- परिभाषा/विवरण:
- पृष्ठभूमि:
- वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर असहमति ने संघर्षों को जन्म दिया, जिसमें 1962 का युद्ध और 2020 का गलवान संघर्ष शामिल हैं।
- आर्थिक संबंध:
- चीन भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है; द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में $125 बिलियन से अधिक था, जिसमें भारत के खिलाफ $87 बिलियन का व्यापार घाटा था।
- स्ट्रैटेजिक विकास:
- चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) और पाकिस्तान के साथ उसके संबंध भारत की क्षेत्रीय प्रभुत्व को चुनौती देते हैं।
- मुख्य पहलू:
- 2020 के बाद कई दौर की disengagement वार्ताएँ हुईं; पांगोंग त्सो और गलवान घाटी प्रमुख ध्यान केंद्र हैं।
- राजनैतिक तंत्र:
- विशेष प्रतिनिधियों की बैठकें और सीमा कर्मियों की बैठकें (BPMs) संवाद को सुविधाजनक बनाती हैं।
- बहुपक्षीय सहयोग:
- दोनों देश BRICS, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), और G20 के सदस्य हैं, जो साझा वैश्विक लक्ष्यों पर जोर देते हैं।
- वर्तमान चुनौतियाँ:
- इंडो-पैसिफिक में चीन की आक्रामक मुद्रा और पाकिस्तान के प्रति उसका समर्थन।
- सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत द्वारा चीनी तकनीकी निवेशों पर प्रतिबंध और ऐप्स पर बैन।
- वैश्विक या भारतीय संदर्भ:
- भारत की क्वाड में भागीदारी चीन के प्रभुत्व को संतुलित करने का प्रयास है।
- भविष्य की संभावनाएँ:
- राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में सहयोगी परियोजनाएँ।
- आगे के संघर्षों को रोकने के लिए LAC का सीमांकन करने की सिफारिश।
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