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अंतरिक्ष मलबे के बढ़ने का परिचय

पृथ्वी की कक्षाओं में आज 10 सेंटीमीटर से बड़े 34,000 से अधिक मलबे के टुकड़े मौजूद हैं, और NASA Orbital Debris Program Office के अनुसार 2023 तक लाखों छोटे-छोटे टुकड़ों को भी ट्रैक किया जा रहा है। सक्रिय उपग्रहों की संख्या 5,000 से ऊपर पहुंच चुकी है, जो 2018 के बाद से 50% की तेज वृद्धि दर्शाती है, जो वाणिज्यिक, सरकारी और वैज्ञानिक लॉन्च के कारण है (Union of Concerned Scientists Satellite Database, 2024)। अकेले भारत ने 2023 में रिकॉर्ड 83 उपग्रह लॉन्च किए (ISRO Annual Report, 2023)। इस तेजी से बढ़ोतरी ने शासन के विकास को पीछे छोड़ दिया है, जिससे Kessler Syndrome नामक श्रृंखलाबद्ध टकराव का खतरा पैदा हो गया है, जो 2030 तक गंभीर हो सकता है (NASA, 2022)।

UPSC से प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी - अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, पर्यावरण प्रदूषण
  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध - अंतरिक्ष शासन, संधियाँ
  • निबंध: प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय स्थिरता

अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे जो अंतरिक्ष गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं

Outer Space Treaty, 1967 संयुक्त राष्ट्र का मूलभूत दस्तावेज है जो अंतरिक्ष में राज्यों की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यह शांतिपूर्ण उपयोग पर जोर देता है और राष्ट्रीय कब्जे को रोकता है, लेकिन इसमें अंतरिक्ष मलबे को कम करने या लागू करने के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं। UN Committee on the Peaceful Uses of Outer Space (COPUOS) मलबा कम करने के लिए गैर-बाध्यकारी दिशानिर्देश जारी करता है, जिनका पालन राष्ट्रीय स्तर पर निर्भर करता है। International Telecommunication Union (ITU) उपग्रह आवृत्ति आवंटन का प्रबंधन करता है ताकि सिग्नल में हस्तक्षेप न हो, लेकिन यह भौतिक मलबे को नियंत्रित नहीं करता।

राष्ट्रीय कानूनों में, जैसे कि भारत का Space Activities Act, 2023, अध्याय IV (धारा 15-18) के तहत मलबा कम करने के निर्देश शामिल हैं, जिसमें उपग्रह के जीवनकाल के अंत में उसे हटाने की योजना बनाना अनिवार्य है। हालांकि, कार्यवाही कमजोर है क्योंकि प्रावधान अस्पष्ट हैं और IN-SPACe जैसी संस्थाओं की क्षमता सीमित है, जो निजी अंतरिक्ष गतिविधियों की निगरानी करती है। विश्व स्तर पर केवल 20% उपग्रह जीवनकाल के अंत में कक्षा से बाहर निकलने के नियमों का पालन करते हैं (IADC Annual Report, 2023), जो शासन की कमियों को दर्शाता है।

अंतरिक्ष मलबे और उपग्रहों की बढ़ोतरी के आर्थिक पहलू

वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2021 में लगभग 469 अरब अमेरिकी डॉलर की थी, और इसे 8-10% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ बढ़ने का अनुमान है (Bryce Space and Technology, 2022)। भारत का अंतरिक्ष बजट 2023-24 में 14,000 करोड़ रुपये (~1.7 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया, जिससे उपग्रह लॉन्च और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिला (Union Budget 2023-24)। अगले दशक में 7,000 से अधिक उपग्रह लॉन्च करने की योजना है (Union of Concerned Scientists Satellite Database, 2024), जिससे कक्षाओं में भीड़ बढ़ेगी।

अंतरिक्ष मलबे की सफाई का बाजार उभर रहा है, जिसे 2030 तक 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है (MarketsandMarkets, 2023), जो निजी और सरकारी क्षेत्रों की सक्रिय मलबा हटाने वाली तकनीकों में रुचि से प्रेरित है। फिर भी, मलबा कम करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन कमजोर हैं क्योंकि ऑपरेटर अधिक उपग्रह लॉन्च और उनके कामकाज को प्राथमिकता देते हैं, बजाय दीर्घकालीन कक्षा स्थिरता के।

