सिमिलिपाल बाघों में दुर्लभ Taqpep जीन म्यूटेशन की खोज
2023 में National Centre for Biological Sciences (NCBS) के शोधकर्ताओं ने Transmembrane Aminopeptidase Q (Taqpep) जीन में एक दुर्लभ म्यूटेशन की पहचान की, जो सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (STR), ओड़िशा में पाए जाने वाले बाघों में मेलानिज्म का कारण बनता है। यह म्यूटेशन बाघों की धारियों को चौड़ा और आपस में जुड़ा हुआ बनाता है, जिससे उनका रंग काला दिखता है, जो सामान्य नारंगी धारियों वाले बाघों से अलग है। STR विश्व में एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां मेलानिस्टिक बाघों की आबादी लगभग 17% है, जो अनुमानित 70 बाघों में शामिल है (NCBS, 2023; NTCA, 2023)।
यह म्यूटेशन एक सिंगल न्यूक्लियोटाइड पॉलीमॉर्फिज्म है, जो जीनोमिक सिक्वेंसिंग के जरिए पहचाना गया है और धारियों के पैटर्न को बदलता है (NCBS, 2024)। इस आनुवंशिक असामान्यता के पीछे मुख्य कारण आनुवंशिक ड्रिफ्ट है, जो STR के भौगोलिक अलगाव के कारण हुआ है; इस अलगाव ने अन्य बाघ अभयारण्यों की तुलना में जीन प्रवाह को 40% से अधिक कम कर दिया है (WII, 2023)। नतीजतन, इनब्रिडिंग बढ़ी है, जिससे दीर्घकालीन आबादी की स्थिरता पर चिंता बढ़ रही है।
UPSC प्रासंगिकता
- GS पेपर 3: पर्यावरण और जैव विविधता – प्रजाति संरक्षण में आनुवंशिक कारक, प्रोजेक्ट टाइगर, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम।
- GS पेपर 2: राजनीति और शासन – वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के लिए कानूनी ढांचे।
- निबंध विषय – संरक्षण की चुनौतियाँ, जैव विविधता हानि, और नीति में विज्ञान की भूमिका।
आनुवंशिक ड्रिफ्ट और बाघ आबादी पर इसका प्रभाव
आनुवंशिक ड्रिफ्ट छोटे और अलग-थलग आबादियों में एलील आवृत्तियों में यादृच्छिक बदलाव को कहते हैं। STR में, भौगोलिक बाधाओं ने बाघों के फैलाव को सीमित कर दिया है, जिससे जीन पूल बंद हो गया है। पीढ़ियों के दौरान, इसने Taqpep म्यूटेशन जैसे दुर्लभ एलीलों के संचय और होमोजायगोसिटी में वृद्धि की है, जो इनब्रिडिंग डिप्रेशन का कारण बन सकती है।
- STR का अलगाव अन्य बाघ आवासों की तुलना में जीन प्रवाह को 40% कम करता है (WII, 2023)।
- इनब्रिडिंग से हानिकारक एलीलों का खतरा बढ़ता है, जो आबादी की फिटनेस को प्रभावित करता है।
- यहाँ मेलानिज्म आनुवंशिक ड्रिफ्ट का एक प्रकट phenotypic संकेतक है, न कि अनुकूलनात्मक चयन का परिणाम।
बाघ संरक्षण के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचे
Wildlife Protection Act, 1972 की धारा 18 और 38 के तहत संकटग्रस्त प्रजातियों और उनके आवासों की सुरक्षा अनिवार्य है, जिसमें बाघ और STR शामिल हैं। Biological Diversity Act, 2002 आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण को नियंत्रित करता है, जिसमें धारा 2 जैव विविधता की परिभाषा और धारा 36 आनुवंशिक सामग्री तक पहुंच को नियंत्रित करती है। Environment Protection Act, 1986 केंद्र सरकार को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की घोषणा करने का अधिकार देता है (धारा 3 और 5), जिससे आवास संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
T.N. Godavarman Thirumulpad vs Union of India (1996) जैसे न्यायिक फैसलों ने बाघ संरक्षण में आवास संरक्षण की प्राथमिकता को मजबूत किया है। National Tiger Conservation Authority (NTCA) प्रोजेक्ट टाइगर के क्रियान्वयन और बाघ अभयारण्य प्रबंधन की देखरेख करता है, जबकि Wildlife Institute of India (WII) और NCBS आनुवंशिकी और पारिस्थितिकी पर वैज्ञानिक इनपुट देते हैं।
- प्रोजेक्ट टाइगर का बजट 2020 में INR 235 करोड़ से बढ़कर 2023 में INR 300 करोड़ हो गया है (MoEFCC वार्षिक रिपोर्ट)।
