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परिचय: पश्चिम एशिया संघर्ष और एशिया-प्रशांत में मानव विकास पर UNDP रिपोर्ट

मार्च 2024 में, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने Military Escalation in the Middle East: Human Development Impacts Across Asia and the Pacific शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण न केवल सीधे प्रभावित क्षेत्रों बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मानव विकास चुनौतियों में वृद्धि का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में आर्थिक नुकसान, गरीबी में बढ़ोतरी और मानव विकास सूचकांक (HDI) की प्रगति में पीछे हटने के आंकड़े दिए गए हैं, जो भू-राजनीतिक अस्थिरता के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को उजागर करते हैं।

UPSC से प्रासंगिकता

  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध – क्षेत्रीय स्थिरता और विकास पर संघर्षों के प्रभाव।
  • GS पेपर 3: अर्थव्यवस्था – अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के घरेलू आर्थिक संकेतकों, गरीबी और खाद्य सुरक्षा पर असर।
  • निबंध: वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों को सतत विकास और मानव सुरक्षा से जोड़ना।

पश्चिम एशिया संघर्ष का एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

UNDP की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक नुकसान की राशि लगभग 299 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। यह मुख्य रूप से ईंधन, माल ढुलाई और आवश्यक कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण हो रहा है, जिससे खरीद क्षमता कमजोर हो रही है और राष्ट्रीय बजट पर दबाव बढ़ रहा है। भारत, जो ऊर्जा और उर्वरकों के लिए पश्चिम एशियाई आयात पर काफी निर्भर है, वहां गरीबी में 4 लाख से लेकर 24.6 लाख लोगों के बीच वृद्धि हो सकती है। गरीबी दर 23.9% से बढ़कर 24.2% तक पहुंच सकती है, जिसका मतलब है कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या लगभग 351.5 मिलियन से बढ़कर 354 मिलियन हो जाएगी (UNDP, 2024)।

  • भारत अपनी तेल की 90% से अधिक आपूर्ति विदेशों से करता है, जिसमें पश्चिम एशिया का हिस्सा कच्चे तेल के 40% से अधिक और LPG के 90% से ऊपर है।
  • पश्चिम एशिया से उर्वरक के आयात का हिस्सा 45% से अधिक है, जबकि घरेलू यूरिया उत्पादन में भी आयातित LNG की भूमिका अहम है।
  • पश्चिम एशिया भारत के कुल निर्यात का 14% और आयात का 20.9% हिस्सा है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है।

मानव विकास सूचकांक (HDI) में गिरावट और गरीबी के रुझान

रिपोर्ट के अनुसार, भारत को इस संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक झटकों के कारण HDI प्रगति में 0.03 से 0.12 वर्षों के बीच नुकसान हो सकता है। पड़ोसी देश नेपाल और वियतनाम को भी क्रमशः 0.02 से 0.09 और 0.02 से 0.07 वर्षों के बीच मामूली HDI नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसके विपरीत, ईरान, जो संघर्ष क्षेत्र के निकट है, वहां HDI में 1 से 1.5 वर्षों के बराबर तेज गिरावट आ सकती है। चीन पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम है क्योंकि उसकी पश्चिम एशियाई आयातों पर निर्भरता कम है और उसकी अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत है।

देश अनुमानित HDI नुकसान (वर्ष) गरीबी में वृद्धि (लोग) पश्चिम एशिया आयात पर निर्भरता
भारत 0.03 - 0.12 0.4 - 2.46 मिलियन ~40% कच्चा तेल, 90% LPG, 45% उर्वरक
नेपाल 0.02 - 0.09 डेटा निर्दिष्ट नहीं मध्यम ऊर्जा आयात निर्भरता
वियतनाम 0.02 - 0.07 डेटा निर्दिष्ट नहीं कम निर्भरता
ईरान 1 - 1.5 संधर्ष के कारण महत्वपूर्ण घरेलू संघर्ष क्षेत्र
चीन न्यूनतम न्यूनतम कम पश्चिम एशिया निर्भरता