अंतरिक्ष मलबा प्रबंधन में संस्थागत भूमिकाएं

ISRO भारत में उपग्रह लॉन्च का नेतृत्व करता है और मलबा कम करने की नीतियां बनाता है, लेकिन कार्यान्वयन और मलबा हटाने की तकनीक में चुनौतियों का सामना करता है। IN-SPACe 2023 के अधिनियम के तहत निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष गतिविधियों को नियंत्रित करता है, लेकिन इसके पास सख्त अनुपालन जांच के उपाय नहीं हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, UN COPUOS शासन के लिए ढांचे प्रदान करता है, लेकिन बाध्यकारी अधिकार नहीं रखता। International Telecommunication Union (ITU) आवृत्ति नियंत्रित करता है, भौतिक मलबे को नहीं। Space Debris Coordination Committee (IADC) स्वैच्छिक मलबा कम करने के मानक तय करता है, लेकिन पालन असंगत है। NASA मलबे की ट्रैकिंग और जोखिम आकलन करता है, पर नियम लागू नहीं कर सकता।

तुलनात्मक अध्ययन: भारत बनाम यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)

पहलूभारतयूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
मलबा कम करने की नीतिIndian Space Activities Act, 2023 के तहत अनिवार्य; लागू करने के उपाय कमजोर2002 से व्यापक नीति; जीवनकाल के अंत में कक्षा से हटाना अनिवार्य
सक्रिय मलबा हटानासीमित तकनीक और संचालनसक्रिय मलबा हटाने के मिशन चालू; वैश्विक औसत से 30% कम मलबा उत्पादन (ESA Space Debris Office, 2023)
नियामक प्राधिकरणISRO और IN-SPACe संयुक्त रूप से जिम्मेदारESA के पास समर्पित Space Debris Office और लागू करने की क्षमता
अनुपालन जांचअभाव या न्यूनतमनियमित अनुपालन ऑडिट और रिपोर्टिंग

महत्वपूर्ण शासन खामियां और प्रभाव

  • बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय लागू करने वाले तंत्र का अभाव राष्ट्रीय स्तर पर असंगत कार्यान्वयन का कारण है।
  • मलबा कम करने के अनुपालन की मानकीकृत जांच न होने से मलबे की अनियंत्रित वृद्धि होती है।
  • भारत जैसे देशों के कानून मलबा कम करने का निर्देश देते हैं, लेकिन लागू करने और दंड देने के स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं।
  • निजी क्षेत्र के तेज उपग्रह लॉन्च से निगरानी कमजोर पड़ती है, जिससे टकराव का खतरा बढ़ता है।
  • आर्थिक प्रोत्साहन उपग्रहों की संख्या बढ़ाने पर ज्यादा केन्द्रित हैं, जिससे स्थिरता की चुनौतियां बढ़ती हैं।