- STR प्रबंधन प्राधिकरण संरक्षण और निगरानी कार्यों को लागू करता है।
- NCBS अलग-थलग आबादियों की समझ के लिए जीनोमिक अनुसंधान में अग्रणी है।
सिमिलिपाल बाघ संरक्षण के आर्थिक पहलू
STR स्थानीय इकोटूरिज्म से सालाना लगभग INR 50 करोड़ का योगदान करता है, जो जिले की GDP का 15% हिस्सा है (ओड़िशा टूरिज्म विभाग, 2023)। संरक्षण से जुड़ी रोजगार योजनाएं 500 से अधिक जनजातीय परिवारों का सहारा हैं, जो सामाजिक-आर्थिक कल्याण को जैव विविधता के लक्ष्यों के साथ जोड़ती हैं। NCBS में वन्यजीव जीनोमिक्स के लिए वित्त पोषण 2020 से 25% बढ़ा है, जो संरक्षण अर्थशास्त्र में आनुवंशिकी की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
- प्रोजेक्ट टाइगर का INR 300 करोड़ बजट अवैध शिकार रोधी, आवास प्रबंधन और अनुसंधान को समर्थन देता है।
- इकोटूरिज्म राजस्व आवास संरक्षण और समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
- जीनोमिक अनुसंधान फंडिंग लक्षित संरक्षण रणनीतियों को बेहतर बनाती है।
तुलनात्मक अध्ययन: सिमिलिपाल बाघ बनाम मलेशियाई टामन नेगारा बाघ
| परिमाण | सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (भारत) | टामन नेगारा नेशनल पार्क (मलेशिया) |
|---|---|---|
| मेलानिज्म का कारण | Taqpep जीन म्यूटेशन (सिंगल न्यूक्लियोटाइड पॉलीमॉर्फिज्म) | मेलानिज्म के लिए समान आनुवंशिक म्यूटेशन |
| आनुवंशिक विविधता | भौगोलिक अलगाव के कारण कम; 40% कम जीन प्रवाह | आवास कनेक्टिविटी और गलियारों के कारण अधिक |
| बाघ आबादी का रुझान | इनब्रिडिंग और अलगाव के कारण जोखिम में | 3% वार्षिक स्थिर वृद्धि (मलेशियाई वन्यजीव विभाग, 2022) |
| संरक्षण रणनीति | प्रबंधन में जीनोमिक्स का सीमित समावेश | सक्रिय आवास कनेक्टिविटी और आनुवंशिक निगरानी |
| इकोटूरिज्म प्रभाव | सालाना INR 50 करोड़; जिले की GDP का 15% | महत्वपूर्ण पर कम मापित; जैव विविधता पर्यटन से जुड़ा |
वर्तमान संरक्षण नीतियों में प्रमुख कमियां
प्रोजेक्ट टाइगर के बढ़ते बजट के बावजूद, जीनोमिक डेटा का समावेश अभी भी अपर्याप्त है, खासकर STR जैसी अलग-थलग आबादियों के लिए। यह कमी इनब्रिडिंग डिप्रेशन और आनुवंशिक क्षरण के सक्रिय प्रबंधन में बाधा बन रही है। वर्तमान नीतियाँ मुख्यतः अवैध शिकार रोकथाम और आवास संरक्षण पर केंद्रित हैं, जबकि आबादी की आनुवंशिकी को संरक्षण का मूल स्तंभ मानना बाकी है।
- जीन प्रवाह बढ़ाने के लिए आनुवंशिक बचाव या स्थानांतरण रणनीतियों का अभाव।
- आनुवंशिक स्वास्थ्य की निगरानी के लिए जीनोमिक टूल्स का सीमित उपयोग।
- संरक्षण आनुवंशिकी को स्पष्ट रूप से शामिल करने के लिए नीतिगत ढांचे का अद्यतन आवश्यक।
महत्व और आगे का रास्ता
- इनब्रिडिंग का पता लगाने और प्रबंधन के लिए प्रोजेक्ट टाइगर की निगरानी प्रक्रियाओं में जीनोमिक सर्विलांस शामिल करें।
- STR और आस-पास के बाघ आबादियों के बीच जीन प्रवाह बढ़ाने के लिए गलियारों का विकास या प्रबंधित स्थानांतरण करें।
- Wildlife Protection Act और Biological Diversity Act के तहत कानूनी प्रावधानों को मजबूत करें ताकि आनुवंशिक विविधता का मूल्यांकन अनिवार्य हो।
- NCBS और WII जैसे संस्थानों में वन्यजीव जीनोमिक्स अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए फंडिंग बढ़ाएं।
- सामुदायिक संरक्षण को बढ़ावा दें, जो सामाजिक-आर्थिक प्रोत्साहनों के साथ बाघ आबादी के आनुवंशिक स्वास्थ्य को जोड़ता हो।
- आनुवंशिक ड्रिफ्ट मुख्य रूप से प्राकृतिक चयन के कारण एलील आवृत्ति में बदलाव लाता है।
- भौगोलिक अलगाव छोटे आबादियों में आनुवंशिक ड्रिफ्ट के प्रभाव को बढ़ा सकता है।
- आनुवंशिक ड्रिफ्ट दुर्लभ म्यूटेशन जैसे मेलानिज्म की प्रचलनता बढ़ा सकता है।
इनमें से कौन-से कथन सही हैं?
