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8 अक्टूबर 2024

भारतीय वायु सेना दिवस 2024: 92 वर्षों की वीरता और उत्कृष्टता का जश्नसंदर्भ: भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी 92वीं वर्षगांठ मनाई, जो इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है...
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In brief

भारतीय वायु सेना दिवस 2024: 92 वर्षों की वीरता और उत्कृष्टता का जश्नसंदर्भ: भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी 92वीं वर्षगांठ मनाई, जो इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है...



शीर्षक: भारतीय वायु सेना दिवस: साहस और उत्कृष्टता के 92 वर्षों का उत्सव

संदर्भ: भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी 92वीं वर्षगांठ मनाई, जो राष्ट्रीय रक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है और हवाई क्षमताओं में प्रगति को प्रदर्शित करती है। यह दिन IAF की स्थापना, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान को उजागर करता है।

समाचार में क्यों?
8 अक्टूबर 2024 को IAF की 92वीं वर्षगांठ मनाई गई, जिसमें चेन्नई के मरीना बीच पर एक एयर शो आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य भारत की बढ़ती हवाई शक्ति और IAF के आधुनिकीकरण प्रयासों पर जोर देना था।

विश्लेषण:

– एयर शो में राफेल, सु-30MKI, और स्वदेशी तेजस जैसे उन्नत विमानों का प्रदर्शन किया गया।
– विषय “भविष्य के संचालन के लिए परिवर्तन” IAF के आधुनिकीकरण प्रयासों और “आत्मनिर्भर भारत” पहल के तहत आत्मनिर्भरता पर जोर देता है।
संचालनात्मक तत्परता: IAF की क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता और उभरते खतरों के प्रति प्रतिक्रिया करने की क्षमता को प्रदर्शित किया गया।
स्वदेशी प्रौद्योगिकियां: हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव का प्रदर्शन, आत्मनिर्भर रक्षा के लिए धक्का देने को मजबूत करता है।
स्ट्रैटेजिक साझेदारियाँ: इस कार्यक्रम ने उन्नत उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में IAF की भूमिका को रेखांकित किया।

पृष्ठभूमि:

स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित, IAF प्रारंभ में ब्रिटिश शासन के तहत एक सहायक बल था और तब से यह दुनिया की सबसे बड़ी वायु सेनाओं में से एक बन गई है।
भूमिका: राष्ट्रीय रक्षा के अलावा, IAF आपदा राहत, अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना और मानवतावादी मिशनों में भी योगदान देता है।
आधुनिकीकरण: राफेल जैसे हालिया अधिग्रहण, स्वदेशी प्रगति के साथ मिलकर, IAF के रणनीतिक और संचालनात्मक आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारतीय वायु सेना दिवस के विवरण:

– 92वीं वर्षगांठ समारोह में लड़ाकू जेट, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन शामिल था।
– तेजस और ध्रुव जैसे स्वदेशी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना भारत के रक्षा में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
– इस कार्यक्रम ने हवाई क्षेत्र में भारत की प्रौद्योगिकी और संचालनात्मक प्रगति पर जोर दिया, विशेष रूप से तत्परता और बहु-भूमिका क्षमता पर।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

भारतीय वायु सेना की स्थापना

8 अक्टूबर 1932

2024 IAF दिवस का विषय

“भविष्य के संचालन के लिए परिवर्तन”

प्रदर्शित प्रमुख विमान

राफेल, सु-30MKI, तेजस, ध्रुव

वर्तमान IAF प्रमुख

एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी

स्वदेशी परियोजनाओं पर ध्यान

LCA तेजस, ALH ध्रुव

4 संबंधित प्रश्न:

1. भारतीय वायु सेना (IAF) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
– 1. IAF की स्थापना 1932 में हुई थी।
– 2. उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव एक स्वदेशी विमान है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है?
– (a) केवल 1
– (b) केवल 2
– (c) दोनों 1 और 2
– (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (c) दोनों 1 और 2
2. भारतीय वायु सेना के बेड़े में निम्नलिखित में से कौन से विमान शामिल हैं?
– 1. राफेल
– 2. सु-30MKI
– 3. तेजस
– 4. MiG-21
सही उत्तर का चयन करें:
– (a) 1, 2, और 3 केवल
– (b) 2 और 4 केवल
– (c) 1, 2, 3, और 4
– (d) 1 और 3 केवल
उत्तर: (c) 1, 2, 3, और 4
3. भारतीय वायु सेना दिवस 2024 का विषय क्या है?
– (a) शक्ति के पंख
– (b) मिशन इंडिया
– (c) भविष्य के संचालन के लिए परिवर्तन
– (d) सीमाओं के पार उड़ान
उत्तर: (c) भविष्य के संचालन के लिए परिवर्तन
4. अक्टूबर 2024 के अनुसार भारतीय वायु सेना के वर्तमान प्रमुख कौन हैं?
– (a) एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया
– (b) एयर चीफ मार्शल अरूप रहा
– (c) एयर चीफ मार्शल एस.पी. त्यागी
– (d) एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी
उत्तर: (d) एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _इंडियन एक्सप्रेस_
– _द हिंदू बिजनेसलाइन_



शीर्षक: चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार: जीन नियमन में प्रगति के लिए सम्मानित

संदर्भ: चिकित्सा या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन को माइक्रोRNA की जीन नियमन में भूमिका की खोज के लिए दिया गया। यह खोज कैंसर, तंत्रिका संबंधी बीमारियों और व्यक्तिगत चिकित्सा में महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है।

