अपडेट

नासा द्वारा 2024 में लॉन्च किया गया आर्टेमिस II मिशन, अपोलो कार्यक्रम के बाद पहली बार चालक दल के साथ पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर अंतरिक्ष यात्रा करने वाला मिशन था। इस मिशन में चालक दल ने चंद्रमा की परिक्रमा की, जो पृथ्वी से लगभग 450,000 किमी की दूरी पर था, जो अपोलो 13 के 400,171 किमी के रिकॉर्ड से भी अधिक है (NASA मिशन डेटा, 2024)। केनेडी स्पेस सेंटर से संचालित यह मिशन 10 दिनों तक चला और इस दौरान गहरे अंतरिक्ष में नेविगेशन, जीवन-समर्थन प्रणालियों और मानव सहनशक्ति का परीक्षण किया गया, जिससे 2028 तक स्थायी चंद्र उपस्थिति के लक्ष्य को आगे बढ़ाया गया (NASA आर्टेमिस रोडमैप, 2023)।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: विज्ञान और तकनीक – अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्वेषण, नासा का आर्टेमिस कार्यक्रम।
  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध – अंतरिक्ष सहयोग और प्रतिस्पर्धा, अमेरिका-चीन अंतरिक्ष दौड़।
  • निबंध: भारत के विकास में तकनीक और नवाचार।

आर्टेमिस II के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचा

आर्टेमिस II मिशन नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एक्ट, 1958 (42 U.S.C. § 2451 et seq.) के तहत संचालित होता है, जो NASA को पृथ्वी की कक्षा से परे मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए अधिकृत करता है। यह भारत के स्पेस एक्टिविटीज एक्ट, 2017 से अलग है, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नियंत्रित करता है। नासा का आर्टेमिस कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वित है, खासकर यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) के साथ, जो ओरियन अंतरिक्ष यान के लिए यूरोपीय सर्विस मॉड्यूल प्रदान करती है, जो प्रणोदन और जीवन-समर्थन की सेवा करती है (ESA आधिकारिक रिलीज, 2024)।

  • NASA आर्टेमिस II मिशन के संचालन और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण की मुख्य एजेंसी है।
  • ESA मिशन की अवधि बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण यांत्रिक घटक प्रदान करता है।
  • ISRO का केंद्रित योगदान मुख्यतः राष्ट्रीय स्तर पर निचली कक्षा और चंद्र रोबोटिक मिशनों तक सीमित है।
  • स्पेस फाउंडेशन वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के आंकड़े प्रदान करता है, जो आर्टेमिस II के आर्थिक प्रभाव को समझने में मदद करता है।

आर्टेमिस II की गहरे अंतरिक्ष यात्रा के लिए तकनीकी नवाचार

आर्टेमिस II का चालक दलयुक्त अंतरिक्ष यान, ओरियन, ESA द्वारा प्रदान किए गए यूरोपीय सर्विस मॉड्यूल के माध्यम से उन्नत जीवन-समर्थन और प्रणोदन प्रणाली से लैस है। इससे 10 दिनों की मिशन अवधि संभव हुई, जो 50 वर्षों में पहली बार निचली पृथ्वी कक्षा से परे मानव सहनशक्ति का परीक्षण है। मिशन की यात्रा पथ में चंद्रमा की परिक्रमा शामिल है, जिससे चालक दल की दूरी 450,000 किमी तक पहुंची, जो गहरे अंतरिक्ष नेविगेशन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है (NASA आर्टेमिस II फैक्ट शीट)।

  • यूरोपीय सर्विस मॉड्यूल प्रणोदन, ऊर्जा, ताप नियंत्रण और जीवन-समर्थन प्रदान करता है।
  • ओरियन के नेविगेशन सिस्टम ने चंद्रमा की परिक्रमा और सुरक्षित वापसी के लिए सटीक मार्ग सुनिश्चित किया।
  • जीवन-समर्थन प्रणालियों का परीक्षण विकिरण सुरक्षा और गहरे अंतरिक्ष में स्थायी मानव आवास के लिए किया गया।
  • 10 दिनों की मिशन अवधि में अंतरिक्ष यात्रियों के शारीरिक और मानसिक प्रभावों का मूल्यांकन किया गया।

आर्थिक पहलू: आर्टेमिस II और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था

