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UPSC Prelims Syllabus 2025 प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के पहले चरण की संरचना और विषयों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इस महत्वपूर्ण चरण में दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के पेपर शामिल हैं: सामान्य अध्ययन (GS) पेपर-I और सामान्य अध्ययन (GS) पेपर-II (CSAT)। दोनों पेपर एक उम्मीदवार के ज्ञान, योग्यता और निर्णय लेने की क्षमताओं का आकलन करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो मुख्य परीक्षा के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करते हैं।

UPSC Prelims 2025: मुख्य परीक्षा विवरण

विशेषता GS पेपर-I GS पेपर-II (CSAT)
उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट प्रकृति में अर्हक (क्वालिफाइंग)
अधिकतम अंक 200 200
अवधि 2 घंटे 2 घंटे
अर्हक मानदंड अंक मुख्य परीक्षा के लिए चयन निर्धारित करते हैं न्यूनतम 33% आवश्यक
नकारात्मक अंकन गलत उत्तरों के लिए 1/3 अंक की कटौती गलत उत्तरों के लिए 1/3 अंक की कटौती

सामान्य अध्ययन (GS) पेपर-I: विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन पेपर-I एक व्यापक पेपर है जो विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है। इस पेपर में प्राप्त अंक मुख्य परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, हालांकि उन्हें अंतिम योग्यता सूची में नहीं गिना जाता है।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ

इस खंड में उम्मीदवारों को विभिन्न क्षेत्रों में नवीनतम समाचारों और महत्वपूर्ण विकासों से अपडेट रहने की आवश्यकता है। फोकस क्षेत्रों में राजनीति, अर्थशास्त्र, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, खेल और संस्कृति शामिल हैं। भारत और दुनिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और संबंधों को समझना भी आवश्यक है।

भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

  • प्राचीन इतिहास: सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल और मौर्य व गुप्त जैसे प्रमुख साम्राज्यों का अध्ययन करें।
  • मध्यकालीन इतिहास: दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य और अन्य महत्वपूर्ण राजवंशों का अन्वेषण करें।
  • आधुनिक इतिहास: ब्रिटिश शासन, स्वतंत्रता आंदोलन और आधुनिक भारत को आकार देने वाले प्रमुख व्यक्तियों की जाँच करें।

भारतीय और विश्व भूगोल – भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल

  • भौतिक भूगोल: भू-आकृतियों, जल निकायों, जलवायु प्रणालियों और पारिस्थितिक तंत्रों के बारे में जानें।
  • मानव भूगोल: जनसंख्या प्रवृत्तियों, शहरीकरण और प्रवासन पैटर्न की जाँच करें।
  • आर्थिक भूगोल: संसाधनों, कृषि पद्धतियों, औद्योगिक विकास और वैश्विक व्यापार पैटर्न का अध्ययन करें।

भारतीय राजव्यवस्था और शासन

  • भारतीय संविधान: इसकी उत्पत्ति, संशोधनों, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझें।
  • राजनीतिक व्यवस्था: संसद, राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और न्यायपालिका के कामकाज का विश्लेषण करें।
  • शासन और नीतियां: पंचायती राज, सार्वजनिक नीतियों, अधिकार संबंधी मुद्दों और शासन के अन्य पहलुओं का अध्ययन करें जो सामाजिक मुद्दों और न्याय को संबोधित करते हैं।

आर्थिक और सामाजिक विकास

  • भारतीय अर्थव्यवस्था: राष्ट्रीय आय, अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों और बजट का अवलोकन।
  • सतत विकास: सतत प्रथाओं और सतत विकास प्राप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पहलों को समझें।
  • सामाजिक मुद्दे: गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाओं जैसी चुनौतियों की जाँच करें।

पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन

  • पारिस्थितिकी: पारिस्थितिक तंत्र, प्रदूषण और संरक्षण प्रयासों का अन्वेषण करें।
  • जैव विविधता: लुप्तप्राय प्रजातियों, जैव विविधता हॉटस्पॉट और संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का अध्ययन करें।
  • जलवायु परिवर्तन: इसके कारणों, प्रभावों और जलवायु संबंधी मुद्दों से निपटने के लिए वैश्विक रणनीतियों को समझें।

