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भारत से यूएई के डास आइलैंड तक दहेज LNG जहाज का मार्ग: रणनीतिक ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के मायने

तैनाती का संक्षिप्त परिचय और रणनीतिक संदर्भ

साल 2024 की शुरुआत में गुजरात के दहेज LNG टर्मिनल से एक खाली LNG जहाज यूएई के डास आइलैंड की ओर रवाना हुआ। यह जहाज होर्मुज जलसंधि से गुजरता है, जो अरब सागर को फारस की खाड़ी से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह कदम भारत की LNG आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने और इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है। इस अभियान में पेट्रोनैट LNG लिमिटेड (PLL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं, जो द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को उजागर करते हैं।

  • दहेज टर्मिनल की क्षमता: 17 MMTPA (पेट्रोनैट LNG वार्षिक रिपोर्ट 2023)
  • डास आइलैंड LNG निर्यात क्षमता: 21 MMTPA (ADNOC 2023 रिपोर्ट)
  • होर्मुज जलसंधि से लगभग 21 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन गुजरता है (~21% वैश्विक पेट्रोलियम तरल पदार्थ) (यू.एस. EIA 2023)
  • भारत की LNG आयात निर्भरता: लगभग 50% कुल गैस खपत की (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24)

LNG शिपिंग और समुद्री क्षेत्रों पर वैधानिक और नियामक ढांचा

भारत में समुद्री और LNG संचालन कई स्तरों वाले कानूनी ढांचे के तहत नियंत्रित होते हैं। Maritime Zones of India (Regulation of Fishing by Foreign Vessels) Act, 1981 समुद्री क्षेत्राधिकार को नियंत्रित करता है, जबकि दहेज पोर्ट के संचालन Indian Ports Act, 1908 के अंतर्गत आते हैं। LNG आयात-निर्यात के लिए लाइसेंसिंग Petroleum and Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 (धारा 11 और 12) के तहत होती है। शिपिंग संचालन Indian Merchant Shipping Act, 1958 के अनुरूप होते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, होर्मुज जलसंधि में नेविगेशन अधिकार United Nations Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) 1982 के तहत सुरक्षित हैं, जिसे भारत ने अनुमोदित किया है, जो इस रणनीतिक मार्ग में स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करता है।

  • दहेज पोर्ट संचालन: Indian Ports Act, 1908 के अंतर्गत
  • LNG आयात/निर्यात लाइसेंसिंग: Petroleum and Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 (धारा 11, 12)
  • शिपिंग सुरक्षा और अनुपालन: Indian Merchant Shipping Act, 1958
  • होर्मुज जलसंधि में नेविगेशन अधिकार: UNCLOS 1982, भारत द्वारा अनुमोदित

दहेज और डास आइलैंड के माध्यम से LNG व्यापार के आर्थिक पहलू

वित्तीय वर्ष 2023 में भारत का LNG आयात बिल लगभग 15 बिलियन यूएस डॉलर रहा, जो देश की बढ़ती गैस मांग और आयात निर्भरता को दर्शाता है। दहेज टर्मिनल, जिसे PLL संचालित करता है, 17 MMTPA की रिगैसिफिकेशन क्षमता वाला एक प्रमुख केंद्र है। यूएई का डास आइलैंड, ADNOC के नियंत्रण में, लगभग 21 MMTPA LNG निर्यात करता है, जो इसे एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनाता है। डास आइलैंड का रणनीतिक उपयोग भारत की LNG आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाता है, जिससे कतार और ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम होती है। होर्मुज जलसंधि एक महत्वपूर्ण मार्ग बना हुआ है, जहां सालाना लगभग 3,000 LNG जहाज गुजरते हैं और यह वैश्विक तेल व्यापार में लगभग 21 मिलियन बैरल प्रतिदिन संभालता है।

  • भारत की LNG आयात निर्भरता: लगभग 50% गैस खपत (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24)
  • दहेज टर्मिनल क्षमता: 17 MMTPA (पेट्रोनैट LNG वार्षिक रिपोर्ट 2023)
  • डास आइलैंड LNG निर्यात क्षमता: 21 MMTPA (ADNOC 2023 रिपोर्ट)
  • होर्मुज जलसंधि: लगभग 3,000 LNG जहाज प्रति वर्ष (IEA 2023)
  • भारत का LNG आयात बिल: USD 15 बिलियन FY2023 (MoPNG)

