। Energy Conservation Act, 2001 (2010 में संशोधित) ऊर्जा दक्षता मानक तय करता है। National Solar Mission, NAPCC के अंतर्गत सौर क्षमता विस्तार के लक्ष्य रखता है। Environment Protection Act, 1986 पर्यावरण मंजूरी का नियंत्रण करता है।

2025 में भारत ने कितनी सौर क्षमता जोड़ी?

भारत ने 2025 में 38 GW सौर क्षमता स्थापित की, जो अमेरिका से अधिक है और चीन के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर है (SECI Data, 2026)।

2025 में वैश्विक बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा कितना था?

2025 में नवीकरणीय ऊर्जा ने वैश्विक बिजली उत्पादन में 33.8% हिस्सेदारी हासिल की, जो कोयले के 33.0% से अधिक है, यह पहली बार 100 वर्षों में हुआ है (IEA, 2026)।

भारत को नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण में कौन-कौन सी चुनौतियां हैं?

भारत को पुराने ग्रिड कोड, बड़े पैमाने पर बैटरी भंडारण की कमी और करटेलमेंट की समस्याओं के कारण ग्रिड एकीकरण में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा का पूरा फायदा नहीं मिल पाता (Global Electricity Review 2026)।

2025 में भारत का जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन कैसा रहा?

2025 में भारत का जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन 3.3% घट गया, जो लगातार बढ़ने के रुझान को तोड़ता है और बिजली उत्पादन में संरचनात्मक बदलाव का संकेत देता है (CEA Annual Report 2025-26)।

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