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Governance · Exam Notes

एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट ने भारत में ‘अत्यंत उच्च’ डोपिंग जोखिम को बताया: एंटी-डोपिंग लागू करने और 2036 ओलंपिक्स मेजबानी पर प्रभाव

एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट ने 2024 में अत्यंत उच्च डोपिंग जोखिम के कारण एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को डाउनग्रेड किया है, जिससे प्रणालीगत प्रवर्तन में कमियों का खुलासा हुआ है। भारत का राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 और WADA मानकों द्वारा संचालित एंटी-डोपिंग ढांचा उच्च पॉजिटिविटी दर और अपर्याप्त प्रतियोगिता के बाहर परीक्षण जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वसनीयता और 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी की दावेदारी को खतरे में डालता है।
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Governance
Exam Notes
GS Paper II

Constitution, governance, social justice and institutional analysis

In brief

एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट ने 2024 में अत्यंत उच्च डोपिंग जोखिम के कारण एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को डाउनग्रेड किया है, जिससे प्रणालीगत प्रवर्तन में कमियों का खुलासा हुआ है। भारत का राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 और WADA मानकों द्वारा संचालित एंटी-डोपिंग ढांचा उच्च पॉजिटिविटी दर और अपर्याप्त प्रतियोगिता के बाहर परीक्षण जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वसनीयता और 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी की दावेदारी को खतरे में डालता है।

परिप्रेक्ष्य और महत्व

साल 2024 में, एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट (AIU) ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) को भारतीय खिलाड़ियों में “अत्यंत उच्च” डोपिंग जोखिम के कारण डाउनग्रेड कर दिया है। इस कदम के तहत भारतीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों के लिए कड़े एंटी-डोपिंग नियम लागू किए गए हैं, जिनमें प्रमुख चैम्पियनशिप से पहले अनिवार्य परीक्षण शामिल है। यह फैसला भारत की अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स विश्वसनीयता को चुनौती देता है और 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी की दावेदारी पर भी सवाल उठाता है।

यह डाउनग्रेड ऐसे समय में आया है जब मौजूदा कानूनी ढांचे और एंटी-डोपिंग संस्थाओं के बावजूद डोपिंग उल्लंघन लगातार हो रहे हैं। इससे प्रवर्तन में गहरे सिस्टमगत कमज़ोरियाँ उजागर हुई हैं, जो खिलाड़ियों की ईमानदारी और भारत की वैश्विक खेल प्रतिष्ठा को कमजोर करती हैं।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 2: भारतीय खेल शासन, राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 सहित कानूनी ढांचे
  • GS पेपर 3: खेल नीति का आर्थिक प्रभाव, खेलों में अंतरराष्ट्रीय संबंध
  • GS पेपर 4: खेलों में नैतिकता, फेयर प्ले, एंटी-डोपिंग अनुपालन
  • निबंध: भारत की वैश्विक खेल छवि सुधार में ईमानदारी और शासन की भूमिका

भारत में एंटी-डोपिंग के कानूनी और संस्थागत ढांचे

राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 (संख्या 44) के तहत राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) इंडिया की स्थापना अनिवार्य है, जो देश में एंटी-डोपिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करती है। अधिनियम की धारा 3 और 4 एजेंसी के कार्यों को परिभाषित करती हैं, जिनमें परीक्षण करना, परिणाम प्रबंधन और दंड लगाना शामिल है।

भारत का एंटी-डोपिंग ढांचा वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) कोड 2021 संस्करण के अनुरूप है, जो प्रतिबंधित पदार्थों और परीक्षण प्रोटोकॉल के लिए वैश्विक मानक निर्धारित करता है। इसके अतिरिक्त, वर्ल्ड एथलेटिक्स एंटी-डोपिंग नियम (2024) ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों के लिए इन-प्रतियोगिता, प्रतियोगिता के बाहर और पूर्व-प्रतियोगिता रक्त परीक्षण को अनिवार्य बनाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कॉमन कॉज बनाम भारत संघ (2018) में एंटी-डोपिंग अनुपालन को मान्यता दी है, जिसमें खिलाड़ियों के निष्पक्ष परीक्षण के अधिकार और खेल की ईमानदारी बनाए रखने के लिए डोपिंग नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

