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दिल्ली के पास Rusty-spotted Cat की हालिया नजर

Rusty-spotted cat (Prionailurus rubiginosus), जो विश्व की सबसे छोटी जंगली बिल्लियों में से एक है और जिसका वजन 0.9 से 1.6 किलोग्राम के बीच होता है, को दिल्ली के आसपास एक दशक से अधिक समय बाद देखा गया है (Indian Express, 2024)। इस पुष्टि के साथ मिली जानकारी यह संकेत देती है कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच इसकी आवास सीमा में विस्तार या स्थिरता बनी हुई है। यह नजर Wildlife Institute of India (WII) के शोधकर्ताओं द्वारा दर्ज की गई है, जो इस प्रजाति की शहरी वातावरण में संवेदनशीलता को दर्शाती है।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: पर्यावरण और पारिस्थितिकी – वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, शहरी जैव विविधता, मानव-वन्यजीव संघर्ष
  • GS पेपर 1: भूगोल – शहरीकरण का वन्यजीव आवासों पर प्रभाव
  • निबंध: तेजी से शहरीकरण हो रहे भारत में संरक्षण की चुनौतियां

शहरी क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण के लिए कानूनी ढांचा

संविधान के Article 48A के तहत राज्य को पर्यावरण और वन्यजीव आवासों की सुरक्षा और सुधार की जिम्मेदारी दी गई है। Wildlife Protection Act, 1972 (जिसमें 2006 में संशोधन किया गया) के तहत rusty-spotted cat सहित जंगली बिल्लियों को Schedule I में रखा गया है, जो इनके शिकार और व्यापार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाता है। Environment Protection Act, 1986 के तहत सरकार को आवास संरक्षण के लिए नियम बनाने का अधिकार प्राप्त है, जबकि Forest Conservation Act, 1980 वन भूमि के गैर-वन उपयोग के लिए परिवर्तन को रोकता है। सुप्रीम कोर्ट के T.N. Godavarman Thirumulpad vs Union of India (1996) जैसे फैसलों ने जंगल और वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत किया है, जो शहरी वन प्रबंधन नीतियों को भी प्रभावित करते हैं।

  • Wildlife Protection Act, 1972: Schedule I में rusty-spotted cat शामिल है, जिससे इसे सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा मिलती है।
  • Environment Protection Act, 1986: पर्यावरणीय मंजूरी के माध्यम से आवास संरक्षण को सक्षम बनाता है।
  • Forest Conservation Act, 1980: शहरी हरित आवरण के लिए वन भूमि के उपयोग को नियंत्रित करता है।
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले: शहरी वन संरक्षण समेत कड़े संरक्षण आदेश जारी किए।

शहरी वन्यजीव संरक्षण के आर्थिक पहलू

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) हर साल वन्यजीव संरक्षण के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करता है (संघीय बजट 2023-24)। शहरी जैव विविधता संरक्षण से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सकता है, जो दिल्ली एनसीआर में सालाना करीब 200 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाता है (MoEFCC आंतरिक आंकड़े)। इसके अलावा, भारत का इकोटूरिज्म बाजार 15% की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है, जो शहरी क्षेत्रों में छोटे मांसाहारी जीवों की बढ़ती उपस्थिति से लाभान्वित हो सकता है और संरक्षण के लिए प्रोत्साहन पैदा कर सकता है।

  • वार्षिक वन्यजीव संरक्षण बजट: 1,500 करोड़ रुपये (MoEFCC, 2023)।
  • दिल्ली NCR में मानव-वन्यजीव संघर्ष की लागत: 200 करोड़ रुपये प्रति वर्ष।
  • राष्ट्रीय स्तर पर इकोटूरिज्म की वृद्धि दर: 15% CAGR।
  • शहरी वन्यजीव दर्शन से संभावित आर्थिक लाभ।

प्रमुख संस्थान और उनकी भूमिकाएं

नीति निर्माण और क्रियान्वयन का कार्य MoEFCC के अधीन है। Wildlife Institute of India प्रजाति अनुसंधान और निगरानी करता है। Central Zoo Authority संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए कैद में प्रजनन कार्यक्रम संचालित करता है। Delhi Forest Department स्थानीय आवास प्रबंधन और संरक्षण लागू करता है। हालांकि National Tiger Conservation Authority मुख्य रूप से बाघ संरक्षण केंद्रित है, लेकिन इसके ढांचे को जंगली बिल्लियों के संरक्षण के लिए भी अपनाया जा सकता है। Zoological Survey of India संरक्षण योजना के लिए आवश्यक जैव विविधता और वर्गीकरण डेटा प्रदान करता है।