समाचार में क्यों?
8 अक्टूबर 2024 को चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार एक अग्रणी खोज को मान्यता देने के लिए दिया गया, जिसका स्वास्थ्य और बीमारी में व्यापक अनुप्रयोग हैं।

विश्लेषण:

खोज: माइक्रोRNA, एक छोटी RNA अणु, प्रोटीन को नियंत्रित करके जीन अभिव्यक्ति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्वास्थ्य प्रभाव: इस खोज ने कैंसर, अल्जाइमर और हृदय रोग जैसी स्थितियों में समझ को बढ़ाया है।
चिकित्सीय प्रभाव: इन निष्कर्षों ने आनुवंशिक चिकित्सा और सटीक चिकित्सा के विकास को सुगम बनाया है।
नोबेल पुरस्कार का महत्व: यह पुरस्कार स्वास्थ्य विज्ञान में आणविक जीव विज्ञान के प्रभाव को उजागर करता है, जो चिकित्सा विकास में मौलिक अनुसंधान के महत्व पर जोर देता है।

पृष्ठभूमि:

ऐतिहासिक संदर्भ: माइक्रोRNA की पहचान 1993 में की गई थी और इसे ट्रांसक्रिप्शन के बाद के जीन नियमन में इसकी भूमिका के लिए पहचाना गया है।
स्वास्थ्य देखभाल में अनुप्रयोग: माइक्रोRNA के कार्य पर शोध उन बीमारियों के उपचार विकसित करने में मदद करता है जो जीन अभिव्यक्ति की समस्याओं में निहित हैं।
खोज के अग्रदूत: विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन का RNA हस्तक्षेप पर शोध आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के लिए मौलिक रहा है।

नोबेल खोज के विवरण:

– माइक्रोRNA अनुसंधान वैज्ञानिकों को यह समझने में सक्षम बनाता है कि जीन बीमारी की प्रक्रियाओं को कैसे प्रभावित करते हैं।
– इस खोज ने RNA-आधारित चिकित्सा के विकास और विभिन्न रोगों के लिए महत्वपूर्ण सेलुलर प्रक्रियाओं को समझने का मार्ग प्रशस्त किया।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

नोबेल पुरस्कार का क्षेत्र

चिकित्सा या चिकित्सा

पुरस्कार प्राप्तकर्ता

विक्टर एम्ब्रोस, गैरी रूवकुन

खोज

पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन नियमन में माइक्रोRNA की भूमिका

अनुप्रयोग

कैंसर, तंत्रिका संबंधी बीमारियां, आनुवंशिक चिकित्सा

माइक्रोRNA खोज का वर्ष

1993

4 संबंधित प्रश्न:

1. नीचे दिए गए में से किसने जीन नियमन में माइक्रोRNA की भूमिका की खोज की?
– (a) विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन
– (b) एलिज़ाबेथ ब्लैकबर्न
– (c) वाटसन और क्रिक
– (d) पॉल एल. मोडरिच
उत्तर: (a) विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन
2. 2024 का चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में प्रगति के लिए दिया गया?
– (a) CRISPR प्रौद्योगिकी
– (b) कैंसर इम्यूनोथेरेपी
– (c) जीन नियमन
– (d) विषाणु विज्ञान
उत्तर: (c) जीन नियमन
3. माइक्रोRNA की खोज विशेष रूप से निम्नलिखित चिकित्सा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है?
– 1. कैंसर अनुसंधान
– 2. हृदय संबंधी बीमारियां
– 3. न्यूरोजेनेटिक्स
सही उत्तर का चयन करें:
– (a) 1 और 2 केवल
– (b) 2 और 3 केवल
– (c) 1 और 3 केवल
– (d) 1, 2, और 3
उत्तर: (d) 1, 2, और 3
4. माइक्रोRNA की खोज के वर्ष को निम्नलिखित में से कौन सा वर्ष दर्शाता है?
– (a) 1985
– (b) 1990
– (c) 1993
– (d) 2000
उत्तर: (c) 1993

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _इंडियन एक्सप्रेस_



शीर्षक: भारत और मालदीव ने रणनीतिक समझौतों और आर्थिक समर्थन के साथ संबंधों को मजबूत किया

संदर्भ: भारत और मालदीव ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने, रक्षा को मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो भारत की “पड़ोस पहले” नीति को पुनः पुष्टि करते हैं।

समाचार में क्यों?
8 अक्टूबर 2024 को भारत और मालदीव ने विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें मालदीव की आर्थिक स्थिरता का समर्थन करने के लिए 400 मिलियन डॉलर का मुद्रा स्वैप समझौता शामिल है।

विश्लेषण:

आर्थिक समर्थन: मुद्रा स्वैप समझौता मालदीव की अर्थव्यवस्था को वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच समर्थन देने के लिए है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाता है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग: मालदीव के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है और भारतीय महासागर क्षेत्र में समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करता है।
“पड़ोस पहले” नीति: ये समझौते भारत की पड़ोसी देशों, विशेषकर मालदीव, का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं, खासकर भू-राजनीतिक तनाव के बीच।
पर्यटन और सांस्कृतिक विनिमय: पर्यटन और संस्कृति में बढ़ती सहयोग लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने और मालदीव की अर्थव्यवस्था की रिकवरी को बढ़ावा देने का लक्ष्य है, क्योंकि मालदीव पर्यटन पर निर्भर है।

पृष्ठभूमि:

