राष्ट्रीय अभियंता दिवस का परिचय
भारत, श्रीलंका और तंज़ानिया में हर साल 15 सितंबर को राष्ट्रीय अभियंता दिवस मनाया जाता है, जो महान इंजीनियर और राजनेता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती के अवसर पर आयोजित होता है। यह दिवस 1968 से मनाया जा रहा है और इंजीनियरों के भारत के आधुनिकीकरण और विकास में योगदान को सम्मानित करता है। यह दिन इंजीनियरिंग नवाचार और बुनियादी ढांचे के विकास की अहमियत को दर्शाता है, जो भारत की सतत विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
UPSC से प्रासंगिकता
- GS पेपर 3: बुनियादी ढांचा विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास।
- GS पेपर 2: शासन और लोक प्रशासन में इंजीनियरिंग सेवाओं की भूमिका।
- निबंध: इंजीनियरिंग नवाचार और आत्मनिर्भर भारत या मेक इन इंडिया पहल के बीच संबंध।
इंजीनियरिंग पेशे का संवैधानिक और कानूनी ढांचा
भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत किसी भी पेशे, जिसमें इंजीनियरिंग भी शामिल है, का अभ्यास करने का अधिकार सुनिश्चित है। इंजीनियरिंग पेशे को इंजीनियर एक्ट, 1938 के तहत नियंत्रित किया जाता है, जो पंजीकरण और पेशेवर मानकों को अनिवार्य करता है। इस एक्ट की धारा 7 के अनुसार, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) (IEI) की स्थापना की गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर इंजीनियरिंग नैतिकता और मानकों को बनाए रखता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय कौशल विकास और उद्यमिता नीति (2015) इंजीनियरिंग कौशल को आर्थिक विकास की मांगों के अनुरूप उन्नत करने पर जोर देती है।
- इंजीनियर एक्ट, 1938: पंजीकरण, पेशेवर आचार-विचार और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान।
- इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया): धारा 7 के तहत स्थापित, सर्वोच्च पेशेवर संस्था।
- राष्ट्रीय कौशल विकास नीति: उद्योग की जरूरतों के अनुरूप इंजीनियरिंग कौशल को बढ़ावा देना।
भारत में इंजीनियरिंग का आर्थिक महत्व
इंजीनियरिंग क्षेत्र भारत के GDP में लगभग 25% का योगदान देता है और MOSPI 2023 के अनुसार इसमें 13 मिलियन से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं। FY 2022-23 में इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 76 बिलियन USD तक पहुंचा, जो इस क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है (वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय)। केंद्रीय बजट 2023-24 में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे इंजीनियरिंग की मांग सीधे बढ़ती है। साथ ही, UPSC द्वारा आयोजित इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा (ESE) हर साल लगभग 5000 इंजीनियरों की भर्ती करती है, जो सरकारी बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स में कुशल मानव संसाधन सुनिश्चित करती है।
- इंजीनियरिंग क्षेत्र का GDP में हिस्सा: लगभग 25% (MOSPI 2023)।
- इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात: 76 बिलियन USD (FY 2022-23)।
- बुनियादी ढांचा बजट: 1.97 लाख करोड़ रुपये (केंद्रीय बजट 2023-24)।
- वार्षिक ESE भर्ती: लगभग 5000 इंजीनियर (UPSC 2023)।
- घरेलू इंजीनियरिंग R&D व्यय वृद्धि: 12% (2022, DST)।
- वैश्विक नवाचार सूचकांक रैंकिंग: 46वां (2023, WIPO रिपोर्ट)।
इंजीनियरिंग विकास में प्रमुख संस्थान
भारत में इंजीनियरिंग नवाचार, पेशेवर मानकों और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाले कई संस्थान हैं:
- इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया): पेशेवर मानक और नैतिकता का नियंत्रण।
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC): सरकारी भर्ती के लिए इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा का आयोजन।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MoST): इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST): इंजीनियरिंग नवाचार परियोजनाओं को वित्तीय सहायता।
- वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय: इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात नीतियों का प्रबंधन।
- राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC): इंजीनियरिंग ट्रेड में कौशल सुधार को बढ़ावा।
तुलनात्मक अध्ययन: भारत बनाम जर्मनी का इंजीनियरिंग तंत्र
| पहलू | भारत | जर्मनी |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय अभियंता दिवस | 15 सितंबर, मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती | 25 मार्च, Verein Deutscher Ingenieure (VDI) से जुड़ा |