  • MoEFCC: वन्यजीव नीति और वित्त पोषण।
  • WII: जंगली बिल्लियों की जनसंख्या अनुसंधान और निगरानी।
  • CZA: कैद में प्रजनन और बाह्य संरक्षण।
  • Delhi Forest Department: स्थानीय आवास संरक्षण और प्रवर्तन।
  • NTCA: मांसाहारी संरक्षण के लिए ढांचा।
  • ZSI: जैव विविधता डेटा और वर्गीकरण।

Rusty-spotted Cat और शहरी आवास दबाव के आंकड़े

भारत में कुल 15 जंगली बिल्ली प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 5 को Wildlife Protection Act, 1972 के Schedule I में रखा गया है (MoEFCC वार्षिक रिपोर्ट, 2023)। दिल्ली के आसपास rusty-spotted cat की एक दशक बाद पुष्टि हुई नजर यह दर्शाती है कि या तो इसका आवास बना हुआ है या इसकी सीमा में बदलाव आया है। दिल्ली NCR में पिछले 20 वर्षों में प्राकृतिक आवास का 35% हिस्सा खत्म हो चुका है (Forest Survey of India, 2023)। दिल्ली के केवल 2% क्षेत्र में संरक्षित वन या जैव विविधता पार्क मौजूद हैं (Delhi Forest Department, 2023)। मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले 2018 से 2023 के बीच 25% बढ़े हैं (MoEFCC डेटा), जो वन्यजीवों पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

सूचकमूल्य/स्थितिस्रोत
Rusty-spotted cat का वजन0.9 से 1.6 किलोग्रामWII, 2023
भारत में जंगली बिल्ली प्रजातियांकुल 15; 5 Schedule I मेंMoEFCC वार्षिक रिपोर्ट, 2023
दिल्ली NCR में आवास क्षति (पिछले 20 वर्ष)35%Forest Survey of India, 2023
दिल्ली में संरक्षित वन क्षेत्र2%Delhi Forest Department, 2023
मानव-वन्यजीव संघर्ष वृद्धि (2018-2023)25%MoEFCC डेटा

तुलनात्मक अध्ययन: श्रीलंका के शहरी वन्यजीव संरक्षण

श्रीलंका की शहरी वन्यजीव नीतियां, जो Fauna and Flora Protection Ordinance, 1937 के अंतर्गत संचालित होती हैं, ने शहरी जैव विविधता गलियारों और समुदाय की भागीदारी को सफलतापूर्वक जोड़ा है। इस नीति से कोलंबो के उपनगरों में मछली पकड़ने वाली बिल्ली जैसी छोटी जंगली बिल्लियों की sightings में 40% की वृद्धि हुई है (Sri Lanka Forest Department, 2022)। यह मॉडल आवास की कनेक्टिविटी और स्थानीय हितधारकों की भागीदारी पर जोर देता है, जो दिल्ली के टुकड़ों में बंटे शहरी आवासों के लिए उपयोगी सबक हैं।

पहलूभारत (दिल्ली NCR)श्रीलंका (कोलंबो उपनगर)
कानूनी ढांचाWildlife Protection Act, 1972; EPA 1986; FCA 1980Fauna and Flora Protection Ordinance, 1937
शहरी वन्यजीव गलियारेसीमित और टुकड़ों मेंस्थापित और सुव्यवस्थित
समुदाय की भागीदारीशहरी क्षेत्रों में न्यूनतमसक्रिय स्थानीय सहभागिता
जंगली बिल्ली की sightings का रुझानहाल की, बिखरी हुई नजरेंपिछले 5 वर्षों में 40% वृद्धि
संरक्षित शहरी हरित आवरण2% क्षेत्रफलमहत्वपूर्ण शहरी जैव विविधता पार्क

भारत के शहरी वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण कमियां

भारत की शहरी वन्यजीव नीतियां नगरपालिका शहरी योजना और संरक्षण के बीच समन्वय की कमी के कारण आवास के टुकड़ों में बंटावट और छोटे मांसाहारी जैसे rusty-spotted cat की पर्याप्त निगरानी न कर पाने जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। संरक्षण प्रयास मुख्य रूप से बाघ और तेंदुए जैसे प्रमुख प्रजातियों पर केंद्रित हैं, जिससे छोटी जंगली बिल्लियों की अनदेखी होती है। संस्थानों के बीच डेटा साझा करने का अभाव और समुदाय की भागीदारी की कमी संरक्षण परिणामों को कमजोर करती है।

  • खराब योजना समन्वय से शहरी आवास टुकड़ों में बंटे हुए।
  • प्रमुख प्रजातियों पर ध्यान, छोटे मांसाहारियों की उपेक्षा।
  • दीर्घकालिक निगरानी और अनुसंधान की कमी।
  • शहरी संरक्षण में समुदाय की भागीदारी सीमित।