भू-भौतिक महत्व: मालदीव, जो भारतीय महासागर में स्थित है, समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत-मालदीव संबंध: वर्षों से, भारत मालदीव का एक प्रमुख सहयोगी रहा है, जो इसके विकास, रक्षा और आर्थिक स्थिरता का समर्थन करता है।
मुद्रा स्वैप समझौता: मुद्रा स्वैप समझौतों के तहत, दो देश एक-दूसरे की वित्तीय प्रणालियों को स्थिर करने के लिए मुद्राओं का आदान-प्रदान करते हैं, जो मालदीव के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके विदेशी भंडार सीमित हैं।

भारत-मालदीव समझौतों के विवरण:

– मुद्रा स्वैप समझौता 400 मिलियन डॉलर का है, जिसका उद्देश्य तरलता बढ़ाना और मालदीव की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना है।
– स्वास्थ्य देखभाल, बुनियादी ढांचे, और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए अतिरिक्त समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
– भारत का समर्थन क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है और भारतीय महासागर क्षेत्र में बाहरी प्रभावों का मुकाबला करता है।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

मुद्रा स्वैप समझौते का कुल मूल्य

400 मिलियन डॉलर

“पड़ोस पहले” नीति

भारत की नीति जो पड़ोसी देशों पर केंद्रित है

सहयोग के क्षेत्र

रक्षा, अर्थव्यवस्था, पर्यटन, स्वास्थ्य देखभाल

मालदीव का भू-भौतिक महत्व

व्यापार और सुरक्षा के लिए भारतीय महासागर में प्रमुख स्थान

भारत द्वारा समर्थित प्रमुख क्षेत्र

पर्यटन, स्वास्थ्य देखभाल, रक्षा

4 संबंधित प्रश्न:

1. भारत-मालदीव संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
– 1. मालदीव भारत की “पड़ोस पहले” नीति का हिस्सा है।
– 2. 2024 में भारत और मालदीव के बीच मुद्रा स्वैप समझौता 400 मिलियन डॉलर का था।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है?
– (a) केवल 1
– (b) केवल 2
– (c) दोनों 1 और 2
– (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (c) दोनों 1 और 2
2. भारत की “पड़ोस पहले” नीति का प्राथमिक ध्यान क्या है?
– (a) विकसित देशों के साथ व्यापार का विस्तार
– (b) पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना
– (c) वैश्विक गठबंधन स्थापित करना
– (d) विश्व स्तर पर सैन्य उपस्थिति को बढ़ाना
उत्तर: (b) पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना
3. अक्टूबर 2024 में भारत-मालदीव समझौतों में निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र शामिल था?
– 1. स्वास्थ्य देखभाल
– 2. पर्यटन
– 3. नवीकरणीय ऊर्जा
सही उत्तर का चयन करें:
– (a) 1 और 2 केवल
– (b) 2 और 3 केवल
– (c) 1, 2, और 3
– (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) 1 और 2 केवल
4. मुद्रा स्वैप समझौता को निम्नलिखित में से कौन सा सबसे अच्छा वर्णन करता है?
– (a) दो देशों के बीच वस्तुओं का आदान-प्रदान
– (b) सैन्य प्रौद्योगिकी का आपसी साझाकरण
– (c) तरलता समर्थन के लिए मुद्राओं का आदान-प्रदान करने का समझौता
– (d) टैरिफ समाप्त करने के लिए व्यापार समझौता
उत्तर: (c) तरलता समर्थन के लिए मुद्राओं का आदान-प्रदान करने का समझौता

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _द मिंट_



शीर्षक: मलाबार समुद्री अभ्यास शुरू: भारत, अमेरिका, जापान, और ऑस्ट्रेलिया समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाते हैं

संदर्भ: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच वार्षिक मलाबार अभ्यास, विशाखापत्तनम में हार्बर चरण के साथ शुरू हुआ। यह अभ्यास नौसेनाओं के बीच आपसी सामंजस्य बढ़ाने और क्वाड के समुद्री सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

समाचार में क्यों?
8 अक्टूबर 2024 को मलाबार अभ्यास 2024 शुरू हुआ, जो क्वाड देशों के बीच संयुक्त समुद्री सुरक्षा पहलों में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विश्लेषण:

क्षेत्रीय सुरक्षा पर ध्यान: यह अभ्यास संयुक्त समुद्री संचालन को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है, विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में।
क्वाड ढांचा: क्वाड देशों की भागीदारी सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करती है ताकि एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को सुनिश्चित किया जा सके।
क्षेत्रीय खतरों का मुकाबला: समुद्री चुनौतियों जैसे समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने, और क्षेत्रीय विवादों का सामना करने के लिए संचालनात्मक तत्परता को बढ़ाता है।
हार्बर और समुद्री चरण: इस अभ्यास को हार्बर (पोर्ट) और समुद्री चरणों में विभाजित किया गया है, जो जटिल प्रशिक्षण अभ्यास और उपकरणों की आपसी संगतता परीक्षण की अनुमति देता है।

पृष्ठभूमि:

स्थापना: मलाबार अभ्यास 1992 में भारत और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ।
विस्तार: जापान 2015 में शामिल हुआ, और ऑस्ट्रेलिया 2020 में स्थायी भागीदार बन गया, जिससे यह अभ्यास क्वाड पहल के रूप में मजबूत हुआ।
उद्देश्य: मलाबार अभ्यास का ध्यान सैन्य सहयोग, आपसी संगतता, और इंडो-पैसिफिक में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

मलाबार समुद्री अभ्यास 2024 के विवरण:

