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Governance · Exam Notes

UNDP रिपोर्ट: पश्चिम एशिया संघर्ष का एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर मानव विकास और आर्थिक प्रभाव

फरवरी 2024 में जारी UNDP रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक बोझ बढ़ाया है और मानव विकास के कई हासिल किए गए लाभों को पीछे धकेल दिया है। भारत में गरीबी में 24.6 लाख तक की वृद्धि और HDI प्रगति में 0.12 वर्ष तक की कमी संभावित है, जो ईंधन, खाद्य और आजीविका पर अप्रत्यक्ष प्रभावों से निपटने के लिए समेकित नीतिगत उपायों की जरूरत को दर्शाता है।
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Governance
Exam Notes
GS Paper II

Constitution, governance, social justice and institutional analysis

In brief

फरवरी 2024 में जारी UNDP रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक बोझ बढ़ाया है और मानव विकास के कई हासिल किए गए लाभों को पीछे धकेल दिया है। भारत में गरीबी में 24.6 लाख तक की वृद्धि और HDI प्रगति में 0.12 वर्ष तक की कमी संभावित है, जो ईंधन, खाद्य और आजीविका पर अप्रत्यक्ष प्रभावों से निपटने के लिए समेकित नीतिगत उपायों की जरूरत को दर्शाता है।

परिचय: पश्चिम एशिया संघर्ष और एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर UNDP रिपोर्ट

फरवरी 2024 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने “मध्य पूर्व में सैन्य तनाव: एशिया-प्रशांत में मानव विकास पर प्रभाव” शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव कैसे अप्रत्यक्ष रूप से लेकिन गहराई से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मानव विकास संकेतकों को प्रभावित कर रहा है। इसमें आर्थिक नुकसान, गरीबी में वृद्धि और मानव विकास सूचकांक (HDI) की प्रगति में उलटफेर की संख्या दी गई है, और इन प्रभावों को कम करने के लिए समेकित नीतिगत उपायों की जरूरत पर जोर दिया गया है।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध – वैश्विक संघर्षों का क्षेत्रीय विकास और भारत की विदेश नीति पर प्रभाव।
  • GS पेपर 3: अर्थव्यवस्था – अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के आर्थिक परिणाम, गरीबी मापन, और सामाजिक कल्याण योजनाएं।
  • निबंध: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मानव विकास चुनौतियों के बीच संबंध।

पश्चिम एशिया संघर्ष का एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर आर्थिक प्रभाव

UNDP रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र को लगभग $299 बिलियन का आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसका मुख्य कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें, परिवहन लागत में इजाफा और ऊर्जा तथा कच्चे माल पर निर्भर उद्योगों की लागत में वृद्धि है। महंगाई से खरीद शक्ति कम होती है, खाद्य असुरक्षा बढ़ती है और सरकारों के बजट पर दबाव पड़ता है, खासकर उन देशों में जो पश्चिम एशियाई ऊर्जा पर ज्यादा निर्भर हैं।

  • भारत अपनी कच्चे तेल की 40% से अधिक, एलपीजी की 90%, और उर्वरकों की 45% आपूर्ति पश्चिम एशिया से करता है, जिससे यह आपूर्ति झटकों के प्रति संवेदनशील है।
  • पश्चिम एशिया के साथ भारत का व्यापार कुल निर्यात का लगभग 14% और आयात का 20.9% है, जिससे आर्थिक जोखिम बढ़ जाता है।
  • बढ़ती लागतें सामाजिक कल्याण योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और जन वितरण प्रणाली (PDS) के लिए वित्तीय संसाधनों को सीमित कर सकती हैं।

भारत और पड़ोसी देशों के लिए मानव विकास और गरीबी के परिणाम

संघर्ष के अप्रत्यक्ष प्रभावों से लाखों लोग गरीबी में धकेल रहे हैं और HDI की प्रगति उलट रही है। भारत में गरीबी की संख्या लगभग 24.6 लाख तक बढ़ सकती है, जिससे गरीबी दर 23.9% से बढ़कर 24.2% हो जाएगी, यानी गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या 351.5 मिलियन से बढ़कर 354 मिलियन हो जाएगी (UNDP, 2024)। भारत का HDI नुकसान 0.03 से 0.12 वर्ष के बीच अनुमानित है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और आय में पीछे हटने को दर्शाता है।

