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परिचय: आर्टेमिस II मिशन का अवलोकन और महत्व

आर्टेमिस II नासा का पहला मानवयुक्त चंद्र कक्षा मिशन है, जिसकी योजना 2024 में है। यह सफल आर्टेमिस I टेस्ट फ्लाइट के बाद आता है, जो 2022 के अंत में पूरी हुई थी और जिसमें Space Launch System (SLS) और Orion अंतरिक्ष यान की पुष्टि हुई। आर्टेमिस II मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्र की कक्षा में यात्रा करेंगे, लेकिन चंद्र पर उतरेंगे नहीं, जिससे आगे के सतही मिशनों की तैयारी होगी। यह मिशन चंद्र से सतत वैज्ञानिक अनुसंधान को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो रोबोटिक मिशनों से एक बड़ी छलांग है और चंद्र अन्वेषण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए आयाम खोलता है।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी - अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्वेषण; अंतरिक्ष मिशनों का आर्थिक प्रभाव
  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध - अंतरिक्ष संधियाँ और सहयोग
  • निबंध: भारत के विकास में प्रौद्योगिकी और नवाचार

आर्टेमिस II के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचा

आर्टेमिस II मिशन यू.एस. नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एक्ट, 1958 के तहत संचालित होता है, जो NASA के अधिकार और दायित्व निर्धारित करता है। इस एक्ट में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं ताकि चंद्र अन्वेषण जैसे नए लक्ष्यों को शामिल किया जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, आर्टेमिस II और संबंधित गतिविधियां Outer Space Treaty, 1967 के अंतर्गत आती हैं, जो अंतरिक्ष और आकाशीय पिंडों के शांतिपूर्ण उपयोग, राष्ट्रीय अधिग्रहण निषेध, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांत निर्धारित करती है।

  • Space Activities Act, 2023 (भारत) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान और व्यावसायिक गतिविधियों को नियंत्रित करता है, लेकिन सीधे आर्टेमिस मिशनों को नहीं।
  • UN COPUOS अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून के अनुपालन की निगरानी करता है, जिसमें आर्टेमिस कार्यक्रम भी शामिल है।
  • NASA आर्टेमिस का नेतृत्व करता है, जबकि ESA जैसे साझेदार तकनीकी और अनुसंधान सहयोग देते हैं।

आर्टेमिस II और चंद्र अन्वेषण के आर्थिक पहलू

NASA का आर्टेमिस कार्यक्रम 2021-2025 के लिए लगभग $93 बिलियन के बजट के साथ चंद्र अवसंरचना और तकनीकी निवेश की विशालता को दर्शाता है। वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2021 में $469 बिलियन तक पहुंच गई, जो 2017-2021 के बीच 6.7% की CAGR से बढ़ी है, और चंद्र अन्वेषण नए बाजारों को जन्म देगा।

  • आर्टेमिस प्रेरित चंद्र शोध से 2030 तक वार्षिक $10 बिलियन तक के व्यावसायिक अंतरिक्ष गतिविधि उत्पन्न होने की संभावना है।
  • मुख्य आर्थिक अवसरों में इन-सिटू रिसोर्स यूटिलाइजेशन (ISRU), वैज्ञानिक उपकरण, और व्यावसायिक चंद्र पेलोड तैनाती शामिल हैं।
  • आर्टेमिस II की सफलता के बाद अंतरिक्ष खनन और अनुसंधान में निजी क्षेत्र की वृद्धि तेज होगी।

प्रमुख संस्थान और उनका आर्टेमिस II एवं चंद्र अनुसंधान में योगदान

संस्थानभूमिकाआर्टेमिस II से संबंध
NASAआर्टेमिस मिशनों का नेतृत्वमिशन योजना, प्रक्षेपण, मानवयुक्त चंद्र कक्षा
ISROभारतीय अंतरिक्ष एजेंसीसंभावित सहयोगी और प्रतिस्पर्धी; 2023 में चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग
ESAयूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसीआर्टेमिस कार्यक्रम में तकनीकी और अनुसंधान सहयोगी
LROलूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटरआर्टेमिस के लिए महत्वपूर्ण चंद्र सतह डेटा प्रदान करता है
UN COPUOSअंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून निगरानीOuter Space Treaty के अनुपालन को सुनिश्चित करता है

तुलनात्मक विश्लेषण: आर्टेमिस II बनाम चीन का चांग-ए चंद्र कार्यक्रम

चीन का चांग-ए कार्यक्रम कई रोबोटिक चंद्र लैंडिंग और नमूना वापसी मिशन कर चुका है, जो मजबूत रोबोटिक उपस्थिति दर्शाता है। आर्टेमिस II का मानवयुक्त चंद्र कक्षा मिशन मानवीय नेतृत्व वाले अनुसंधान और अवसंरचना विकास के लिए एक गुणात्मक उन्नति है।

विशेषताआर्टेमिस II (अमेरिका)चांग-ए कार्यक्रम (चीन)
मिशन प्रकारमानवयुक्त चंद्र कक्षारोबोटिक लैंडर और नमूना वापसी
मानव उपस्थितिअपोलो के बाद पहला मानवयुक्त मिशनअभी तक कोई मानवयुक्त मिशन नहीं
अंतरराष्ट्रीय सहयोगबहुराष्ट्रीय साझेदार (ESA, JAXA, CSA)मुख्यतः राष्ट्रीय
अनुसंधान केंद्रितमानव नेतृत्व वाला विज्ञान और अवसंरचनारोबोटिक सतही अन्वेषण और नमूना विश्लेषण
कानूनी ढांचाअमेरिकी कानून + Outer Space Treatyचीनी अंतरिक्ष कानून + Outer Space Treaty