LNG संचालन और समुद्री सुरक्षा में प्रमुख संस्थान

दहेज से डास आइलैंड तक LNG आपूर्ति श्रृंखला में कई संस्थाएं शामिल हैं। पेट्रोनैट LNG लिमिटेड (PLL) दहेज टर्मिनल का संचालन करता है, जो LNG आयात और रिगैसिफिकेशन संभालता है। ADNOC डास आइलैंड से LNG निर्यात नियंत्रित करता है। Directorate General of Shipping (DGS) भारतीय जलक्षेत्रों में शिपिंग सुरक्षा और अनुपालन का नियमन करता है। नीति निर्धारण और नियमावली Ministry of Petroleum and Natural Gas (MoPNG) के अधीन है। भारतीय नौसेना अरब सागर और होर्मुज जलसंधि में समुद्री मार्गों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, खासकर क्षेत्रीय राजनीतिक अस्थिरता के मद्देनजर। विश्व स्तर पर International Maritime Organization (IMO) रणनीतिक जलमार्गों में नेविगेशन के मानक निर्धारित करता है।

  • PLL: भारत का सबसे बड़ा LNG आयातक, दहेज टर्मिनल संचालक
  • ADNOC: यूएई की सरकारी तेल कंपनी, डास आइलैंड LNG निर्यात प्रबंधक
  • DGS: भारत में शिपिंग सुरक्षा का नियामक
  • MoPNG: पेट्रोलियम क्षेत्र की नीति और नियमन
  • भारतीय नौसेना: अरब सागर और होर्मुज जलसंधि में समुद्री सुरक्षा
  • IMO: अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मानक और नेविगेशन नियम

तुलनात्मक विश्लेषण: भारत बनाम जापान LNG आयात रणनीतियाँ

पहलू भारत जापान
LNG आयात निर्भरता लगभग 50% गैस खपत 90% से अधिक गैस खपत
प्रमुख LNG आपूर्तिकर्ता विविध: UAE (डास आइलैंड), कतर, ऑस्ट्रेलिया मुख्यतः मध्य पूर्व
रणनीतिक भंडार विकासाधीन रणनीतिक गैस भंडार 44 दिनों का आपूर्ति भंडार (IEA 2023)
होर्मुज जलसंधि में व्यवधान की संवेदनशीलता मध्यम; विविधता और नौसेना उपस्थिति बेहतर हो रही उच्च; होर्मुज जलसंधि पर भारी निर्भरता
पाइपलाइन आयात सीमित; मुख्यतः LNG आयात पाइपलाइन आयात LNG के पूरक

महत्वपूर्ण अवसंरचना और सुरक्षा चुनौतियाँ

विविधता के प्रयासों के बावजूद, भारत की LNG अवसंरचना और रणनीतिक भंडार होर्मुज जलसंधि में लंबे समय तक व्यवधान सहने के लिए अपर्याप्त हैं। जापान और दक्षिण कोरिया की तुलना में, जो बड़े रणनीतिक भंडार और विविध पाइपलाइन आयात रखते हैं, भारत के पास सीमित भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग हैं। भारतीय नौसेना की बढ़ती मौजूदगी समुद्री सुरक्षा जोखिमों को कुछ हद तक कम करती है, लेकिन ईरान और खाड़ी क्षेत्र की राजनीतिक अस्थिरता खतरे बरकरार रखती है। LNG भंडारण क्षमता बढ़ाना, रणनीतिक भंडार का विस्तार और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों को सुरक्षित करना आवश्यक है।

  • भारत के रणनीतिक गैस भंडार होर्मुज जलसंधि के लंबे व्यवधान के लिए अपर्याप्त
  • पूर्वी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले सीमित पाइपलाइन कनेक्टिविटी
  • ईरान और खाड़ी क्षेत्र की राजनीतिक अस्थिरता जोखिम बढ़ाती है
  • भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा भूमिका महत्वपूर्ण लेकिन चुनौतीपूर्ण

UPSC से संबंधित

  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध – भारत-यूएई ऊर्जा सहयोग, अरब सागर में समुद्री सुरक्षा
  • GS पेपर 3: आर्थिक विकास – ऊर्जा सुरक्षा, LNG आयात निर्भरता, अवसंरचना
  • GS पेपर 1: भूगोल – समुद्री मार्ग, होर्मुज जलसंधि की रणनीतिक महत्ता
  • निबंध: ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों की भू-राजनीति