सामान्य विज्ञान

यह खंड भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों और अनुप्रयोगों को कवर करता है। ध्यान अक्सर मानव स्वास्थ्य, आनुवंशिकी और अंतरिक्ष व प्रौद्योगिकी में नवाचारों पर होता है, न कि गहन सैद्धांतिक अवधारणाओं पर।

सामान्य अध्ययन (GS) पेपर-II (CSAT): विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन पेपर-II, जिसे आमतौर पर CSAT (सिविल सेवा योग्यता परीक्षा) के नाम से जाना जाता है, एक अर्हक पेपर है। उम्मीदवारों को अपने GS पेपर-I के मूल्यांकन के लिए पात्र होने हेतु न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होंगे।

बोधगम्यता

यह खंड विभिन्न बोधगम्यता अनुच्छेदों के माध्यम से पढ़ने और समझने की क्षमताओं का परीक्षण करता है। उम्मीदवारों को मुख्य विचार को समझना, प्रमुख तर्कों की पहचान करना और दिए गए पाठ से निष्कर्ष निकालना आवश्यक है।

पारस्परिक और संचार कौशल

यह मौखिक और गैर-मौखिक संचार क्षमताओं का आकलन करता है। प्रमुख क्षेत्रों में निर्णय लेना, सक्रिय श्रवण कौशल और भावनात्मक बुद्धिमत्ता शामिल हैं, जो प्रशासनिक भूमिकाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।

तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता

यह तार्किक सोच, कथन विश्लेषण और अनुमान कौशल का मूल्यांकन करता है। इसमें न्यायवाक्य (syllogisms), कथन-निष्कर्ष और आलोचनात्मक तर्क जैसे विषय शामिल हैं।

निर्णय-निर्माण और समस्या-समाधान

उम्मीदवारों को उनकी समस्या-समाधान और निर्णय लेने की दक्षता का परीक्षण करने के लिए स्थितिजन्य प्रश्न दिए जाते हैं, जिनमें अक्सर नैतिक दुविधाएं या प्रशासनिक चुनौतियां शामिल होती हैं।

सामान्य मानसिक क्षमता

यह खंड गणितीय तर्क, संख्या श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग और वर्गीकरण को कवर करता है, जिसे सामान्य योग्यता का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बुनियादी संख्यात्मकता और डेटा व्याख्या

यह बुनियादी संख्यात्मकता का मूल्यांकन करता है, जिसमें प्रतिशत, अनुपात, लाभ और हानि, समय और कार्य, और गति की समस्याएं जैसे विषय शामिल हैं। डेटा व्याख्या ग्राफ, तालिकाओं और चार्ट में प्रस्तुत जानकारी का विश्लेषण करने पर केंद्रित है।

UPSC Prelims के लिए याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • GS पेपर-I और GS पेपर-II दोनों एक ही दिन आयोजित किए जाते हैं।
  • दोनों पेपरों में नकारात्मक अंकन होता है, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक प्रश्न को आवंटित अंकों का 1/3 भाग काटा जाता है।
  • केवल GS पेपर-I के अंक ही मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवार के चयन को निर्धारित करते हैं।
  • GS पेपर-II (CSAT) में न्यूनतम 33% अंक आवश्यक हैं ताकि इसे एक अर्हक पेपर माना जा सके।

UPSC Prelims 2025 के लिए तैयारी के सुझाव

UPSC Prelims Syllabus 2025 एक रणनीतिक और केंद्रित दृष्टिकोण की मांग करता है। प्रभावी तैयारी मुख्य परीक्षा के लिए एक मजबूत नींव सुनिश्चित करती है।

  • गहन पुनरीक्षण: पाठ्यक्रम में उल्लिखित महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करें। अवधारणाओं में महारत हासिल करने और जानकारी को बनाए रखने के लिए नियमित पुनरीक्षण महत्वपूर्ण है।
  • दैनिक समसामयिक घटनाएँ: समसामयिक घटनाएँ Prelims परीक्षा के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर हावी होती हैं। समाचार पत्रों, सरकारी पोर्टलों और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं जैसे विश्वसनीय स्रोतों से नियमित अपडेट आवश्यक हैं।
  • मॉक टेस्ट और पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQs): पाठ्यक्रम के अनुरूप मॉक टेस्ट और PYQs को हल करने से उम्मीदवारों को परीक्षा के पैटर्न, कठिनाई स्तर और समय प्रबंधन से परिचित होने में मदद मिलती है।
  • कमजोर क्षेत्रों पर समर्पित ध्यान: पाठ्यक्रम के भीतर सुधार के क्षेत्रों की पहचान करें और अपने समग्र प्रदर्शन को मजबूत करने के लिए इन विषयों के लिए अतिरिक्त तैयारी का समय आवंटित करें।
  • NCERTs एक नींव के रूप में: अपनी तैयारी को NCERT पाठ्यपुस्तकों के इर्द-गिर्द बनाएं, जो UPSC Prelims Syllabus 2025 में सूचीबद्ध विषयों की मूल बातें कवर करती हैं और एक मजबूत वैचारिक समझ प्रदान करती हैं।

