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भारत 2024 में BRICS और Quad के विदेश मंत्री स्तरीय सम्मेलनों की मेजबानी करने जा रहा है, जो उसकी कूटनीतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। इन बैठकों में BRICS देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका—के विदेश मंत्री और Quad सदस्यों—भारत, अमेरिका, जापान, और ऑस्ट्रेलिया—के विदेश मंत्री अलग-अलग लेकिन नजदीकी मंचों पर मिलेंगे। यह आयोजन भारत की दोहरी बहुपक्षीय रणनीति को दर्शाता है, जो आर्थिक सहयोग और रणनीतिक सुरक्षा साझेदारी दोनों को एक साथ बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

मेजबानी से भारत की उस मंशा का पता चलता है कि वह बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में नेतृत्व की भूमिका निभाना चाहता है, साथ ही इन समूहों के भीतर विभिन्न हितों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है। यह भारत की संवैधानिक और संस्थागत तैयारियों का भी परिचायक है, जो संविधान के Article 253 और विदेश मंत्रालय अधिनियम, 1948 के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को लागू करने में सक्षम बनाती हैं।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध – बहुपक्षीय कूटनीति, भारत की विदेश नीति, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा
  • GS पेपर 3: आर्थिक विकास – वैश्विक आर्थिक समूह, व्यापार संबंध
  • निबंध: बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में भारत की भूमिका

बहुपक्षीय संलग्नता के लिए संवैधानिक और संस्थागत ढांचा

Article 253 भारतीय संसद को अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है, जो BRICS और Quad पहलों में भारत की भागीदारी को कानूनी आधार प्रदान करता है। विदेश मंत्रालय अधिनियम, 1948 भारत के विदेश संबंधों के संचालन को नियंत्रित करता है, जिससे विदेश मंत्रालय कूटनीतिक गतिविधियों का समन्वय और अंतरराष्ट्रीय मंचों की मेजबानी कर पाता है।

भारत की संस्थागत व्यवस्था में विदेश मंत्रालय मुख्य एजेंसी है जो विदेश नीति के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालता है, साथ ही नीति आयोग जैसे थिंक टैंक और नीति संस्थान आर्थिक और सुरक्षा साझेदारियों पर रणनीतिक सुझाव देते हैं। यह ढांचा भारत की बहुपक्षीय कूटनीति में सामंजस्य सुनिश्चित करता है।

BRICS और Quad की आर्थिक आयाम

BRICS समूह विश्व की 40% से अधिक जनसंख्या और लगभग 25% वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करता है (विश्व बैंक, 2023)। भारत का BRICS देशों के साथ वस्तु व्यापार वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 125 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत), जो इस समूह की आर्थिक ताकत को दर्शाता है।

इसके विपरीत, Quad का संयुक्त GDP 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जो वैश्विक GDP का लगभग 30% हिस्सा है (IMF, 2023)। भारत का Quad देशों के साथ रक्षा व्यापार 2022 में 15% बढ़ा है, जैसा कि स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI), 2023 की रिपोर्ट बताती है। Quad वैक्सीन साझेदारी ने दुनिया भर में 1 बिलियन से अधिक COVID-19 वैक्सीन डोज़ उपलब्ध कराई हैं, जो समूह की स्वास्थ्य कूटनीति की प्रभावशीलता दिखाती है।

भारत ने 2023-24 के केंद्रीय बजट में रणनीतिक और कूटनीतिक पहलों के लिए लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये (लगभग 30 अरब अमेरिकी डॉलर) आवंटित किए हैं, जो बहुपक्षीय मंचों और वैश्विक साझेदारियों में संतुलित निवेश को दर्शाता है।

BRICS और Quad बैठकों की मेजबानी के रणनीतिक और सुरक्षा पहलू

BRICS प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग और राजनीतिक समन्वय का मंच है, लेकिन इसके अंदर चीन और रूस के बीच मतभेदों के कारण जटिलताएं हैं। भारत की मेजबानी का उद्देश्य इन मतभेदों को संभालते हुए वैश्विक शासन सुधारों पर संवाद को बढ़ावा देना है।

दूसरी ओर, Quad मुख्य रूप से एक सुरक्षा-केंद्रित मंच है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता, समुद्री सुरक्षा, और क्षेत्रीय दबावों का मुकाबला करने पर ध्यान देता है। भारत की Quad के साथ भागीदारी उसकी Act East और इंडो-पैसिफिक रणनीतियों के पूरक हैं, जो क्षेत्र में चीन की सक्रियता के संतुलन में मदद करती हैं।

तुलनात्मक विश्लेषण: भारत की बहुपक्षीय नीति बनाम चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI)

पहलूभारत की BRICS और Quad भागीदारीचीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI)
संबंध का स्वरूपबहुपक्षीय, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक सुरक्षा का संयोजनएकतरफा, अवसंरचना आधारित प्रभाव विस्तार
संस्थागत ढांचालचीला, अंतर-सरकारी मंच, बिना सर्वोच्च अधिकार केराज्य-प्रेरित, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अवसंरचना परियोजनाएं
भूराजनीतिक लक्ष्यबहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था, शक्तियों का संतुलनचीन का क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव बढ़ाना
आर्थिक एकीकरणव्यापार और निवेश केंद्रित, बढ़ती रक्षा सहयोग के साथअवसंरचना कनेक्टिविटी और संसाधन उपलब्धता
सुरक्षा पहलूQuad में प्रमुख; BRICS में सीमितरणनीतिक गलियारों और बंदरगाहों के माध्यम से अप्रत्यक्ष