भारत के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचे

हालांकि UNDP रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय है, भारत में इन अप्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक झटकों का मुकाबला घरेलू कानूनी ढांचे के तहत किया जाता है। Disaster Management Act, 2005 ऐसी अप्रत्यक्ष चुनौतियों जैसे महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं से निपटने के लिए प्रावधान करता है। Essential Commodities Act, 1955 खाद्य सुरक्षा और कीमतों के स्थिरता को नियंत्रित करता है, जो बढ़ती लागत के कारण बढ़ती खाद्य असुरक्षा को कम करने में मदद करता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन के अधिकार की गारंटी दी गई है, जिसे अदालतों ने आजीविका और खाद्य सुरक्षा के अधिकार के रूप में भी व्याख्यायित किया है, जो आर्थिक दबावों को संवैधानिक अधिकारों से जोड़ता है।

  • Disaster Management Act, 2005: बाहरी झटकों से उत्पन्न सामाजिक-आर्थिक संकटों से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों को सक्षम बनाता है।
  • Essential Commodities Act, 1955: खाद्य और आवश्यक वस्तुओं में जमाखोरी और मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करता है।
  • अनुच्छेद 21, भारतीय संविधान: जीवन के अधिकार में आजीविका और खाद्य सुरक्षा का संरक्षण शामिल है।

संघर्ष की निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए प्रमुख संस्थान

  • UNDP: रिपोर्ट तैयार करने वाली प्रमुख संस्था जो मानव विकास पर संघर्ष के प्रभावों का आकलन करती है।
  • नीति आयोग: भारत में सतत विकास योजना और गरीबी व HDI मापदंडों की निगरानी करता है।
  • विदेश मंत्रालय (MEA): पश्चिम एशिया संघर्षों पर भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और ऊर्जा व व्यापार सुरक्षा की देखरेख करता है।
  • Food and Agriculture Organization (FAO): संघर्ष से जुड़ी खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं की निगरानी करता है।

महत्वपूर्ण कमी: अप्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की अनदेखी

वर्तमान में भारत और एशिया-प्रशांत की नीतियां मुख्य रूप से सीधे संघर्ष क्षेत्रों पर केंद्रित हैं, जबकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट, महंगाई और गरीबी में वृद्धि जैसे अप्रत्यक्ष प्रभावों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह कमी सामाजिक-आर्थिक नुकसान का सही आकलन करने और तैयारी को सीमित करती है। ऐसे अप्रत्यक्ष प्रभावों से निपटने के लिए संघर्ष-संवेदनशील विकास योजना आवश्यक है, जो खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और गरीबी उन्मूलन में मजबूती लाए।

महत्व और आगे का रास्ता

  • अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सतत विकास की परस्पर निर्भरता को समझें; पश्चिम एशिया के संघर्षों का एशिया-प्रशांत में मानव विकास पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है।
  • Disaster Management Act और Essential Commodities Act जैसे कानूनी ढांचे को मजबूत करें ताकि अप्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक झटकों से बेहतर निपटा जा सके।
  • MEA के माध्यम से पश्चिम एशिया के साथ ऊर्जा और व्यापार संबंधों को स्थिर करने के लिए कूटनीतिक प्रयास बढ़ाएं।
  • नीति आयोग में संघर्ष-संवेदनशील संकेतकों को शामिल करें ताकि गरीबी और HDI पर अप्रत्यक्ष प्रभावों की निगरानी हो सके।
  • क्षेत्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करें ताकि ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण हो और आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत बनें, जिससे जोखिम कम हो।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
UNDP की पश्चिम एशिया संघर्ष पर रिपोर्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को संघर्ष के कारण HDI प्रगति में 1.5 वर्ष तक का नुकसान हो सकता है।
  2. भारत अपनी कच्चे तेल की 40% से अधिक आपूर्ति पश्चिम एशिया से करता है।
  3. Disaster Management Act, 2005, अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से उत्पन्न अप्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक झटकों को संभालने के लिए प्रासंगिक है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है क्योंकि भारत का अनुमानित HDI नुकसान 0.03 से 0.12 वर्ष के बीच है, 1.5 वर्ष नहीं। कथन 2 सही है क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की 40% से अधिक आपूर्ति पश्चिम एशिया से करता है। कथन 3 भी सही है क्योंकि Disaster Management Act, 2005 अप्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक झटकों को संभालने के लिए लागू होता है।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण गरीबी प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित पर विचार करें:
  1. UNDP रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर संघर्ष परिदृश्य में वैश्विक गरीबी में 8.8 मिलियन लोगों की वृद्धि हो सकती है।
  2. भारत की गरीबी दर 23.9% से बढ़कर 25.0% हो जाएगी।
  3. संघर्ष से जुड़ी बढ़ती लागतों के कारण खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • aकेवल 1 और 3
  • bकेवल 2
  • cकेवल 1 और 2
  • d1, 2 और 3
उत्तर: (a)
कथन 1 सही है जैसा कि UNDP डेटा दिखाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि भारत की गरीबी दर केवल 24.2% तक बढ़ने का अनुमान है। कथन 3 सही है क्योंकि बढ़ती लागतें खाद्य असुरक्षा को बढ़ा रही हैं।