NASA के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए 2020-2025 के लिए लगभग $93 बिलियन का बजट निर्धारित है (NASA बजट अनुमान 2024), जो मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिए संघीय प्राथमिकता को दर्शाता है। वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मूल्य 2021 में $469 बिलियन था, जो हर साल 6.7% की दर से बढ़ रही है (स्पेस फाउंडेशन, 2022)। आर्टेमिस II के तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने नवाचार और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देकर इस वृद्धि में योगदान दिया है।

  • आर्टेमिस कार्यक्रम का बजट अवसंरचना, अनुसंधान एवं विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को समर्थन देता है।
  • वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की वृद्धि उपग्रह सेवाओं, मानव अंतरिक्ष उड़ान और अन्वेषण से प्रेरित है।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग लागत कम करता है और तकनीकी जोखिम साझा करता है।
  • स्पेसएक्स जैसे व्यावसायिक अंतरिक्ष संगठन पुन: प्रयोज्य तकनीकों के माध्यम से भविष्य के मिशनों की स्थिरता को प्रभावित करते हैं।

तुलनात्मक अध्ययन: आर्टेमिस II बनाम चीन के चांग-ए मिशन

पहलूआर्टेमिस II (NASA)चीन के चांग-ए मिशन (CNSA)
मिशन का प्रकारचालक दल के साथ निचली पृथ्वी कक्षा से बाहर चंद्रमा की परिक्रमारोबोटिक चंद्र सतह अन्वेषण और नमूना वापसी
पृथ्वी से दूरीलगभग 450,000 किमी (चंद्र परिक्रमा)लगभग 380,000 किमी (नमूना वापसी मिशन)
मानव उपस्थितिअपोलो के बाद पहली मानव गहरे अंतरिक्ष उड़ानकोई मानव चालक दल नहीं; केवल रोबोटिक मिशन
तकनीकी केंद्रितजीवन-समर्थन, गहरे अंतरिक्ष नेविगेशन, चालक दल सहनशक्तिचंद्र सतह संचालन, नमूना संग्रह, स्वायत्त प्रणाली
रणनीतिक उद्देश्य2028 तक चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करनावैज्ञानिक अन्वेषण और चंद्र संसाधन मूल्यांकन

आर्टेमिस II और भविष्य के मिशनों की चुनौतियाँ

तकनीकी प्रगति के बावजूद, आर्टेमिस II ने गहरे अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के लिए स्थायी जीवन-समर्थन में चुनौतियों को उजागर किया है। विकिरण सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और बंद लूप जीवन-समर्थन प्रणालियां अभी भी नवाचार की मांग करती हैं। स्पेसएक्स जैसे प्रतियोगी पुन: प्रयोज्य अंतरिक्ष यान और कक्षा में ईंधन भरने जैसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो आर्टेमिस II में अभी शामिल नहीं हैं। ये कमियां दीर्घकालिक चंद्र बेस और भविष्य के मंगल मिशनों की व्यवहार्यता को प्रभावित करेंगी।

  • पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से बाहर लंबी अवधि के मिशनों के लिए विकिरण सुरक्षा सीमित है।
  • जीवन-समर्थन प्रणालियों में जल, वायु और अपशिष्ट के पुनर्चक्रण के लिए बंद लूप सिस्टम की आवश्यकता है।
  • अलगाव और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के मानसिक प्रभावों पर और अध्ययन जरूरी है।
  • पुन: प्रयोज्य अंतरिक्ष यान और कक्षा में ईंधन भरने की तकनीकें लागत-कुशल गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