विभिन्न हितों के समन्वय में चुनौतियां

भारत को BRICS के भीतर विशेषकर चीन-रूस गठजोड़ के कारण मतभेदों को संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ता है, जो सहमति बनाने में बाधा उत्पन्न करता है। वहीं, Quad के पास एक एकीकृत आर्थिक सहयोग ढांचा नहीं है, जो इसके दायरे को सुरक्षा और रणनीतिक संवाद से आगे बढ़ने से रोकता है।

यह यूरोपीय संघ के सुप्रानैशनल संस्थानों से अलग है, जो आर्थिक और राजनीतिक समन्वय को जोड़ते हैं, और भारत ने अपनी बहुपक्षीय भागीदारी में अभी तक इस मॉडल को अपनाया नहीं है।

महत्त्व और आगे का रास्ता

  • इन बैठकों की मेजबानी भारत की एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी के रूप में छवि को मजबूत करती है, जो विभिन्न भूराजनीतिक हितों के बीच संतुलन बना सकता है।
  • यह वैश्विक शासन संस्थानों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के हितों के अनुरूप सुधारों के लिए दबाव बनाने का मंच प्रदान करता है।
  • भारत को इन मंचों का उपयोग Quad के भीतर आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और BRICS में सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने के लिए करना चाहिए।
  • विशेषकर Quad में निरंतर संवाद और सहयोग के लिए संस्थागत तंत्र विकसित करना भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेगा।
  • कूटनीतिक क्षमता और रणनीतिक साझेदारियों में निरंतर निवेश बहुध्रुवीयता के सफल संचालन के लिए जरूरी होगा।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
BRICS और Quad के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. BRICS मुख्य रूप से इंडो-पैसिफिक समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित एक सुरक्षा गठबंधन है।
  2. Quad में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
  3. वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत का BRICS देशों के साथ व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक था।
  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है क्योंकि BRICS मुख्य रूप से आर्थिक और राजनीतिक सहयोग मंच है, न कि इंडो-पैसिफिक समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित सुरक्षा गठबंधन। कथन 2 सही है क्योंकि Quad में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। कथन 3 भी सही है; भारत का BRICS देशों के साथ व्यापार वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 125 अरब अमेरिकी डॉलर था।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
भारत की विदेश नीति से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. Article 253 संसद को अंतरराष्ट्रीय संधियों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है।
  2. विदेश मंत्रालय अधिनियम, 1948 भारत के विदेश संबंधों को नियंत्रित करता है।
  3. विदेश नीति निर्णयों के लिए Article 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी आवश्यक है।
  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (a)
कथन 1 सही है; Article 253 संसद को अंतरराष्ट्रीय संधियों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है। कथन 2 भी सही है; विदेश मंत्रालय अधिनियम, 1948 विदेश संबंधों को नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि विदेश नीति निर्णयों के लिए Article 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी आवश्यक नहीं होती।

मुख्य प्रश्न

2024 में BRICS और Quad के विदेश मंत्री स्तरीय बैठकों की मेजबानी भारत के रणनीतिक कूटनीतिक संतुलन को कैसे दर्शाती है, इस पर चर्चा करें। इन बैठकों के आर्थिक और सुरक्षा आयामों का विश्लेषण करें और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका पर उनके प्रभाव पर विचार करें।

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 2 – अंतरराष्ट्रीय संबंध और भारत की विदेश नीति
  • झारखंड का पहलू: झारखंड के खनिज संसाधन भारत के BRICS देशों के साथ व्यापार निर्यात में योगदान देते हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
  • मुख्य बिंदु: उत्तरों में भारत की बहुपक्षीय कूटनीति और झारखंड के संसाधन-आधारित व्यापार व रोजगार पर इसके अप्रत्यक्ष लाभों को उजागर करें।
भारत की BRICS और Quad जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भागीदारी का संवैधानिक आधार क्या है?

Article 253 भारतीय संविधान संसद को अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है, जो भारत की बहुपक्षीय प्रतिबद्धताओं को सक्षम बनाता है। विदेश मंत्रालय अधिनियम, 1948 विदेश संबंधों के संचालन के लिए संस्थागत आधार प्रदान करता है।

भारत की BRICS और Quad के साथ भागीदारी में क्या अंतर है?

BRICS मुख्य रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग और राजनीतिक समन्वय पर केंद्रित है, जबकि Quad एक सुरक्षा-केंद्रित रणनीतिक मंच है जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता पर ध्यान देता है। भारत BRICS में आर्थिक हितों और Quad में सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन बनाता है।

BRICS और Quad में भारत के आर्थिक हित क्या हैं?

BRICS वैश्विक GDP का लगभग 25% और विश्व की 40% से अधिक जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है; भारत का BRICS देशों के साथ व्यापार वित्तीय वर्ष 2022-23 में 125 अरब अमेरिकी डॉलर था। Quad का संयुक्त GDP 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है, और भारत का Quad देशों के साथ रक्षा व्यापार 2022 में 15% बढ़ा।

भारत की इन बैठकों की मेजबानी रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?

इन बैठकों की मेजबानी भारत को बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है, जिससे वह BRICS के भीतर विभिन्न हितों को संतुलित कर सके और Quad के माध्यम से रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत कर सके।

BRICS और Quad के एजेंडों को संतुलित करने में भारत को कौन-कौन सी चुनौतियां हैं?

भारत को BRICS में विशेषकर चीन-रूस गठजोड़ के कारण मतभेदों को संभालना पड़ता है, जो सहमति बनाने में बाधा उत्पन्न करता है। वहीं, Quad के पास एक एकीकृत आर्थिक सहयोग ढांचा नहीं है, जो इसके समग्र भागीदारी को सीमित करता है।

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