– इस अभ्यास में उन्नत नौसैनिक संचालन जैसे एंटी-सबमरीन युद्ध, एयर डिफेंस, और सतह युद्ध शामिल हैं।
– यह क्वाड देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक सहयोग को उजागर करता है ताकि इंडो-पैसिफिक में क्षेत्रीय प्रभावों का संतुलन किया जा सके।
– अभ्यास के दौरान प्रशिक्षण में जटिल अभ्यास, संयुक्त सामरिक संचालन, और सूचना साझा करना शामिल है।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

मलाबार अभ्यास की स्थापना का वर्ष

1992

प्रारंभिक प्रतिभागी

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका

क्वाड में शामिल होने का वर्ष

जापान (2015), ऑस्ट्रेलिया (2020)

प्राथमिक ध्यान

आपसी संगतता, समुद्री सुरक्षा

2024 हार्बर चरण का स्थान

विशाखापत्तनम

4 संबंधित प्रश्न:

1. नीचे दिए गए देशों में से कौन से मलाबार अभ्यास के प्रतिभागी हैं?
– 1. भारत
– 2. ऑस्ट्रेलिया
– 3. जापान
– 4. रूस
सही उत्तर का चयन करें:
– (a) 1, 2, और 3 केवल
– (b) 1, 3, और 4 केवल
– (c) 2, 3, और 4 केवल
– (d) 1, 2, 3, और 4
उत्तर: (a) 1, 2, और 3 केवल
2. मलाबार अभ्यास की शुरुआत भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में कब हुई थी?
– (a) 1990
– (b) 1992
– (c) 1995
– (d) 2000
उत्तर: (b) 1992
3. ऑस्ट्रेलिया मलाबार अभ्यास में स्थायी प्रतिभागी के रूप में किस वर्ष शामिल हुआ?
– (a) 2015
– (b) 2018
– (c) 2020
– (d) 2022
उत्तर: (c) 2020
4. मलाबार अभ्यास का प्राथमिक ध्यान निम्नलिखित में से किस पर है?
– (a) कूटनीतिक वार्ताएँ
– (b) सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना
– (c) समुद्री आपसी संगतता को बढ़ाना
– (d) व्यापार समझौतों को बढ़ावा देना
उत्तर: (c) समुद्री आपसी संगतता को बढ़ाना

स्रोत:

– _इंडियन एक्सप्रेस_
– _द हिंदू बिजनेसलाइन_



शीर्षक: राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2024: संरक्षण को बढ़ावा देना और भारत की प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करना

संदर्भ: भारत ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2024 तक राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह मनाया, जिसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, और भारत की समृद्ध जैव विविधता की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

समाचार में क्यों?
भारतीय वन्यजीव बोर्ड (IBWL) ने राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2024 का आयोजन “हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा” विषय के साथ किया, जिसका लक्ष्य देशव्यापी वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देना और भारत की जैव विविधता के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है।

विश्लेषण:

जैव विविधता संरक्षण: संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा और पारिस्थितिकी तंत्रों को संरक्षित करने पर जोर, ताकि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखा जा सके।
जागरूकता कार्यक्रम: सरकार और एनजीओ ने पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, और कार्यक्रम आयोजित किए।
नीति पहलों: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संरक्षित क्षेत्रों के संरक्षण जैसी नीतियों को मजबूत करना।
मनुष्य-वन्यजीव संघर्ष: आवास के नुकसान और मानव जनसंख्या और वन्यजीवों के बीच संघर्ष से संबंधित मुद्दों को संबोधित करना।
समुदायों की भूमिका: स्थानीय समुदायों को संरक्षण प्रयासों और स्थायी प्रथाओं में शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करना ताकि वन्यजीवों के आवास की रक्षा की जा सके।

पृष्ठभूमि:

उद्गम: राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह की स्थापना भारतीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा 1952 में की गई थी।
उद्देश्य: इस वार्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य जनता को वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
चुनौतियाँ: भारत की जैव विविधता का शिकार, वनों की कटाई, प्रदूषण, और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से खतरा है।

राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2024 के विवरण:

– देशभर में जागरूकता अभियान और कार्यशालाएँ आयोजित की गईं ताकि नागरिकों को वन्यजीव संरक्षण में शामिल किया जा सके।
– बाघों, हाथियों, और एक-सींग वाले गैंडों जैसी प्रमुख प्रजातियों पर विशेष ध्यान दिया गया, जो भारत की वन्यजीव धरोहर का प्रतीक हैं।
– सप्ताह के दौरान चर्चा की गई नीतियों में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम को मजबूत करना और संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार शामिल था।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत का वर्ष

1952

आयोजक निकाय

भारतीय वन्यजीव बोर्ड

2024 का विषय

“हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा”

जैव विविधता के लिए प्रमुख खतरें

शिकार, आवास का विनाश, जलवायु परिवर्तन

मुख्य प्रजातियाँ जो ध्यान में हैं

बाघ, हाथी, एक-सींग वाला गैंडा

4 संबंधित प्रश्न:

1. भारत में राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह की स्थापना कौन सी संस्था द्वारा की गई?
– (a) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
– (b) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
– (c) भारतीय वन्यजीव बोर्ड
– (d) वन्यजीव संस्थान भारत
उत्तर: (c) भारतीय वन्यजीव बोर्ड
2. राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2024 का विषय क्या था?
– (a) वन्यजीवों का संरक्षण और सुरक्षा
– (b) जैव विविधता को बचाना
– (c) हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा
– (d) सभी के लिए वन्यजीव और प्रकृति
उत्तर: (c) हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा
3. भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में निम्नलिखित में से कौन सी प्रजातियाँ प्रमुख प्रजातियाँ मानी जाती हैं?
– 1. बंगाल टाइगर
– 2. भारतीय हाथी
– 3. एक-सींग वाला गैंडा
सही उत्तर का चयन करें:
– (a) 1 और 2 केवल
– (b) 2 और 3 केवल
– (c) 1 और 3 केवल
– (d) 1, 2, और 3
उत्तर: (d) 1, 2, और 3
4. राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह पहली बार किस वर्ष मनाया गया?
– (a) 1947
– (b) 1952
– (c) 1972
– (d) 1985
उत्तर: (b) 1952