महत्व और आगे का रास्ता

  • आर्टेमिस II की सफलता ने पांच दशकों बाद मानव गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण को पुनः स्थापित किया, जो चंद्र बेस और मंगल मिशनों के लिए आधार तैयार करता है।
  • ESA जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का योगदान अंतरिक्ष तकनीक में बहुपक्षीय सहयोग की अहमियत दर्शाता है।
  • भारत का ISRO आर्टेमिस II की तकनीकी उपलब्धियों से सीख लेकर अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान और चंद्र महत्वाकांक्षाओं को सशक्त कर सकता है।
  • जीवन-समर्थन और स्थिरता की चुनौतियों का समाधान भविष्य के चालक दल वाले मिशनों के लिए अनिवार्य है।
  • नीति ढांचे को विकसित करना होगा ताकि गहरे अंतरिक्ष गतिविधियों को शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
आर्टेमिस II मिशन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. आर्टेमिस II पहला चालक दल वाला मिशन है जो मंगल की परिक्रमा करता है।
  2. यूरोपीय सर्विस मॉड्यूल ओरियन अंतरिक्ष यान को प्रणोदन और जीवन-समर्थन प्रदान करता है।
  3. आर्टेमिस II ने पृथ्वी से सबसे दूर मानव अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड अपोलो 13 से पार कर लिया।
  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2 और 3
  • cकेवल 1 और 3
  • d1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है क्योंकि आर्टेमिस II ने मंगल की परिक्रमा नहीं की, बल्कि चंद्रमा की। कथन 2 और 3 सही हैं क्योंकि यूरोपीय सर्विस मॉड्यूल ने प्रमुख यांत्रिक कार्य किए और आर्टेमिस II ने अपोलो 13 का दूरी रिकॉर्ड तोड़ा।
📝 प्रारंभिक अभ्यास
अंतरिक्ष कानून और आर्टेमिस II के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. आर्टेमिस II भारत के स्पेस एक्टिविटीज एक्ट, 2017 के तहत संचालित होता है।
  2. NASA की गतिविधियां नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एक्ट, 1958 के तहत अधिकृत हैं।
  3. आर्टेमिस II मिशन योजना में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग शामिल नहीं है।
  • aकेवल 1 और 2
  • bकेवल 2
  • cकेवल 2 और 3
  • d1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (b)
कथन 1 गलत है क्योंकि आर्टेमिस II NASA के अधीन है, भारत के स्पेस एक्टिविटीज एक्ट के तहत नहीं। कथन 2 सही है। कथन 3 गलत है क्योंकि आर्टेमिस II में ESA के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल है।

मुख्य प्रश्न

नासा के आर्टेमिस II मिशन के मानव अंतरिक्ष अन्वेषण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में महत्व पर चर्चा करें। इसे अन्य देशों के चंद्र मिशनों से कैसे तुलना की जा सकती है, और स्थायी गहरे अंतरिक्ष आवास के लिए कौन सी चुनौतियां अभी बाकी हैं? (250 शब्द)

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 2 (विज्ञान और तकनीक), अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्वेषण
  • झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड के उभरते तकनीकी संस्थान आर्टेमिस II के जीवन-समर्थन और नेविगेशन तकनीकों का अध्ययन कर एयरोस्पेस अनुसंधान में योगदान दे सकते हैं।
  • मुख्य बिंदु: भारत की अंतरिक्ष नीति को वैश्विक रुझानों के संदर्भ में प्रस्तुत करें, आर्टेमिस II की तकनीकी उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उल्लेख करते हुए।
आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

आर्टेमिस II का उद्देश्य अपोलो के बाद पहली बार चालक दल के साथ चंद्रमा की परिक्रमा करना था, ओरियन यान के जीवन-समर्थन, प्रणोदन और नेविगेशन सिस्टम का 10 दिनों तक परीक्षण करना और स्थायी चंद्र अन्वेषण के लिए तैयारी करना था।

आर्टेमिस II के अंतरराष्ट्रीय सहयोग में कौन सी एजेंसी शामिल थी?

यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) ने यूरोपीय सर्विस मॉड्यूल प्रदान किया, जो ओरियन यान को प्रणोदन, ऊर्जा, ताप नियंत्रण और जीवन-समर्थन सुविधा उपलब्ध कराता है।

आर्टेमिस II ने पृथ्वी से कितनी दूरी तय की और यह अपोलो 13 से कैसे अलग है?

आर्टेमिस II ने लगभग 450,000 किमी की दूरी तय की, जो अपोलो 13 के 400,171 किमी के रिकॉर्ड से अधिक है, और यह अब तक की सबसे दूर मानव अंतरिक्ष उड़ान है।

NASA के आर्टेमिस II मिशन के लिए कौन सा कानूनी ढांचा लागू होता है?

NASA का आर्टेमिस II मिशन नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एक्ट, 1958 के तहत संचालित होता है, जो मानव अंतरिक्ष उड़ान को पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर अनुमति देता है।

आर्टेमिस II ने भविष्य के गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए कौन सी प्रमुख चुनौतियां उजागर की हैं?

मुख्य चुनौतियों में स्थायी जीवन-समर्थन प्रणालियां, विकिरण सुरक्षा, अंतरिक्ष यात्रियों का मानसिक स्वास्थ्य, और पुन: प्रयोज्य अंतरिक्ष यान एवं कक्षा में ईंधन भरने की तकनीकों की आवश्यकता शामिल है।

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