| पेशेवर संस्था | इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) | VDI शिक्षा, उद्योग और नीति को जोड़ता है |
| इंजीनियरिंग निर्यात (% कुल निर्यात) | लगभग 15% (76 बिलियन USD, FY 22-23) | 20% से अधिक, ऑटोमोटिव और मैकेनिकल क्षेत्र में विश्व नेता |
| इंजीनियरिंग शिक्षा-उद्योग संबंध | खंडित, एकीकृत राष्ट्रीय ढांचा नहीं | VDI के माध्यम से मजबूत समन्वय, R&D और नवाचार को बढ़ावा |
| नवाचार रैंकिंग (वैश्विक नवाचार सूचकांक 2023) | 46वां | 9वां |
भारत के इंजीनियरिंग तंत्र में प्रमुख कमी
भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा, पेशेवर नियमन और उद्योग सहयोग को जोड़ने वाला कोई एकीकृत राष्ट्रीय ढांचा नहीं है। इस वजह से कौशल की कमी और इंजीनियरिंग प्रतिभा का अधोउपयोग होता है। जर्मनी के VDI मॉडल के विपरीत, भारत के संस्थान अलग-अलग हैं, जिससे नवाचार और निर्यात क्षमता सीमित होती है।
महत्व और आगे का रास्ता
- राष्ट्रीय अभियंता दिवस इंजीनियरिंग शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास, और उद्योग सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर करता है।
- इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) को कानूनी अधिकार देकर पेशेवर मानकों और प्रमाणन को एकीकृत किया जा सकता है।
- राष्ट्रीय कौशल विकास नीति के तहत कौशल विकास पहलों को उद्योग की मांग के अनुरूप बनाना चाहिए ताकि कौशल अंतर कम हो।
- इंजीनियरिंग R&D में सार्वजनिक और निजी निवेश बढ़ाकर भारत की वैश्विक नवाचार रैंकिंग सुधारी जा सकती है।
- इंजीनियरिंग शिक्षा और उद्योग के बीच साझेदारी से रोजगार योग्यता और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
प्रश्न अभ्यास
- यह मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
- यह भारत में हर साल 25 मार्च को मनाया जाता है।
- इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की स्थापना इंजीनियर एक्ट, 1938 के तहत हुई थी।
- इंजीनियरिंग क्षेत्र भारत के GDP में लगभग 25% का योगदान देता है।
- भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक 2023 में शीर्ष 10 में है।
- FY 2022-23 में इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 70 बिलियन USD से अधिक था।
मुख्य प्रश्न
राष्ट्रीय अभियंता दिवस भारत के बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता के संदर्भ में कितना महत्वपूर्ण है? भारत अपनी इंजीनियरिंग प्रणाली में मौजूद कमियों को कैसे दूर कर नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है? (250 शब्द)
भारत में राष्ट्रीय अभियंता दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?
राष्ट्रीय अभियंता दिवस हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है ताकि मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती पर उन्हें सम्मानित किया जा सके, जो भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में उनके योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं।
भारत में इंजीनियरिंग पेशे को कौन सा कानून नियंत्रित करता है?
भारत में इंजीनियरिंग पेशे को इंजीनियर एक्ट, 1938 नियंत्रित करता है, जो पंजीकरण, पेशेवर आचार-विचार और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की स्थापना का प्रावधान करता है।
इंजीनियरिंग क्षेत्र का भारत के GDP में कितना योगदान है?
इंजीनियरिंग क्षेत्र भारत के GDP में लगभग 25% का योगदान देता है और MOSPI 2023 के अनुसार इसमें 13 मिलियन से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं।
भारत की इंजीनियरिंग प्रणाली की तुलना जर्मनी से कैसे होती है?
भारत की इंजीनियरिंग प्रणाली खंडित है जबकि जर्मनी का VDI शिक्षा, उद्योग और नीति को जोड़ता है, जिससे नवाचार और इंजीनियरिंग निर्यात अधिक होता है। भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक 2023 में 46वें स्थान पर है जबकि जर्मनी 9वें स्थान पर है।
भारत में इंजीनियरिंग विकास को समर्थन देने वाले प्रमुख संस्थान कौन-कौन से हैं?
प्रमुख संस्थानों में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), UPSC (इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा), विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम शामिल हैं।
स्रोत: LearnPro Editorial | सामान्य अध्ययन | प्रकाशित: 16 September 2021 | अंतिम अपडेट: 1 April 2026
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