मुख्य प्रश्न

पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मानव विकास और आर्थिक संकेतकों को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है, इसका विश्लेषण करें। साथ ही, भारत में इन अप्रत्यक्ष प्रभावों को कम करने में घरेलू कानूनी ढांचे की भूमिका पर चर्चा करें।

झारखंड और JPSC से प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: GS पेपर 2 – अंतरराष्ट्रीय संबंध; GS पेपर 3 – अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास।
  • झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड की अर्थव्यवस्था ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है; पश्चिम एशिया संघर्षों से ऊर्जा की बढ़ती कीमतें स्थानीय आजीविका और गरीबी को प्रभावित कर सकती हैं।
  • मेन पॉइंटर: अंतरराष्ट्रीय संघर्ष को घरेलू आर्थिक दबाव से जोड़ते हुए उत्तर तैयार करें, अनुच्छेद 21 के तहत संवैधानिक अधिकारों को उजागर करें और संसाधन पर निर्भर क्षेत्रों में राज्य स्तर की कमजोरियों को दर्शाएं।
UNDP रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया संघर्ष का एशिया-प्रशांत पर अनुमानित आर्थिक प्रभाव क्या है?

UNDP रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ईंधन, माल ढुलाई और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि से कुल आर्थिक नुकसान लगभग 299 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है (UNDP, 2024)।

पश्चिम एशिया संघर्ष भारत की गरीबी स्तर को कैसे प्रभावित करता है?

इस संघर्ष के कारण भारत में गरीबी लगभग 24.6 लाख लोगों तक बढ़ सकती है, गरीबी दर 23.9% से बढ़कर 24.2% तक पहुंच सकती है, जो महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं से जुड़ी है (UNDP, 2024)।

अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के अप्रत्यक्ष प्रभावों को संभालने में भारत के कौन-कौन से कानूनी प्रावधान प्रासंगिक हैं?

Disaster Management Act, 2005 और Essential Commodities Act, 1955 ऐसे कानूनी ढांचे हैं जो बाहरी संघर्षों से उत्पन्न अप्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक झटकों जैसे महंगाई और खाद्य असुरक्षा को संभालने में मदद करते हैं।

ईरान को भारत की तुलना में HDI में अधिक गिरावट क्यों झेलनी पड़ रही है?

ईरान संघर्ष क्षेत्र के करीब है और सीधे सैन्य तनाव का सामना कर रहा है, इसलिए वहां HDI में 1 से 1.5 वर्षों के बराबर तेज गिरावट आ सकती है, जबकि भारत पर अप्रत्यक्ष आर्थिक प्रभावों के कारण मामूली HDI नुकसान होता है (UNDP, 2024)।

पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में विदेश मंत्रालय की क्या भूमिका है?

विदेश मंत्रालय (MEA) भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया का प्रबंधन करता है, जिससे पश्चिम एशिया के साथ ऊर्जा और व्यापार संबंध स्थिर रहें, जो आर्थिक और मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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