UPSC/राज्य PCS प्रासंगिकता

UPSC Prelims Syllabus सिविल सेवा परीक्षा और विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोग (PCS) परीक्षाओं दोनों के लिए मूलभूत है। GS पेपर-I सीधे UPSC Mains के General Studies Paper-I (इतिहास, भूगोल), General Studies Paper-II (राजव्यवस्था, शासन), General Studies Paper-III (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी) से संबंधित है। CSAT में परीक्षण किए गए विश्लेषणात्मक और निर्णय लेने के कौशल General Studies Paper-IV (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि) और समग्र प्रशासनिक दक्षता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए Prelims पाठ्यक्रम की मजबूत समझ अनिवार्य है।

Prelims बहुविकल्पीय प्रश्न

📝 प्रारंभिक अभ्यास
UPSC सिविल सेवा Prelims परीक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. General Studies Paper-I मुख्य परीक्षा के लिए एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, और इसके अंक Mains के लिए चयन निर्धारित करते हैं।
  2. General Studies Paper-I में प्राप्त अंक सिविल सेवा परीक्षा की अंतिम योग्यता सूची में गिने जाते हैं।
  • a1 only
  • b2 only
  • cBoth 1 and 2
  • dNeither 1 nor 2
उत्तर: (a)
📝 प्रारंभिक अभ्यास
UPSC Prelims General Studies Paper-II (CSAT) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
  1. यह एक अर्हक पेपर है, जहाँ उम्मीदवारों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होंगे।
  2. पाठ्यक्रम में Basic Numeracy, Data Interpretation और Decision-Making जैसे विषय शामिल हैं।
  • a1 only
  • b2 only
  • cBoth 1 and 2
  • dNeither 1 nor 2
उत्तर: (c)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPSC Prelims Syllabus 2025 के प्रमुख घटक क्या हैं?

UPSC Prelims Syllabus 2025 में दो पेपर शामिल हैं: General Studies Paper-I (GS-I) और General Studies Paper-II (CSAT)। GS-I में इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और समसामयिक घटनाएँ जैसे विषय शामिल हैं, जबकि CSAT बोधगम्यता, तार्किक तर्क, निर्णय लेने और बुनियादी संख्यात्मकता का आकलन करता है।

क्या UPSC Prelims में नकारात्मक अंकन होता है?

हाँ, UPSC Prelims के GS पेपर-I और GS पेपर-II दोनों में नकारात्मक अंकन होता है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए, उस प्रश्न को आवंटित अंकों का 1/3 भाग काटा जाएगा।

CSAT के लिए अर्हक मानदंड क्या है?

CSAT (General Studies Paper-II) एक अर्हक पेपर है। अर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को कुल अंकों का न्यूनतम 33% (यानी, 200 में से 66 अंक) प्राप्त करना होगा। ऐसा करने में विफलता के परिणामस्वरूप उनके GS पेपर-I का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

क्या GS पेपर-I के अंक अंतिम योग्यता सूची में गिने जाते हैं?

नहीं, GS पेपर-I में प्राप्त अंकों का उपयोग केवल मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के लिए किया जाता है। उन्हें अंतिम योग्यता सूची में नहीं गिना जाता है, जो Mains परीक्षा और Interview में प्राप्त अंकों से निर्धारित होती है।

Prelims परीक्षा के लिए कुछ आवश्यक तैयारी के सुझाव क्या हैं?

मुख्य तैयारी के सुझावों में पाठ्यक्रम का गहन पुनरीक्षण, समसामयिक घटनाओं से दैनिक जुड़ाव, मॉक टेस्ट और पिछले वर्ष के प्रश्नों को हल करना, कमजोर क्षेत्रों की पहचान करना और उन पर ध्यान केंद्रित करना, और NCERT पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करके एक मजबूत नींव बनाना शामिल है।

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