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _इंडियन एक्सप्रेस_
– _द हिंदू बिजनेसलाइन_



शीर्षक: नोबेल शांति पुरस्कार की प्रत्याशा: संभावित उम्मीदवार और ध्यान केंद्रित क्षेत्र

संदर्भ: नोबेल शांति पुरस्कार सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान में से एक है, जो शांति और मानवता के प्रयासों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। प्रत्येक वर्ष, व्यक्तियों और संगठनों को वैश्विक शांति, संघर्ष समाधान, और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया जाता है।

समाचार में क्यों?
2024 का नोबेल शांति पुरस्कार 10 अक्टूबर को घोषित होने की उम्मीद है, और संभावित उम्मीदवारों और उनके वैश्विक शांति और सामाजिक न्याय में योगदान के बारे में उत्सुकता बढ़ रही है।

विश्लेषण:

सामाजिक न्याय पर ध्यान: हाल के वर्षों में उन लोगों को पुरस्कार देने की प्रवृत्ति देखी गई है जो हाशिए पर रहने वाले समुदायों और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पर्यावरणीय शांति प्रयास: जलवायु से संबंधित संघर्षों का समाधान करने और पर्यावरणीय न्याय का समर्थन करने वाले उम्मीदवार भी ध्यान में हो सकते हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष समाधान: कुछ नामांकित व्यक्तियों की अपेक्षा की जाती है कि वे अफ्रीका, मध्य पूर्व, और दक्षिण पूर्व एशिया के क्षेत्रों में संघर्षों का मध्यस्थता करने में शामिल हों।
अंतरराष्ट्रीय संगठन: संयुक्त राष्ट्र या विश्व खाद्य कार्यक्रम जैसे संगठन (जो पिछले पुरस्कार प्राप्तकर्ता हैं) फिर से प्रतियोगियों में हो सकते हैं, क्योंकि वे वैश्विक संघर्ष समाधान और राहत कार्य में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि:

स्थापना: नोबेल शांति पुरस्कार की स्थापना अल्फ्रेड नोबेल के वसीयत द्वारा 1895 में की गई थी, जो 1901 से व्यक्तियों और संगठनों को पुरस्कार देता है।
हाल की प्रवृत्तियाँ: पिछले पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में विश्व खाद्य कार्यक्रम (2020) और संयुक्त राष्ट्र (2001) शामिल हैं। हाल के पुरस्कारों ने मानव अधिकारों, जलवायु परिवर्तन, और मानवतावादी सहायता के लिए कार्यकर्ताओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
महत्व: शांति पुरस्कार उन लोगों के कार्यों को मान्यता देता है जो संघर्ष-प्रवण क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा, और मानवता के समर्थन को बढ़ावा देते हैं।

नोबेल शांति पुरस्कार की प्रत्याशा के विवरण:

– 2024 का नोबेल शांति पुरस्कार वैश्विक महत्व रखता है क्योंकि यह उन व्यक्तियों और संगठनों को मान्यता देता है जो शांतिपूर्ण विश्व व्यवस्था की दिशा में योगदान करते हैं।
– जलवायु कार्रवाई, संघर्ष समाधान, और कमजोर समूहों के लिए वकालत जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों को संबोधित करने वाले शांति प्रयास नामांकित व्यक्तियों के लिए केंद्रीय विचार हैं।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

नोबेल शांति पुरस्कार की स्थापना का वर्ष

1901

घोषणा का स्थान

ओस्लो, नॉर्वे

पुरस्कार राशि (2024)

10 मिलियन स्वीडिश क्रोना

प्रमुख पिछले पुरस्कार प्राप्तकर्ता

संयुक्त राष्ट्र, विश्व खाद्य कार्यक्रम, मलाला यूसुफजई

हाल के ध्यान केंद्रित क्षेत्र

मानव अधिकार, जलवायु परिवर्तन, संघर्ष समाधान

4 संबंधित प्रश्न:

1. नोबेल शांति पुरस्कार निम्नलिखित में से किस शहर में दिया जाता है?
– (a) स्टॉकहोम
– (b) ओस्लो
– (c) न्यूयॉर्क
– (d) जिनेवा
उत्तर: (b) ओस्लो
2. 2020 में नोबेल शांति पुरस्कार किस संगठन को दिया गया?
– (a) अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस
– (b) विश्व स्वास्थ्य संगठन
– (c) विश्व खाद्य कार्यक्रम
– (d) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
उत्तर: (c) विश्व खाद्य कार्यक्रम
3. नोबेल शांति पुरस्कार की स्थापना किस प्रसिद्ध व्यक्ति की वसीयत के तहत की गई?
– (a) अल्फ्रेड नोबेल
– (b) मैरी क्यूरी
– (c) सिगमंड फ्रायड
– (d) आइज़ैक न्यूटन
उत्तर: (a) अल्फ्रेड नोबेल
4. 2020 में दिए गए नोबेल शांति पुरस्कार का प्राथमिक ध्यान क्या था?
– (a) जलवायु परिवर्तन कार्रवाई
– (b) संघर्ष समाधान
– (c) मानव अधिकारों की वकालत
– (d) खाद्य सुरक्षा और मानवतावादी सहायता
उत्तर: (d) खाद्य सुरक्षा और मानवतावादी सहायता

