भारत के उपराष्ट्रपति के 2024 श्रीलंका दौरे का अवलोकन
अप्रैल 2024 में भारत के उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका का दौरा किया, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नीतिगत घोषणाओं और विकास सहयोग के माध्यम से और गहरा करना था। इस दौरे में विशेष रूप से भारतीय मूल तमिलों की छठी पीढ़ी के लिए Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड की पात्रता बढ़ाने, सामाजिक-आर्थिक कल्याण योजनाओं की शुरुआत करने और संघर्षोत्तर तथा आपदापरांत विकास सहायता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह दौरा श्रीलंका की पुनर्प्राप्ति और प्रवासी कूटनीति में भारत की भूमिका को मजबूती प्रदान करता है।
UPSC प्रासंगिकता
- GS पेपर 2: भारत की पड़ोसी नीति, द्विपक्षीय संबंध, अंतरराष्ट्रीय संधियाँ
- GS पेपर 3: आर्थिक सहयोग, आपदा प्रबंधन, विकास सहायता
- निबंध: दक्षिण एशिया में भारत की भूमिका और प्रवासी कूटनीति
OCI कार्ड विस्तार को नियंत्रित करने वाला कानूनी ढांचा
Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड योजना Citizenship Act, 1955 (2015 में संशोधित) और Citizenship (Amendment) Rules, 2003 के तहत संचालित होती है। इस अधिनियम की धारा 7A के अंतर्गत भारतीय मूल के व्यक्तियों को OCI कार्ड जारी करने का अधिकार गृह मंत्रालय (MHA) को प्राप्त है। हाल ही में भारतीय मूल तमिलों की छठी पीढ़ी तक पात्रता बढ़ाना MHA की नीति निर्णय है, जिसका मकसद प्रवासी समुदाय के साथ संबंध मजबूत करना है, न कि पूर्ण नागरिकता देना।
- OCI कार्डधारक जीवनभर बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं, रोजगार के अधिकार रखते हैं और आर्थिक, शैक्षिक व सामाजिक क्षेत्रों में NRI के समानाधिकार प्राप्त हैं, लेकिन वे मतदान या सार्वजनिक पद नहीं संभाल सकते।
- दौरे के दौरान हस्ताक्षरित द्विपक्षीय MoU विदेश मंत्रालय (MEA) के अंतर्गत आते हैं और Foreign Exchange Management Act, 1999 के तहत वित्तीय सहायता और सहयोग की पुष्टि करते हैं।
- यह विस्तार कनाडा जैसे देशों से भिन्न है, जहां Citizenship Act, 1977 के तहत विदेश में नागरिकता केवल दूसरी पीढ़ी तक सीमित है।
भारतीय मूल तमिलों के लिए सामाजिक-आर्थिक पहल
उपराष्ट्रपति के दौरे ने श्रीलंका में भारतीय मूल तमिलों, खासकर एस्टेट श्रमिकों के कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया। Ceylon Estate Workers’ Education Trust को शिक्षा और सामाजिक उन्नति बेहतर बनाने के लिए बढ़ावा दिया गया। साथ ही, Indian Housing Project के तीसरे चरण के तहत 145 घर सौंपे गए, जो एस्टेट समुदायों में आवास की गंभीर कमी को दूर करने का प्रयास है।
- इन पहलों का मकसद भारतीय मूल तमिलों को सामाजिक और आर्थिक रूप से एकीकृत करना है, जिससे उनके ऐतिहासिक रूप से हुए उपेक्षा को कम किया जा सके।
- श्रीलंका के मत्स्य और जलीय संसाधन विकास मंत्रालय के साथ सहयोग मछुआरों की आजीविका से जुड़ी संवेदनशील द्विपक्षीय समस्याओं को हल करने में मदद करता है।
- Indian Technical and Economic Cooperation (ITEC) के तहत क्षमता निर्माण कार्यक्रम कौशल विकास और संस्थागत मजबूती में सहायक हैं।
विकास सहायता और आपदा राहत सहयोग
भारत ने 2024 में चक्रवात दितवाह के बाद श्रीलंका की आपदा पुनर्प्राप्ति के लिए लगभग INR 500 करोड़ (~USD 60 मिलियन) आवंटित किए। पूर्वी प्रांत में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मल्लैतीवु अस्पताल का निर्माण भी इस सहयोग का हिस्सा है। 2023-24 में भारत की श्रीलंका को कुल विकास सहायता USD 150 मिलियन है, जो मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित है।