  • नेपाल और वियतनाम जैसे पड़ोसी देशों में भी HDI में 0.02 से 0.09 वर्ष तक की गिरावट देखी जा रही है, जो क्षेत्रीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।
  • ईरान, जो सीधे संघर्ष से प्रभावित है, को 1 से 1.5 वर्ष तक की HDI हानि का सामना करना पड़ रहा है।
  • चीन पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम है क्योंकि उसकी पश्चिम एशियाई ऊर्जा पर निर्भरता कम है।

भारत के लिए संवैधानिक और कानूनी ढांचा

हालांकि यह UNDP रिपोर्ट एक बाहरी दस्तावेज है, भारत के कई संवैधानिक प्रावधान और कानून गरीबी और मानव विकास की चुनौतियों से निपटने के लिए घरेलू आधार प्रदान करते हैं, जो ऐसे संघर्षों से बढ़ सकती हैं।

  • Article 21 जीवन और आजीविका का अधिकार सुनिश्चित करता है, जो आर्थिक झटकों से नागरिकों की सुरक्षा का आधार है।
  • Article 39(a) (निर्देशक सिद्धांत) सभी नागरिकों के लिए उचित आजीविका सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) कमजोर वर्गों को सब्सिडी वाले खाद्य अनाज उपलब्ध कराकर खाद्य असुरक्षा को कम करता है।
  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक कल्याण योजनाएं वंचितों को लक्षित सहायता देती हैं।
  • भारत की संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के प्रति प्रतिबद्धता 2030 एजेंडा के तहत गरीबी उन्मूलन और मानव विकास के लक्ष्यों को शामिल करती है, जिन्हें ऐसे संघर्ष चुनौती देते हैं।

प्रभावों से निपटने में संस्थागत भूमिकाएं

  • UNDP: संघर्षों के मानव विकास प्रभावों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और नीति सुझाव तैयार करता है।
  • नीति आयोग: भारत में SDG कार्यान्वयन का समन्वय करता है और गरीबी तथा मानव विकास की प्रगति की निगरानी करता है।
  • वित्त मंत्रालय: आर्थिक झटकों को कम करने के लिए वित्तीय नीति और बजटीय आवंटन का प्रबंधन करता है।
  • उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय: खाद्य सुरक्षा योजनाओं और PDS के क्रियान्वयन की देखरेख करता है।
  • विश्व बैंक: आर्थिक आंकड़े, गरीबी अनुमान और विकास वित्तपोषण सहायता प्रदान करता है।

एशिया-प्रशांत में HDI प्रभाव की तुलनात्मक समीक्षा

देशअनुमानित HDI हानि (वर्ष)संघर्ष संपर्कमुख्य कारण
भारत0.03 – 0.12अप्रत्यक्षईंधन और उर्वरक आयात के जरिए आर्थिक प्रभाव
नेपाल0.02 – 0.09अप्रत्यक्षक्षेत्रीय आर्थिक संबंध और व्यापार बाधाएं
वियतनाम0.02 – 0.07अप्रत्यक्षवैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महंगाई
ईरान1.0 – 1.5प्रत्यक्षसैन्य संघर्ष और प्रतिबंध
चीनन्यूनतमअप्रत्यक्षपश्चिम एशिया ऊर्जा पर कम निर्भरता

महत्वपूर्ण नीति अंतर: अप्रत्यक्ष आर्थिक प्रभावों का कम आकलन

वर्तमान में एशिया-प्रशांत के देशों में, भारत समेत, नीतियां सीधे संघर्ष क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती हैं और ईंधन व खाद्य कीमतों में अप्रत्यक्ष वृद्धि जैसे आर्थिक प्रभावों को कम आंकती हैं। इससे गरीबी के प्रभावों का सही अनुमान नहीं लग पाता और कमजोर वर्गों के लिए बजटीय प्रावधान अपर्याप्त रह जाते हैं। UNDP रिपोर्ट समेकित आर्थिक और सामाजिक नीतियों की जरूरत पर जोर देती है जो इन अप्रत्यक्ष झटकों का पूर्वानुमान लगाकर उन्हें कम कर सकें।

आगे का रास्ता: मानव विकास पर प्रभाव को कम करने के लिए नीति सुझाव

  • संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों पर निर्भरता कम करने के लिए ऊर्जा विविधीकरण को बढ़ावा देना, विशेषकर नवीकरणीय ऊर्जा का तेजी से अपनाना।
  • महंगाई के झटकों को सहने के लिए PDS और सीधे नकद हस्तांतरण जैसी सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करना।
  • गरीबी और खाद्य असुरक्षा की वास्तविक समय में निगरानी के लिए डेटा एनालिटिक्स का बेहतर उपयोग, ताकि समय पर नीतिगत हस्तक्षेप हो सकें।
  • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों के साथ तकनीकी और वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना।
  • राष्ट्रीय आर्थिक योजना और SDG निगरानी में संघर्ष के प्रभावों का समावेश करना।