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _द मिंट_
– _इंडियन एक्सप्रेस_



शीर्षक: IMF ने विश्व आर्थिक दृष्टिकोण जारी किया, 2024-2025 के लिए वैश्विक आर्थिक प्रवृत्तियों की भविष्यवाणी की

संदर्भ: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी द्विवार्षिक विश्व आर्थिक दृष्टिकोण (WEO) रिपोर्ट जारी की, जो वैश्विक आर्थिक प्रवृत्तियों, विकास पूर्वानुमानों, और 2024-2025 के लिए जोखिमों की जानकारी प्रदान करती है।

समाचार में क्यों?
IMF की अक्टूबर 2024 WEO रिपोर्ट में संशोधित विकास पूर्वानुमान शामिल हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों, विशेषकर महंगाई और भू-राजनीतिक तनावों को उजागर किया गया है।

विश्लेषण:

वैश्विक विकास पूर्वानुमान: IMF ने वैश्विक विकास अनुमान को घटाया है, जो लगातार महंगाई, बढ़ती ब्याज दरों, और महामारी के बाद की धीमी रिकवरी को दर्शाता है।
महंगाई और मौद्रिक नीति: उच्च महंगाई एक प्रमुख चिंता बनी हुई है, जिसमें दुनिया भर के केंद्रीय बैंक मौद्रिक सख्ती की नीतियों को जारी रखे हुए हैं।
क्षेत्रीय विकास में असमानताएँ: उन्नत अर्थव्यवस्थाएँ धीमी विकास देख रही हैं, जबकि उभरते बाजार वैश्विक व्यापार मुद्दों और मुद्रा उतार-चढ़ाव के कारण विविध चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
जलवायु जोखिम: रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न आर्थिक जोखिमों को भी संबोधित करती है, देशों से हरित संक्रमणों में तेजी लाने का आग्रह करती है।

पृष्ठभूमि:

उद्देश्य: WEO रिपोर्ट, जो द्विवार्षिक रूप से प्रकाशित होती है, एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो वैश्विक आर्थिक स्थितियों की समीक्षा करती है और विभिन्न क्षेत्रों के लिए विकास पूर्वानुमान प्रदान करती है।
महत्व: यह रिपोर्ट देशों के लिए आर्थिक नीति को आकार देने और वैश्विक आर्थिक स्थितियों की निगरानी करने के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में कार्य करती है।

WEO अक्टूबर 2024 के विवरण:

– रिपोर्ट ने वैश्विक विकास को 2.7% पर संशोधित किया है, जिसमें महंगाई और धीमी निर्यात के कारण उभरते बाजारों के लिए उच्च जोखिम नोट किए गए हैं।
– उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई स्थिर होने की उम्मीद है, लेकिन यह महामारी के पहले के स्तरों से अधिक है।
– IMF देशों से संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करता है, विशेषकर श्रम बाजारों में, ताकि दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

WEO की आवृत्ति

द्विवार्षिक प्रकाशित

वैश्विक विकास की भविष्यवाणी (2024)

2.7%

मुख्य ध्यान क्षेत्र

महंगाई, भू-राजनीतिक जोखिम, जलवायु प्रभाव

IMF का मुख्यालय

वाशिंगटन डी.सी.

उभरते बाजारों को उजागर किया गया

भारत, चीन, दक्षिण पूर्व एशिया

4 संबंधित प्रश्न:

1. IMF की विश्व आर्थिक दृष्टिकोण (WEO) रिपोर्ट की आवृत्ति क्या है?
– (a) त्रैमासिक
– (b) द्विवार्षिक
– (c) वार्षिक
– (d) मासिक
उत्तर: (b) द्विवार्षिक
2. IMF की अक्टूबर 2024 विश्व आर्थिक दृष्टिकोण ने 2024 के लिए वैश्विक विकास का अनुमान क्या लगाया है?
– (a) 2.0%
– (b) 2.5%
– (c) 2.7%
– (d) 3.0%
उत्तर: (c) 2.7%
3. IMF की WEO अक्टूबर 2024 रिपोर्ट में निम्नलिखित में से कौन से मुद्दे उजागर किए गए हैं?
– 1. वैश्विक महंगाई
– 2. भू-राजनीतिक तनाव
– 3. अंतरिक्ष अन्वेषण
सही उत्तर का चयन करें:
– (a) 1 और 2 केवल
– (b) 2 और 3 केवल
– (c) 1 और 3 केवल
– (d) 1, 2, और 3
उत्तर: (a) 1 और 2 केवल
4. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
– (a) न्यूयॉर्क
– (b) जिनेवा
– (c) वाशिंगटन डी.सी.
– (d) लंदन
उत्तर: (c) वाशिंगटन डी.सी.