चंद्र संसाधन उपयोग में नीति संबंधी चुनौतियां

आर्टेमिस II की तकनीकी प्रगति के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे में संसाधन निष्कर्षण अधिकार और दीर्घकालिक चंद्र आवास के स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं। Outer Space Treaty राष्ट्रीय अधिग्रहण को रोकता है, लेकिन व्यावसायिक संसाधन उपयोग पर अस्पष्ट है, जिससे भू-राजनीतिक तनाव की संभावना बढ़ती है।

  • इन-सिटू रिसोर्स यूटिलाइजेशन (ISRU) के लिए कोई सार्वभौमिक नियम नहीं हैं, जिससे चंद्र खनन पर विवाद हो सकते हैं।
  • चंद्र पर दीर्घकालिक आवास अधिकार और पर्यावरण संरक्षण के मानक अस्पष्ट हैं।
  • अद्यतन संधियाँ या समझौते न होने पर बहुराष्ट्रीय सहयोग बाधित हो सकता है।

महत्व और आगे का रास्ता

  • आर्टेमिस II मानवयुक्त चंद्र कक्षा में संचालन को प्रमाणित करेगा, जिससे सतत अनुसंधान और अवसंरचना विकास संभव होगा।
  • यह व्यावसायिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, विशेषकर चंद्र संसाधन उपयोग और वैज्ञानिक पेलोड तैनाती में।
  • आर्टेमिस के तहत अंतरराष्ट्रीय सहयोग चंद्र अन्वेषण में सहयोग का नया उदाहरण पेश करता है, जो एकतरफा कार्यक्रमों से अलग है।
  • भारत की चंद्रयान-3 की सफलता इसे एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है, जिसके लिए सहयोग या प्रतिस्पर्धा दोनों के अवसर हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून को संसाधन अधिकार और आवास मानकों को स्पष्ट करने के लिए अपडेट करना आवश्यक है ताकि भविष्य के विवाद टाले जा सकें।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
आर्टेमिस II मिशन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. आर्टेमिस II नासा द्वारा नियोजित पहला मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग मिशन है।
  2. यह अनमानवयुक्त आर्टेमिस I टेस्ट फ्लाइट के बाद आता है।
  3. आर्टेमिस II Outer Space Treaty, 1967 के तहत संचालित है।
  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है क्योंकि आर्टेमिस II मानवयुक्त चंद्र कक्षा मिशन है, लैंडिंग नहीं। कथन 2 सही है क्योंकि आर्टेमिस II आर्टेमिस I के बाद आता है। कथन 3 सही है क्योंकि आर्टेमिस मिशन Outer Space Treaty के अनुरूप हैं।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
Outer Space Treaty, 1967 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. यह चंद्र और अन्य आकाशीय पिंडों के राष्ट्रीय अधिग्रहण को रोकता है।
  2. यह चंद्र पर व्यावसायिक खनन अधिकार स्पष्ट रूप से प्रदान करता है।
  3. यह आर्टेमिस मिशनों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आधार बनाता है।
  • aकेवल 1
  • bऔर 3
  • cकेवल
  • dकेवल 1 और 3
उत्तर: (d)
कथन 1 सही है; संधि राष्ट्रीय अधिग्रहण को रोकती है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह व्यावसायिक खनन अधिकार स्पष्ट रूप से नहीं देती। कथन 3 सही है; संधि आर्टेमिस के अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आधार है।

मुख्य प्रश्न

आर्टेमिस II मिशन चंद्र वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को कैसे बदल सकता है? सतत और शांतिपूर्ण चंद्र अन्वेषण सुनिश्चित करने के लिए किन मुख्य कानूनी और नीति चुनौतियों का समाधान आवश्यक है? (250 शब्द)

आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

आर्टेमिस II का उद्देश्य मानवयुक्त मिशन के तहत चंद्र की कक्षा में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना है, जिससे चंद्र कक्षा में मानव अंतरिक्ष उड़ान प्रणालियों का परीक्षण हो और भविष्य के चंद्र लैंडिंग मिशनों की तैयारी हो सके। इसकी योजना 2024 में है।

कौन सी अंतरराष्ट्रीय संधि आर्टेमिस II और अन्य चंद्र मिशनों को नियंत्रित करती है?

Outer Space Treaty, 1967 आर्टेमिस II को नियंत्रित करती है, जो अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग, राष्ट्रीय अधिग्रहण निषेध, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांत स्थापित करती है।

आर्टेमिस II चीन के चांग-ए चंद्र कार्यक्रम से कैसे अलग है?

आर्टेमिस II मानवयुक्त चंद्र कक्षा मिशन है जो मानव नेतृत्व वाले अनुसंधान को सक्षम करता है, जबकि चांग-ए रोबोटिक लैंडर और नमूना वापसी मिशन हैं, जिनमें मानव उपस्थिति नहीं है।

आर्टेमिस II का वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा?

आर्टेमिस II व्यावसायिक चंद्र गतिविधियों को तेज करेगा, जिसमें संसाधन उपयोग और वैज्ञानिक पेलोड तैनाती शामिल हैं, जो 2030 तक वार्षिक $10 बिलियन तक की आय उत्पन्न कर सकता है और निजी क्षेत्र की वृद्धि को प्रोत्साहित करेगा।

वर्तमान अंतरिक्ष कानून के तहत चंद्र संसाधन उपयोग में कौन-कौन सी नीति चुनौतियां हैं?

वर्तमान अंतरराष्ट्रीय कानून में व्यावसायिक संसाधन निष्कर्षण और दीर्घकालिक चंद्र आवास अधिकारों के स्पष्ट नियम नहीं हैं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव और बहुराष्ट्रीय सहयोग में बाधाएं आ सकती हैं।

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