प्रमुख संस्थाएं और उनकी भूमिका

  • एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट (AIU): एक स्वतंत्र वैश्विक संस्था जो एथलेटिक्स में एंटी-डोपिंग प्रवर्तन और ईमानदारी की निगरानी करती है; यह फेडरेशन के मूल्यांकन और दंड के लिए जिम्मेदार है।
  • राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) इंडिया: राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक संस्था, जो भारत में नमूना संग्रह, परीक्षण और प्रवर्तन का कार्य करती है।
  • वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA): अंतरराष्ट्रीय संस्था जो वैश्विक एंटी-डोपिंग मानक निर्धारित करती है और प्रयोगशालाओं को मान्यता देती है।
  • एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI): एथलेटिक्स का राष्ट्रीय शासी निकाय, जो एंटी-डोपिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने और खिलाड़ियों को जागरूक करने का काम करता है।
  • वर्ल्ड एथलेटिक्स: अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स शासी निकाय, जो एंटी-डोपिंग नियम बनाता है और फेडरेशन के अनुपालन की निगरानी करता है।

डोपिंग उल्लंघनों और प्रवर्तन चुनौतियों के आंकड़े

2002 से 2025 के बीच, WADA वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत एथलेटिक्स में एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन (ADRV) के मामले में विश्व के शीर्ष दो देशों में रहा है। केवल 2024 में ही 260 भारतीय खिलाड़ियों का परीक्षण पॉजिटिव पाया गया, जो 3.6% की पॉजिटिविटी दर है, जो विश्व में सबसे अधिक है।

AIU के इस डाउनग्रेड के बाद सभी भारतीय राष्ट्रीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों को प्रमुख चैम्पियनशिप से पहले अनिवार्य डोपिंग परीक्षण से गुजरना होगा, जो प्रतियोगिता के बाहर परीक्षण की कमी और प्रवर्तन में खामियों को दर्शाता है।

डोपिंग जोखिम के आर्थिक प्रभाव

भारत का खेल बजट 2023-24 करीब ₹3,500 करोड़ था, जिसमें खिलाड़ियों के विकास और एंटी-डोपिंग उपायों के लिए बढ़ती हिस्सेदारी शामिल है (संघीय बजट 2023-24)। लेकिन डोपिंग से जुड़ी पाबंदियां एथलेटिक्स के लिए वार्षिक ₹100 करोड़ से अधिक के प्रायोजन खोने का खतरा पैदा करती हैं।

इसके अलावा, यह डाउनग्रेड 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी की दावेदारी को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे हजारों करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर संकट आ सकता है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को अनुपालन और परीक्षण पर 20-30% तक अधिक खर्च करना पड़ सकता है।

तुलनात्मक विश्लेषण: भारत बनाम यूनाइटेड किंगडम

पहलूभारतयूनाइटेड किंगडम
एंटी-डोपिंग एजेंसीराष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) इंडियाUK Anti-Doping (UKAD)
परीक्षण कार्यक्रमप्रतियोगिता के बाहर सीमित परीक्षण; मुख्यतः इन-प्रतियोगिताव्यापक प्रतियोगिता के बाहर और इन-प्रतियोगिता परीक्षण
डोपिंग पॉजिटिविटी दर (2024)3.6%1% से कम
अंतरराष्ट्रीय खेल मेजबानी2036 ओलंपिक्स दावेदारी जांच के अधीन2012 ओलंपिक्स सफलतापूर्वक मेजबानी, मजबूत ईमानदारी रिकॉर्ड
अनुपालन लागतडाउनग्रेड के बाद 20-30% वृद्धि की उम्मीदस्थिर, स्थापित प्रोटोकॉल और वित्त पोषण के कारण

भारत के एंटी-डोपिंग प्रवर्तन में प्रमुख कमियां

  • प्रतियोगिता के बाहर अपर्याप्त परीक्षण डोपिंग का पता लगाने में बाधक।
  • डोपिंग जोखिम और परिणामों पर खिलाड़ियों की जागरूकता कम।
  • NADA, AFI और अन्य खेल फेडरेशन के बीच कमजोर समन्वय।
  • भारत में WADA-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की सीमित क्षमता, जिससे नमूना विश्लेषण में देरी।
  • कानूनी अस्पष्टताएं और प्रवर्तन में देरी, जो निवारक प्रभाव को कम करती हैं।

महत्व और आगे का रास्ता

  • WADA और वर्ल्ड एथलेटिक्स मानकों के अनुरूप प्रतियोगिता के बाहर परीक्षण कार्यक्रम मजबूत करना।
  • डोपिंग और नैतिक खेल भावना पर खिलाड़ियों की शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना।
  • NADA, AFI और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय के लिए तंत्र विकसित करना।
  • भारत में WADA-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं का विस्तार कर परीक्षण प्रक्रिया तेज करना।
  • सख्त दंड और पारदर्शी रिपोर्टिंग से अंतरराष्ट्रीय भरोसा पुनः स्थापित करना।
  • लक्षित परीक्षण और निगरानी के लिए तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाना।

राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) इंडिया के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. NADA राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 के तहत स्थापित एक वैधानिक संस्था है।
  2. NADA को भारत में खिलाड़ियों के प्रतियोगिता के बाहर परीक्षण करने का अधिकार है।
  3. एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट (AIU) युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (a)

कथन 1 सही है क्योंकि NADA राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 के तहत स्थापित की गई है। कथन 2 भी सही है क्योंकि NADA प्रतियोगिता के बाहर और प्रतियोगिता के दौरान दोनों तरह के परीक्षण करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि AIU एक स्वतंत्र वैश्विक संस्था है, जो युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधीन नहीं है।

एथलेटिक्स में डोपिंग नियंत्रण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. वर्ल्ड एथलेटिक्स एंटी-डोपिंग नियमों के अनुसार कैटेगरी ए फेडरेशनों के खिलाड़ियों के लिए पूर्व-प्रतियोगिता रक्त परीक्षण अनिवार्य है।
  2. सभी डोपिंग परीक्षणों का विश्लेषण केवल वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में ही किया जाना चाहिए।
  3. राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) इंडिया अंतरराष्ट्रीय एंटी-डोपिंग मानक तय करने के लिए जिम्मेदार है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (a)

कथन 1 और 2 वर्ल्ड एथलेटिक्स नियमों और WADA मान्यता आवश्यकताओं के अनुसार सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय एंटी-डोपिंग मानक WADA तय करता है, NADA नहीं।

मेन प्रश्न

एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट द्वारा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के डाउनग्रेड का भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वसनीयता और 2036 ओलंपिक्स मेजबानी की महत्वाकांक्षाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा? भारत के एंटी-डोपिंग प्रवर्तन ढांचे को मजबूत करने के लिए क्या उपाय सुझाए जा सकते हैं, इस पर चर्चा करें।

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 2 (शासन और नैतिकता), पेपर 3 (आर्थिक विकास और खेल नीति)
  • झारखंड का पहलू: झारखंड ने कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं; डोपिंग कांड स्थानीय खेल भावना और वित्त पोषण को प्रभावित करते हैं।
  • मेन प्वाइंटर: राज्य स्तर पर एंटी-डोपिंग शिक्षा कार्यक्रमों की आवश्यकता और NADA के साथ बेहतर समन्वय से खिलाड़ियों की सुरक्षा और झारखंड के खेल प्रतिष्ठा को बनाए रखना जरूरी है।
राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) इंडिया की भूमिका क्या है?

NADA इंडिया राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 के तहत स्थापित एक वैधानिक संस्था है, जो भारत में डोपिंग परीक्षण, परिणाम प्रबंधन और WADA मानकों के अनुरूप एंटी-डोपिंग नियमों के प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार है।

एथलेटिक्स इंटेग्रिटी यूनिट (AIU) और NADA इंडिया में क्या अंतर है?

AIU एक स्वतंत्र वैश्विक संस्था है जो एथलेटिक्स में ईमानदारी और एंटी-डोपिंग प्रवर्तन की निगरानी करती है, जिसमें फेडरेशन के मूल्यांकन और दंड शामिल हैं, जबकि NADA इंडिया एक राष्ट्रीय वैधानिक एजेंसी है जो घरेलू स्तर पर एंटी-डोपिंग लागू करती है।

भारतीय एथलेटिक्स को डोपिंग से संबंधित मुख्य चुनौतियां क्या हैं?

मुख्य चुनौतियों में उच्च डोपिंग पॉजिटिविटी दर (2024 में 3.6%), अपर्याप्त प्रतियोगिता के बाहर परीक्षण, सीमित खिलाड़ी शिक्षा, एजेंसियों के बीच कमजोर समन्वय, और प्रयोगशाला क्षमता की कमी शामिल हैं।

भारत में एंटी-डोपिंग को कानूनी रूप से कौन नियंत्रित करता है?

राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 की धारा 3 और 4 NADA की स्थापना और एंटी-डोपिंग नियमों को परिभाषित करती हैं। भारत WADA कोड 2021 और वर्ल्ड एथलेटिक्स एंटी-डोपिंग नियम (2024) का भी पालन करता है।

डोपिंग जोखिम का भारत की 2036 ओलंपिक्स मेजबानी दावेदारी पर क्या असर होगा?

उच्च डोपिंग जोखिम और फेडरेशन डाउनग्रेड से भारत की विश्वसनीयता प्रभावित होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की जांच बढ़ेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर व प्रायोजन निवेश खोने का खतरा होगा।

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