- भारत मानवीय संकटों में पहला प्रतिक्रिया देने वाला देश है, जो श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करता है।
- वित्त वर्ष 2022-23 में द्विपक्षीय व्यापार USD 3.6 बिलियन था, जिसमें भारत श्रीलंका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है (वाणिज्य मंत्रालय, 2023)।
- विकास सहयोग भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में सुरक्षा प्रदाता के रूप में उसकी भूमिका को सुदृढ़ करता है।
भारत–श्रीलंका संबंधों का ऐतिहासिक और रणनीतिक संदर्भ
भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन अशोक सम्राट के बौद्ध मिशनों से जुड़ी गहरी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कड़ियां हैं। स्वतंत्रता के बाद द्विपक्षीय संबंधों को विशेष रूप से तमिल मुद्दे और आर्थिक परस्पर निर्भरता ने आकार दिया। हाल की भागीदारी प्रवासी नीतियों में समावेशिता और विकास सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक पुनः समायोजन को दर्शाती है।
- भारत की पड़ोसी प्रथम नीति दक्षिण एशिया में स्थिरता और विकास को प्राथमिकता देती है, जिसमें श्रीलंका एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
- OCI लाभों का छठी पीढ़ी तक विस्तार भारत की प्रवासी जुड़ाव की समावेशी नीति को दर्शाता है, जो कनाडा जैसे देशों की दूसरी पीढ़ी की सीमा से आगे है।
- भारत का संतुलित दृष्टिकोण श्रीलंका की जातीय संवेदनशीलताओं का सम्मान करते हुए आर्थिक और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देता है।
प्रवासी जुड़ाव नीतियों की तुलना: भारत बनाम कनाडा
| पहलू | भारत | कनाडा |
|---|---|---|
| कानूनी आधार | Citizenship Act, 1955 (2015 में संशोधित) | Citizenship Act, 1977 |
| OCI/नागरिकता हस्तांतरण | छठी पीढ़ी तक भारतीय मूल तमिल OCI के पात्र | विदेश में जन्मी दूसरी पीढ़ी तक नागरिकता सीमित |
| प्रदान किए गए अधिकार | वीजा-मुक्त यात्रा, रोजगार, शिक्षा; मतदान का अधिकार नहीं | पूर्ण नागरिकता अधिकार, जिसमें मतदान शामिल है |
| नीति उद्देश्य | प्रवासी संबंधों, सांस्कृतिक और आर्थिक कड़ियों को मजबूत करना | सीमित पीढ़ीगत हस्तांतरण के साथ नागरिकता की अखंडता बनाए रखना |
श्रीलंका में भारतीय मूल तमिलों के प्रति भारत की नीति में महत्वपूर्ण कमियां
OCI पात्रता बढ़ाए जाने के बावजूद श्रीलंका में कई भारतीय मूल तमिलों के पास औपचारिक नागरिकता नहीं है, जिससे उनके सामाजिक कल्याण और राजनीतिक अधिकारों तक पहुंच सीमित है। भारत की मौजूदा नीति इन कानूनी और मानवीय खामियों को पूरी तरह से संबोधित नहीं करती, जिससे उनकी स्थिति पर प्रभाव डालने की क्षमता सीमित हो जाती है। इसके लिए श्रीलंका के साथ कूटनीतिक बातचीत के जरिए प्राकृतिककरण और अधिकार संरक्षण को बढ़ावा देना आवश्यक होगा।
- OCI कार्डधारकों को भारत में मतदान या राजनीतिक भागीदारी का अधिकार नहीं है, जिससे प्रवासी राजनीतिक समावेशन सीमित होता है।
- श्रीलंका में गैर-नागरिक भारतीय मूल तमिल शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में बाधाओं का सामना करते हैं।
- भारत की कूटनीति को संप्रभुता के मुद्दों और अल्पसंख्यक अधिकारों के समर्थन के बीच संतुलन बनाना होगा।
महत्व और आगे का रास्ता
- उपराष्ट्रपति के दौरे ने श्रीलंका में भारत की विकास साझेदारी और प्रवासी समर्थनकर्ता के रूप में स्थिति को मजबूत किया है।
- OCI पात्रता का छठी पीढ़ी तक विस्तार तमिल प्रवासी समुदाय की सांस्कृतिक और आर्थिक जुड़ाव को बढ़ाता है।
- लक्षित सामाजिक-आर्थिक पहलें भारतीय मूल तमिलों के कल्याण में लंबे समय से मौजूद कमियों को दूर कर सामाजिक समानता को बढ़ावा देती हैं।
- विकास सहायता और आपदा राहत सहयोग से भारतीय महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत होती है।