पश्चिम एशिया संघर्ष पर UNDP रिपोर्ट के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी दर में 0.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि हो सकती है।
  2. रिपोर्ट के मुताबिक भारत को ईरान की तुलना में अधिक HDI नुकसान झेलना पड़ सकता है।
  3. एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर संघर्ष का आर्थिक प्रभाव लगभग $300 बिलियन आंका गया है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 3
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 2
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (a)

कथन 1 सही है; भारत की गरीबी दर 23.9% से बढ़कर 24.2% हो सकती है, जो 0.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि है। कथन 2 गलत है; ईरान को भारत की तुलना में कहीं अधिक HDI नुकसान (1 से 1.5 वर्ष) झेलना पड़ रहा है। कथन 3 सही है; एशिया-प्रशांत पर आर्थिक प्रभाव $299 बिलियन आंका गया है।

गरीबी उन्मूलन से संबंधित भारत के संवैधानिक प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें:

  1. Article 21 जीवन और आजीविका का अधिकार सुनिश्चित करता है।
  2. Article 39(a) राज्य को सभी नागरिकों के लिए उचित आजीविका सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
  3. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 सभी नागरिकों को सार्वभौमिक मूल आय प्रदान करता है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (a)

कथन 1 सही है; Article 21 जीवन और आजीविका का अधिकार देता है। कथन 2 सही है; Article 39(a) आजीविका सुनिश्चित करने का निर्देशक सिद्धांत है। कथन 3 गलत है; NFSA सब्सिडी वाले खाद्य अनाज प्रदान करता है, सार्वभौमिक मूल आय नहीं।

मेन्स प्रश्न

पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मानव विकास संकेतकों को कैसे प्रभावित कर रहा है, इस पर चर्चा करें। इस संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का विश्लेषण करें और भारत द्वारा अपनाए जाने वाले नीतिगत उपाय सुझाएं जो इन प्रभावों को कम कर सकें। (250 शब्द)

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 2 (शासन और सामाजिक मुद्दे) – अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव।
  • झारखंड संदर्भ: बढ़ती ईंधन और उर्वरक कीमतें कृषि पर निर्भर झारखंड की ग्रामीण आबादी को प्रभावित कर रही हैं, जिससे गरीबी और खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है।
  • मेन्स संकेत: वैश्विक संघर्षों से उत्पन्न महंगाई को स्थानीय आजीविका चुनौतियों से जोड़ें; राज्य स्तरीय सामाजिक कल्याण योजनाओं और ऊर्जा विविधीकरण की भूमिका पर जोर दें।
पश्चिम एशिया संघर्ष भारत की ऊर्जा सुरक्षा को कैसे प्रभावित करता है?

भारत अपनी तेल और एलपीजी जरूरतों का 90% से अधिक पश्चिम एशिया से आयात करता है, जिसमें कच्चे तेल का 40% और एलपीजी का 90% हिस्सा शामिल है। संघर्ष के कारण आपूर्ति में बाधा और कीमतों में वृद्धि आर्थिक स्थिरता और महंगाई को प्रभावित करती है।

पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण भारत में गरीबी में कितनी वृद्धि अनुमानित है?

UNDP रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 24.6 लाख अतिरिक्त लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं, जिससे गरीबी दर 23.9% से बढ़कर 24.2% हो जाएगी और कुल गरीबों की संख्या 351.5 मिलियन से बढ़कर 354 मिलियन हो जाएगी।

भारत में आजीविका और गरीबी उन्मूलन से जुड़े कौन-कौन से संवैधानिक प्रावधान हैं?

Article 21 जीवन और आजीविका का अधिकार सुनिश्चित करता है, जबकि Article 39(a) राज्य को सभी नागरिकों के लिए उचित आजीविका उपलब्ध कराने का निर्देश देता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

UNDP रिपोर्ट भारत के HDI नुकसान को कैसे मापती है?

भारत को पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा और आय में हुए व्यवधान के चलते HDI प्रगति में 0.03 से 0.12 वर्ष तक की हानि हो सकती है।

ईरान का HDI नुकसान भारत की तुलना में अधिक क्यों है?

ईरान सीधे सैन्य संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे उसका HDI नुकसान 1 से 1.5 वर्ष के बीच है, जो भारत की अप्रत्यक्ष संपर्क वाली स्थिति की तुलना में काफी अधिक है।

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