आगे का रास्ता: अंतरिक्ष शासन को मजबूत बनाना

  • मलबा कम करने और सक्रिय हटाने के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधियाँ बनाएं।
  • राष्ट्रीय नियमों को स्पष्ट कार्यान्वयन, दंड और अनुपालन जांच के साथ मजबूत करें।
  • मलबा ट्रैकिंग, डेटा साझा करने और संयुक्त सफाई अभियानों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाएं।
  • निजी क्षेत्र को लाइसेंसिंग शर्तों, बीमा आवश्यकताओं और बाजार आधारित उपायों से प्रोत्साहित करें।
  • सस्ती और प्रभावी सक्रिय मलबा हटाने वाली तकनीकों के अनुसंधान और विकास में निवेश करें।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
Outer Space Treaty, 1967 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. यह अंतरिक्ष में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि को प्रतिबंधित करता है।
  2. इसमें अंतरिक्ष मलबा कम करने के लिए विशिष्ट प्रावधान शामिल हैं।
  3. यह निर्धारित करता है कि बाहरी अंतरिक्ष सभी राज्यों के लिए खोज और उपयोग के लिए मुक्त है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3
उत्तर: (c)
कथन 1 सही है क्योंकि संधि ने कक्षा में विनाशकारी हथियारों को प्रतिबंधित किया है, लेकिन सभी सैन्य गतिविधियों को नहीं। कथन 2 गलत है; संधि में अंतरिक्ष मलबा कम करने के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं। कथन 3 सही है; यह बाहरी अंतरिक्ष को सभी राज्यों के लिए मुक्त उपयोग और खोज के लिए मानता है।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
भारत के Space Activities Act, 2023 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. यह मलबा कम करने के अनुपालन के लिए विस्तृत लागू करने वाले प्रावधान देता है।
  2. यह IN-SPACe प्राधिकरण के माध्यम से निजी अंतरिक्ष गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
  3. यह Outer Space Treaty के मलबा संबंधी प्रावधानों के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • aकेवल 1
  • bकेवल 2
  • cकेवल 3
  • dकेवल 1 और 2
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है; अधिनियम मलबा कम करने का निर्देश देता है, लेकिन लागू करने के लिए विस्तृत प्रावधान नहीं हैं। कथन 2 सही है; IN-SPACe निजी क्षेत्र की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है; अधिनियम Outer Space Treaty के प्रावधानों के साथ पूरी तरह मेल नहीं खाता, खासकर लागू करने के मामले में।

मुख्य प्रश्न

पृथ्वी की कक्षाओं में अंतरिक्ष मलबे के बढ़ने से उत्पन्न चुनौतियों का गंभीर विश्लेषण करें। भारत के Space Activities Act, 2023 सहित वर्तमान अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय शासन ढांचे की पर्याप्तता पर चर्चा करें और अंतरिक्ष की स्थिरता बढ़ाने के उपाय सुझाएं।

Kessler Syndrome क्या है और इसका महत्व क्यों है?

Kessler Syndrome उस स्थिति को कहते हैं जब अंतरिक्ष मलबे की घनता इतनी बढ़ जाती है कि वस्तुओं के बीच टकराव एक श्रृंखला की तरह होता है, जिससे मलबे और टकराव का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। NASA के अनुसार, यदि मलबा कम करने के उपाय नहीं किए गए तो यह 2030 तक गंभीर हो सकता है।

भारत के Space Activities Act, 2023 में मलबा कम करने से जुड़ी प्रमुख धाराएं क्या हैं?

अधिनियम के अध्याय IV की धारा 15-18 के तहत उपग्रह संचालकों को मलबा कम करने के लिए योजना प्रस्तुत करनी होती है, जिसमें उपग्रह के जीवनकाल के अंत में उसे हटाने की व्यवस्था शामिल है, लेकिन लागू करने के उपाय और दंड स्पष्ट नहीं हैं।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) का अंतरिक्ष मलबे से निपटने का तरीका भारत से कैसे अलग है?

ESA के पास 2002 से व्यापक मलबा कम करने की नीति है, जिसमें जीवनकाल के अंत में कक्षा से हटाना अनिवार्य है और सक्रिय मलबा हटाने के मिशन संचालित हैं, जिससे वैश्विक औसत की तुलना में 30% कम मलबा उत्पन्न होता है। भारत की नीति अभी शुरुआती चरण में है, जिसमें लागू करने की क्षमता सीमित है और सक्रिय मलबा हटाने के मिशन नहीं हैं।

UN COPUOS अंतरिक्ष मलबा प्रबंधन में क्या भूमिका निभाता है?

COPUOS मलबा कम करने के लिए गैर-बाध्यकारी दिशानिर्देश बनाता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है, लेकिन इसके पास लागू करने का अधिकार नहीं है, यह सदस्य राज्यों की स्वैच्छिक भागीदारी पर निर्भर करता है।

अंतरिक्ष शासन में लागू करने की कमी क्यों गंभीर समस्या है?

बाध्यकारी लागू करने वाले तंत्र के बिना, राज्य और निजी क्षेत्र के खिलाड़ी मलबा कम करने के नियमों की अनदेखी कर सकते हैं, जिससे असंगत कार्यान्वयन होता है और मलबे की अनियंत्रित वृद्धि होती है, जो टकराव के जोखिम को बढ़ाती है और कक्षा की स्थिरता को खतरे में डालती है।

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