- धारा 18 संकटग्रस्त प्रजातियों जैसे बाघों का शिकार प्रतिबंधित करती है।
- धारा 38 केंद्र सरकार को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का अधिकार देती है।
- यह अधिनियम आवास संरक्षण के उपाय प्रदान नहीं करता।
इनमें से कौन-से कथन सही हैं?
मेन प्रश्न
आनुवंशिक ड्रिफ्ट और भौगोलिक अलगाव का बाघ संरक्षण पर प्रभाव, विशेषकर सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व के मेलानिस्टिक बाघों के संदर्भ में, चर्चा करें। इन चुनौतियों से निपटने के लिए मौजूदा वन्यजीव संरक्षण कानूनों और रणनीतियों में क्या बदलाव किए जाने चाहिए? (250 शब्द)
झारखंड और JPSC प्रासंगिकता
- JPSC पेपर: पेपर 2 (पर्यावरण और पारिस्थितिकी) – वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता आनुवंशिकी।
- झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड में पलामू जैसे बाघ अभयारण्यों में आवास विखंडन और आनुवंशिक अलगाव जैसी समान चुनौतियाँ हैं।
- मेन पॉइंटर: आनुवंशिक कारकों को संरक्षण नीतियों से जोड़कर उत्तर तैयार करें, STR को केस स्टडी के रूप में उपयोग करें और झारखंड के बाघ आवासों से तुलना करें।
सिमिलिपाल बाघों में मेलानिज्म का कारण क्या है?
सिमिलिपाल बाघों में मेलानिज्म Taqpep जीन में एक दुर्लभ म्यूटेशन के कारण होता है, जो धारियों के पैटर्न को बदलकर बाघ को काला दिखाता है (NCBS, 2024)।
आनुवंशिक ड्रिफ्ट बाघ आबादियों को कैसे प्रभावित करता है?
आनुवंशिक ड्रिफ्ट छोटे और अलग-थलग आबादियों में एलील आवृत्ति में यादृच्छिक बदलाव लाता है, जिससे इनब्रिडिंग बढ़ती है और दुर्लभ म्यूटेशन फिक्स हो जाते हैं (WII, 2023)।
भारत में बाघ और उनके आवासों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से कानून हैं?
Wildlife Protection Act, 1972 (धारा 18 और 38), Biological Diversity Act, 2002 और Environment Protection Act, 1986 बाघ और उनके आवासों के संरक्षण के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करते हैं।
प्रोजेक्ट टाइगर बाघ संरक्षण में क्या भूमिका निभाता है?
प्रोजेक्ट टाइगर, जो NTCA के तहत MoEFCC द्वारा संचालित है, आवास संरक्षण, अवैध शिकार रोकथाम और अनुसंधान को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। 2023-24 में इसका बजट INR 300 करोड़ तक बढ़ाया गया है, जो सिमिलिपाल जैसे बाघ अभयारण्यों का समर्थन करता है।
सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व आर्थिक रूप से कैसे योगदान देता है?
सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व स्थानीय इकोटूरिज्म से सालाना लगभग INR 50 करोड़ कमाता है, जो जिले की GDP का 15% है और 500 से अधिक जनजातीय परिवारों को संरक्षण से जुड़े रोजगार प्रदान करता है (ओड़िशा टूरिज्म विभाग, 2023)।
आधिकारिक स्रोत और आगे पढ़ाई के लिए
स्रोत: LearnPro Editorial | सामान्य अध्ययन | प्रकाशित: 16 September 2021 | अंतिम अपडेट: 3 May 2026
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