- नागरिकता और कानूनी स्थिति के अंतराल को दूर करने के लिए निरंतर कूटनीतिक प्रयास और नवाचारी नीतिगत उपाय जरूरी हैं ताकि समावेशी कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।
- OCI कार्डधारकों को भारतीय चुनावों में पूर्ण मतदान अधिकार प्राप्त हैं।
- 2024 में भारत के उपराष्ट्रपति के श्रीलंका दौरे के दौरान OCI पात्रता भारतीय मूल तमिलों की छठी पीढ़ी तक बढ़ाई गई।
- OCI योजना Citizenship Act, 1955 और इसके संशोधनों के तहत संचालित होती है।
- वित्त वर्ष 2022-23 में भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
- 2024 में भारत ने चक्रवात दितवाह के बाद सहायता के लिए USD 60 मिलियन आवंटित किए।
- 2023-24 में भारत की श्रीलंका को कुल विकास सहायता USD 150 मिलियन है।
मुख्य प्रश्न
भारत के उपराष्ट्रपति के 2024 श्रीलंका दौरे से भारत की दक्षिण एशियाई रणनीतिक प्राथमिकताओं, विशेषकर प्रवासी जुड़ाव और विकास सहयोग के संदर्भ में चर्चा करें। (250 शब्द)
झारखंड और JPSC प्रासंगिकता
- JPSC पेपर: GS पेपर 2 - अंतरराष्ट्रीय संबंध और पड़ोसी कूटनीति
- झारखंड दृष्टिकोण: झारखंड में प्रवासी आबादी है जो सीमा पार व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में लगी है; भारत-श्रीलंका प्रवासी नीतियों से राज्य स्तर पर प्रवासी जुड़ाव रणनीतियों को सीख मिल सकती है।
- मुख्य बिंदु: भारत की पड़ोसी प्रथम नीति, प्रवासी कूटनीति और सामाजिक-आर्थिक कल्याण पहलों को भारत-श्रीलंका संबंधों के उदाहरणों के साथ प्रस्तुत करें।
OCI कार्ड क्या है और इसे कौन नियंत्रित करता है?
OCI कार्ड भारतीय मूल के लोगों के लिए जीवनभर वैध वीजा और निवास अनुमति है, जो Citizenship Act, 1955 (2015 में संशोधित) और Citizenship (Amendment) Rules, 2003 के तहत संचालित है। इसका निर्गमन गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित होता है।
भारत के उपराष्ट्रपति के श्रीलंका दौरे के दौरान OCI कार्ड पात्रता में क्या हालिया बदलाव आया?
OCI कार्ड पात्रता भारतीय मूल तमिलों की छठी पीढ़ी तक बढ़ाई गई है, जिससे प्रवासी संबंध मजबूत हों और सामाजिक-आर्थिक समावेशन में मदद मिले।
2023-24 में भारत ने श्रीलंका को कितनी विकास सहायता दी है?
भारत ने 2023-24 में श्रीलंका को कुल USD 150 मिलियन की विकास सहायता दी है, जो बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और आपदा राहत पर केंद्रित है।
श्रीलंका में भारतीय मूल तमिलों के लिए कौन-कौन सी प्रमुख सामाजिक-आर्थिक पहल शुरू की गई हैं?
प्रमुख पहलों में Ceylon Estate Workers’ Education Trust को समर्थन देना और Indian Housing Project के तीसरे चरण में 145 घरों का हस्तांतरण शामिल है, जो शिक्षा और आवास सुधारने की दिशा में हैं।
भारत की OCI नीति की तुलना कनाडा की नागरिकता नीति से कैसे होती है?
भारत OCI पात्रता छठी पीढ़ी तक बढ़ाता है, जबकि कनाडा नागरिकता की पीढ़ीगत हस्तांतरण को दूसरी पीढ़ी तक सीमित करता है, जो भारत की प्रवासी जुड़ाव में अधिक समावेशिता को दर्शाता है।
स्रोत: LearnPro Editorial | सामान्य अध्ययन | प्रकाशित: 20 April 2026 | अंतिम अपडेट: 26 April 2026
लर्नप्रो संपादकीय मानकों के बारे में
लर्नप्रो की संपादकीय सामग्री सिविल सेवा तैयारी में अनुभवी विषय विशेषज्ञों द्वारा शोधित और समीक्षित है। हमारे लेख सरकारी स्रोतों, NCERT पाठ्यपुस्तकों, मानक संदर्भ सामग्री और प्रतिष्ठित प्रकाशनों जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस और PIB से लिए गए हैं।
सामग्री को नवीनतम पाठ्यक्रम परिवर्तनों, परीक्षा पैटर्न और वर्तमान घटनाक्रमों के अनुसार नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। सुधार या प्रतिक्रिया के लिए admin@learnpro.in पर संपर्क करें।