स्रोत:

– _द हिंदू बिजनेसलाइन_
– _इकोनॉमिक टाइम्स_



शीर्षक: विश्व कपास दिवस 2024: सतत कपास उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देना

संदर्भ: 7 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व कपास दिवस का उद्देश्य कपास को एक वैश्विक वस्तु के रूप में मान्यता देना और इसके उत्पादन एवं व्यापार में सतत प्रथाओं को बढ़ावा देना है। यह दिन कपास उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों को संबोधित करने पर केंद्रित है, विशेषकर विकासशील देशों में।

समाचार में क्यों?
7 अक्टूबर 2024 को विश्व कपास दिवस मनाया गया, जिसमें सतत कपास खेती की प्रथाओं, व्यापार के अवसरों, और कपास के वैश्विक स्तर पर लाखों किसानों की आजीविका के महत्व पर प्रकाश डाला गया, विशेषकर भारत जैसे देशों में।

विश्लेषण:

स्थिरता पर ध्यान: कपास उत्पादन में पानी के उपयोग और रासायनिक इनपुट को कम करने के लिए पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाने पर जोर।
आर्थिक महत्व: कपास लाखों किसानों के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत है, विशेषकर भारत में, जो दुनिया के सबसे बड़े कपास उत्पादकों में से एक है।
वैश्विक व्यापार: छोटे किसानों के लिए व्यापार और बाजार तक पहुंच को सुधारने के लिए पहलों की आवश्यकता है ताकि उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके और आर्थिक कमजोरियों को कम किया जा सके।
पर्यावरणीय चुनौतियाँ: कपास उत्पादन के पर्यावरणीय प्रभावों को संबोधित करना, जिसमें उच्च जल खपत और कीटनाशकों का उपयोग शामिल है।

पृष्ठभूमि:

स्थापना: संयुक्त राष्ट्र ने 2019 में 7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस के रूप में मान्यता दी, जो कपास उत्पादक देशों की एक प्रस्तावना के बाद।
कपास का महत्व: कपास वैश्विक वस्त्र उद्योगों के लिए आवश्यक है और कई विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रमुख निर्यात उत्पाद है।
कपास उद्योग की चुनौतियाँ: कपास उत्पादन मूल्य में उतार-चढ़ाव, जलवायु प्रभाव, और रासायनिक इनपुट पर निर्भरता जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है।

विश्व कपास दिवस 2024 के विवरण:

– कार्यक्रमों ने सतत प्रथाओं को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया, जैसे जैविक कपास खेती और बेहतर कपास पहल।
– किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कपास के मूल्य श्रृंखला को बढ़ाने पर चर्चा की गई, विशेषकर छोटे धारकों के लिए, उचित व्यापार और प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से।
– कपास उत्पादन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए गए।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

विश्व कपास दिवस की तिथि

7 अक्टूबर

स्थापना का वर्ष

2019

सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश

भारत

2024 का ध्यान

सतत उत्पादन, उचित व्यापार, पर्यावरणीय प्रभाव

आयोजक निकाय

संयुक्त राष्ट्र

4 संबंधित प्रश्न:

1. विश्व कपास दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
– (a) 5 अक्टूबर
– (b) 7 अक्टूबर
– (c) 10 अक्टूबर
– (d) 15 अक्टूबर
उत्तर: (b) 7 अक्टूबर
2. कौन सा देश विश्व में कपास का सबसे बड़ा उत्पादक है?
– (a) चीन
– (b) ब्राजील
– (c) संयुक्त राज्य अमेरिका
– (d) भारत
उत्तर: (d) भारत
3. संयुक्त राष्ट्र ने विश्व कपास दिवस को आधिकारिक रूप से किस वर्ष मान्यता दी?
– (a) 2015
– (b) 2017
– (c) 2019
– (d) 2021
उत्तर: (c) 2019
4. कपास उत्पादन को अधिक सतत बनाने के लिए कौन सी प्रथा को बढ़ावा दिया जाता है?
– (a) सिंथेटिक फाइबर का उपयोग
– (b) कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग
– (c) जैविक खेती की प्रथाएँ
– (d) जल खपत में वृद्धि
उत्तर: (c) जैविक खेती की प्रथाएँ

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _इंडियन एक्सप्रेस_



शीर्षक: आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस 2024: बढ़ते जलवायु चुनौतियों के बीच लचीलापन को बढ़ावा देना

संदर्भ: 13 अक्टूबर को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में नामित किया गया है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक और मानव निर्मित खतरों के खिलाफ आपदा रोकथाम, तैयारी, और लचीलापन बनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

समाचार में क्यों?
आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस निकट आ रहा है, जिसका विषय “जलवायु चुनौतियों के बीच लचीलापन बनाना” है। यह दिन आपदा-प्रवण क्षेत्रों में सक्रिय उपायों के महत्व पर जोर देता है, विशेषकर जलवायु से संबंधित आपदाओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर।

विश्लेषण:

जलवायु लचीलापन: बाढ़, सूखा, और चक्रवात जैसी जलवायु-प्रेरित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना।
समुदाय की भागीदारी: स्थानीय लचीलापन को मजबूत करने के लिए आपदा तैयारी में समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना।
वैश्विक सहयोग: देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना ताकि आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) ढांचे विकसित किए जा सकें और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जा सके।
क्षमता निर्माण: आपात स्थितियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने और जीवन के नुकसान को कम करने के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर क्षमताओं को बढ़ाना।

पृष्ठभूमि:

स्थापना: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1989 में 13 अक्टूबर को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में नामित किया।
सेन्डाई ढांचा: 2015 का सेन्डाई ढांचा DRR के लिए दिशानिर्देश प्रदान करता है, जो संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने और सामुदायिक लचीलापन को बढ़ाने पर केंद्रित है।
वैश्विक महत्व: यह दिन विश्वभर में मनाया जाता है, जो आपदा-प्रवण क्षेत्रों में सक्रिय उपायों और जागरूकता को प्रोत्साहित करता है।

आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के विवरण:

– 2024 का विषय जलवायु चुनौतियों के बीच लचीलापन पर केंद्रित है, जो सतत विकास और जोखिम न्यूनीकरण प्रथाओं की आवश्यकता को उजागर करता है।
– वैश्विक स्तर पर जागरूकता और आपदा तैयारी के लिए व्यावहारिक कौशल बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं।

UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्य

विवरण

मनाने की तिथि

13 अक्टूबर

स्थापना का वर्ष

1989

2024 का विषय

“जलवायु चुनौतियों के बीच लचीलापन बनाना”

मार्गदर्शक ढांचा

आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेन्डाई ढांचा (2015-2030)

ध्यान केंद्रित क्षेत्र

जलवायु लचीलापन, समुदाय की भागीदारी, क्षमता निर्माण

4 संबंधित प्रश्न:

1. आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
– (a) 10 अक्टूबर
– (b) 12 अक्टूबर
– (c) 13 अक्टूबर
– (d) 15 अक्टूबर
उत्तर: (c) 13 अक्टूबर
2. विश्वभर में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए दिशानिर्देश प्रदान करने वाला ढांचा कौन सा है?
– (a) क्योटो प्रोटोकॉल
– (b) सेन्डाई ढांचा
– (c) पेरिस समझौता
– (d) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
उत्तर: (b) सेन्डाई ढांचा
3. 2024 का विषय आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस पर ध्यान केंद्रित करता है:
– (a) तकनीकी नवाचार
– (b) आर्थिक विकास
– (c) जलवायु चुनौतियों के बीच लचीलापन बनाना
– (d) शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार
उत्तर: (c) जलवायु चुनौतियों के बीच लचीलापन बनाना
4. किस संगठन ने 13 अक्टूबर को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में नामित किया?
– (a) विश्व बैंक
– (b) संयुक्त राष्ट्र महासभा
– (c) अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस
– (d) यूनेस्को
उत्तर: (b) संयुक्त राष्ट्र महासभा

स्रोत:

– _द हिंदू_
– _इकोनॉमिक टाइम्स_
– _द हिंदू बिजनेसलाइन_

UPSC के लिए अभ्यास प्रश्न

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

चिकित्सा में 2024 का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

  1. 1. विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन को प्रोटीन नियमन पर उनके काम के लिए पुरस्कार मिला।
  2. 2. यह खोज माइक्रोRNA की जीन अभिव्यक्ति में भूमिका से संबंधित है।
  3. 3. इन निष्कर्षों के कैंसर उपचार में अनुप्रयोग हैं।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है?

  • (a) 1 और 2 केवल
  • (b) 2 और 3 केवल
  • (c) 1 और 3 केवल
  • (d) 2 केवल

उत्तर: (d)

भारतीय वायु सेना दिवस 2024 के दौरान निम्नलिखित में से कौन से विमान प्रदर्शित किए गए थे?

  1. 1. राफेल
  2. 2. MiG-29
  3. 3. तेजस
  4. 4. ALH ध्रुव

सही उत्तर का चयन करें:

  • (a) 1, 2, और 3 केवल
  • (b) 2 और 4 केवल
  • (c) 1, 3, और 4 केवल
  • (d) 1 और 3 केवल

उत्तर: (c)

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ मुख्य अभ्यास प्रश्न
भारतीय वायु सेना की आधुनिकता में भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा में इसके योगदान की समालोचना करें।
250 शब्द15 अंक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अक्टूबर 2024 को मनाए जाने वाले भारतीय वायु सेना दिवस का महत्व क्या है?

8 अक्टूबर 2024 को भारतीय वायु सेना दिवस ने IAF की 92वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया, जो इसके विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान का उत्सव है। इस कार्यक्रम ने हवाई क्षमताओं में प्रगति को प्रदर्शित किया और ‘भविष्य के संचालन के लिए परिवर्तन’ विषय पर जोर दिया, जो IAF के चल रहे आधुनिकीकरण प्रयासों और आत्मनिर्भरता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारतीय वायु सेना राष्ट्रीय रक्षा के अलावा कैसे योगदान करती है?

IAF न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि आपदा राहत और अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना मिशनों में भी योगदान देती है। उनके मानवीय प्रयासों में शामिल होना उनके राष्ट्र की सेवा और वैश्विक शांति में योगदान के बहुआयामी भूमिका को दर्शाता है।

भारतीय वायु सेना दिवस समारोह के दौरान कौन सी प्रगति को उजागर किया गया?

IAF दिवस समारोह के दौरान राफेल, सु-30MKI, और स्वदेशी तेजस जैसे उन्नत विमानों को प्रदर्शित किया गया। IAF के बेड़े को आधुनिक बनाने और स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारतीय वायु सेना के संदर्भ में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का क्या अर्थ है?

‘आत्मनिर्भर भारत’ या आत्मनिर्भर भारत एक महत्वपूर्ण पहल है जो रक्षा प्रौद्योगिकियों में स्वदेशी विकास को प्रोत्साहित करती है। IAF के संदर्भ में, इसका अर्थ है घरेलू क्षमताओं का विकास करना और विदेशी उपकरणों और प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना, जैसा कि हल्के लड़ाकू विमान तेजस जैसे परियोजनाओं द्वारा प्रदर्शित किया गया है।

अक्टूबर 2024 के अनुसार भारतीय वायु सेना के वर्तमान प्रमुख कौन हैं?

अक्टूबर 2024 के अनुसार, भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी हैं। उनके नेतृत्व में IAF के भीतर महत्वपूर्ण आधुनिकीकरण प्रक्रियाएँ हो रही हैं, जो संचालनात्मक तत्परता और प्रौद्योगिकी को बढ़ाने पर केंद्रित हैं।

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