आगे का रास्ता: शहरी वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाना

  • वन्यजीव संरक्षण को नगरपालिका शहरी योजना के साथ जोड़कर लगातार हरित गलियारों का निर्माण।
  • मौजूदा कानूनों के तहत छोटे जंगली बिल्लियों की सुरक्षा को बढ़ावा देना।
  • WII और ZSI जैसे संस्थानों के माध्यम से शहरी मांसाहारियों पर अनुसंधान और निगरानी बढ़ाना।
  • शहरी जैव विविधता संरक्षण में समुदाय की जागरूकता और भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • इकोटूरिज्म की संभावनाओं का उपयोग कर संरक्षण के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना।
  • श्रीलंका के शहरी जैव विविधता गलियारे मॉडल से सीख लेकर अपनाना।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
Wildlife Protection Act, 1972 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. Rusty-spotted cat को Act के Schedule I में रखा गया है।
  2. Schedule I की प्रजातियों को Act के तहत सर्वोच्च सुरक्षा मिलती है।
  3. Act के तहत Schedule I प्रजातियों का शिकार अनुमति के साथ बिना प्रतिबंध किया जा सकता है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (a)
कथन 1 सही है क्योंकि rusty-spotted cat Schedule I में शामिल है। कथन 2 भी सही है क्योंकि Schedule I की प्रजातियों को सर्वोच्च सुरक्षा मिलती है। कथन 3 गलत है; Schedule I प्रजातियों का शिकार केवल बहुत सीमित और कड़ाई से नियंत्रित मामलों में ही अनुमति के साथ किया जा सकता है, बिना प्रतिबंध नहीं।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
भारत में शहरी वन्यजीव संरक्षण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. दिल्ली NCR में शहरी जैव विविधता गलियारे व्यापक और सुव्यवस्थित हैं।
  2. दिल्ली NCR में हाल के वर्षों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले बढ़े हैं।
  3. भारत की शहरी वन्यजीव नीतियों में समुदाय की भागीदारी एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • aकेवल 1
  • bऔर (c) केवल
  • cकेवल
  • d1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है; दिल्ली NCR में शहरी जैव विविधता गलियारे सीमित और टुकड़ों में हैं। कथन 2 सही है क्योंकि 2018 से 2023 तक मानव-वन्यजीव संघर्ष में 25% वृद्धि हुई है। कथन 3 गलत है क्योंकि शहरी वन्यजीव नीतियों में समुदाय की भागीदारी अभी भी न्यूनतम है।

मुख्य प्रश्न

"दिल्ली के पास rusty-spotted cat की हालिया नजर के शहरी वन्यजीव संरक्षण नीति पर प्रभावों पर चर्चा करें। तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में छोटे जंगली बिल्ली प्रजातियों की सुरक्षा मजबूत करने के उपाय सुझाएं।"

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर II (पर्यावरण और पारिस्थितिकी)
  • झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड में rusty-spotted cat सहित कई छोटी जंगली बिल्ली प्रजातियां पाई जाती हैं; तेज़ खनन और शहरीकरण उनके आवासों को खतरे में डाल रहे हैं।
  • मुख्य बिंदु: स्थानीय आवास क्षति को राष्ट्रीय संरक्षण कानूनों और समन्वित शहरी योजना के साथ जोड़कर उत्तर तैयार करें।
भारत में rusty-spotted cat की संरक्षण स्थिति क्या है?

Rusty-spotted cat को Wildlife Protection Act, 1972 के Schedule I में शामिल किया गया है, जिससे इसे सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा मिलती है। IUCN Red List पर इसे Near Threatened श्रेणी में रखा गया है, मुख्य रूप से आवास क्षति और टुकड़ों के कारण।

भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए कौन सा संवैधानिक प्रावधान जिम्मेदार है?

संविधान का Article 48A राज्य को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए निर्देशात्मक सिद्धांतों के तहत जिम्मेदारी देता है।

दिल्ली NCR में शहरीकरण का वन्यजीव आवासों पर क्या प्रभाव पड़ा है?

दिल्ली NCR में पिछले 20 वर्षों में प्राकृतिक आवास का 35% हिस्सा खत्म हो चुका है, जिससे हरित क्षेत्रों का टुकड़ों में बंटाव हुआ है और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़े हैं।

Wildlife Institute of India जंगली बिल्ली संरक्षण में क्या भूमिका निभाता है?

WII जंगली बिल्ली प्रजातियों पर अनुसंधान, निगरानी और मूल्यांकन करता है, जो संरक्षण योजना और नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।

श्रीलंका की शहरी वन्यजीव नीति भारत से कैसे भिन्न है?

श्रीलंका ने Fauna and Flora Protection Ordinance, 1937 के तहत शहरी जैव विविधता गलियारों और समुदाय की भागीदारी को सफलतापूर्वक जोड़ा है, जिससे छोटी जंगली बिल्लियों की sightings में वृद्धि हुई है, जबकि भारत में शहरी संरक्षण प्रयास टुकड़ों में और कम समुदाय-आधारित हैं।

आधिकारिक स्रोत और आगे पढ़ाई के लिए

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