आगे का रास्ता: भारत की LNG सुरक्षा और समुद्री स्थिति को मजबूत करना

  • दहेज और अन्य टर्मिनलों पर LNG भंडारण और रिगैसिफिकेशन अवसंरचना का विस्तार कर रणनीतिक भंडार तैयार करें।
  • मध्य पूर्व और ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका और पूर्वी अफ्रीका जैसे नए LNG आपूर्तिकर्ताओं की विविधता तेज करें।
  • भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाएं ताकि अरब सागर और होर्मुज जलसंधि में निरंतर समुद्री क्षेत्र की निगरानी और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
  • मध्य एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई साझेदारों के साथ वैकल्पिक समुद्री मार्ग और पाइपलाइन कनेक्टिविटी के लिए द्विपक्षीय समझौते करें।
  • MoPNG, DGS और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर LNG आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा को मजबूत करें।

होर्मुज जलसंधि के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह संयुक्त राष्ट्र समुद्र कानून सम्मेलन (UNCLOS) 1982 के तहत नियंत्रित है, जिसे भारत ने अनुमोदित किया है।
  2. होर्मुज जलसंधि वैश्विक तेल व्यापार में लगभग 21 मिलियन बैरल प्रति दिन का मार्ग है।
  3. भारत को होर्मुज जलसंधि में नेविगेशन अधिकारों पर विशेष नियंत्रण प्राप्त है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a)

कथन 1 सही है; UNCLOS 1982 अंतरराष्ट्रीय जलसंधियों जैसे होर्मुज के लिए नेविगेशन अधिकारों को नियंत्रित करता है और भारत ने इसे अनुमोदित किया है। कथन 2 भी सही है; होर्मुज जलसंधि लगभग 21 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन के व्यापार को संभालता है। कथन 3 गलत है; भारत को होर्मुज जलसंधि पर विशेष नियंत्रण नहीं है, यह ओमान और ईरान के बीच स्थित है।

भारत के LNG आयात टर्मिनलों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. दहेज LNG टर्मिनल मुख्यतः निर्यात केंद्र है।
  2. पेट्रोनैट LNG लिमिटेड दहेज टर्मिनल का संचालन करता है।
  3. LNG आयात/निर्यात लाइसेंसिंग Petroleum and Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 के तहत होती है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)

कथन 1 गलत है; दहेज LNG आयात और रिगैसिफिकेशन टर्मिनल है, निर्यात केंद्र नहीं। कथन 2 और 3 सही हैं; पेट्रोनैट LNG लिमिटेड दहेज का संचालन करता है और लाइसेंसिंग Petroleum and Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 के तहत होती है।

मेन प्रश्न

भारत के LNG आयात के लिए होर्मुज जलसंधि की रणनीतिक महत्ता की समीक्षा करें और इस संदर्भ में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक चुनौतियों और नीतिगत उपायों पर चर्चा करें। (250 शब्द)

झारखंड और JPSC से संबंधित

  • JPSC पेपर: GS पेपर 2 (अंतरराष्ट्रीय संबंध), GS पेपर 3 (ऊर्जा सुरक्षा)
  • झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड का बढ़ता औद्योगिक क्षेत्र प्राकृतिक गैस पर निर्भर है, इसलिए राष्ट्रीय LNG सुरक्षा राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  • मेन पॉइंटर: उत्तरों में भारत की LNG आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को झारखंड की ऊर्जा आवश्यकताओं से जोड़ें, विविधता और अवसंरचना विकास पर जोर दें।
दहेज LNG टर्मिनल की क्षमता क्या है?

पेट्रोनैट LNG की 2023 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, दहेज LNG टर्मिनल की रिगैसिफिकेशन क्षमता 17 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है।

भारत में LNG आयात और निर्यात के लिए लाइसेंसिंग कौन से कानून के तहत होती है?

भारत में LNG आयात और निर्यात के लिए लाइसेंसिंग Petroleum and Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 (धारा 11 और 12) के अंतर्गत होती है।

वैश्विक तेल व्यापार में होर्मुज जलसंधि की महत्ता कितनी है?

होर्मुज जलसंधि लगभग 21 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल व्यापार का मार्ग है, जो वैश्विक पेट्रोलियम तरल पदार्थ खपत का लगभग 21% है (यू.एस. EIA 2023)।

LNG शिपिंग सुरक्षा में भारतीय नौसेना की भूमिका क्या है?

भारतीय नौसेना अरब सागर और होर्मुज जलसंधि में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जिससे LNG शिपिंग मार्गों को भू-राजनीतिक खतरे और समुद्री डकैती से बचाया जाता है।

भारत की LNG आयात रणनीति जापान से कैसे अलग है?

भारत विविध LNG स्रोत अपनाता है जैसे UAE का डास आइलैंड, कतर, और ऑस्ट्रेलिया, जबकि जापान मुख्यतः (>90%) मध्य पूर्व पर निर्भर है लेकिन 44 दिनों का बड़ा रणनीतिक भंडार रखता है (IEA 2023)।