UPSC Foundation 2026 and JPSC Mentorship admissions open Daily Current Affairs
learnpro Civil Services
LearnPro Menu
Home Current Affairs All Articles
UPSC
UPSC NOTES
STATE PSC
OPTIONAL SUBJECTS
CURRENT AFFAIRS
DAILY EDITORIAL
COURSES
DOWNLOAD NOTES
PYQ Papers Mains Answer Writing Online Courses

Post

चीन का DeepSeek AI मॉडल और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया: AI नवाचार में चुनौतियां और अवसर

परिचय: DeepSeek के AI मॉडल का लॉन्च और इसके रणनीतिक मायने

2024 की शुरुआत में चीनी AI स्टार्टअप DeepSeek ने एक नया मल्टीमॉडल AI मॉडल पेश किया, जो इमेज-टेक्स्ट रिट्रीवल कार्यों में पिछले मानकों से 15% अधिक सटीकता हासिल करता है (The Hindu, 2024)। चीन में स्थित DeepSeek, भारी सरकारी और निजी निवेश के सहारे AI क्षमताओं की तेज़ प्रगति का उदाहरण है। यह विकास चीन की केंद्रीकृत नीतियों और विशाल फंडिंग के तहत AI नवाचार में तेजी को दर्शाता है। भारत के लिए यह एक चेतावनी है कि उसे अपनी AI पारिस्थितिकी तंत्र को नीति सुधारों और संस्थागत मजबूती के जरिए सशक्त करना होगा ताकि तकनीकी संप्रभुता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी — कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अर्थव्यवस्था, साइबर सुरक्षा
  • GS पेपर 2: अंतरराष्ट्रीय संबंध — भारत-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा
  • निबंध: तकनीकी संप्रभुता और भारत का डिजिटल भविष्य

चीन के AI नवाचार का परिदृश्य: DeepSeek का संदर्भ

2023 में चीन के AI उद्योग का मूल्य लगभग 60 अरब डॉलर था, जिसमें 2017 से सरकार का निवेश 30 अरब डॉलर से अधिक है (China Ministry of Science and Technology, 2023)। नई पीढ़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास योजना (2017) ने चीन की 2030 तक वैश्विक AI नेतृत्व की महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए शिक्षा, उद्योग और सरकार को एकीकृत किया। DeepSeek का नया AI मॉडल इसी पारिस्थितिकी तंत्र का परिणाम है, जो तेज़ R&D और नवाचार क्षमता को दर्शाता है।

  • 2018 से 2023 तक चीन के AI R&D निवेश में वार्षिक 20% की वृद्धि हुई।
  • 2023 में चीन में AI पेटेंट फाइलिंग 40,000 तक पहुंच गई, जो अमेरिका से 25% अधिक है (WIPO रिपोर्ट, 2023)।
  • चीन में AI विशेषज्ञों की संख्या लगभग 3 लाख है, जो भारत के 70,000 से चार गुना ज्यादा है (LinkedIn AI Talent Report, 2023)।

भारत का AI पारिस्थितिकी तंत्र: वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

2023 में भारत के AI बाजार का आकार लगभग 7 अरब डॉलर था, जिसमें सरकार का बजट आवंटन लगभग 1,500 करोड़ रुपये था, जो डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय AI रणनीति जैसे कार्यक्रमों के तहत आता है (NITI आयोग, 2023)। AI स्टार्टअप्स में 27% सालाना वृद्धि के बावजूद (NASSCOM, 2023), भारत का AI पारिस्थितिकी तंत्र अभी भी बिखरा हुआ है, जिसमें सरकार का सीधा निवेश कम और नवाचार का व्यावसायीकरण धीमा है।

  • 2023 में भारत ने 3,500 AI पेटेंट दायर किए, जो चीन की तुलना में नवाचार में बड़ी कमी दर्शाता है।
  • डेटा शासन के व्यापक ढांचे की कमी AI विकास और अपनाने में बाधा है।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी सीमित है, जिससे तकनीकी हस्तांतरण और विस्तार कम होता है।

भारत में AI के लिए कानूनी और संवैधानिक ढांचा

भारत में AI शासन कई कानूनी प्रावधानों और संवैधानिक आदेशों से जुड़ा है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (संशोधित 2008) के सेक्शन 66A (साइबर सुरक्षा अपराध) और 72A (गोपनीयता उल्लंघन) डिजिटल सुरक्षा और निजता के लिए बुनियादी आधार प्रदान करते हैं। व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019—जो अभी संसद में लंबित है—डेटा गोपनीयता और AI शासन के लिए एक मजबूत ढांचा बनाने का प्रयास करता है।

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत नागरिकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और जिज्ञासा विकसित करने का मौलिक कर्तव्य है।
  • NITI आयोग की राष्ट्रीय AI रणनीति (2018) नीति प्राथमिकताओं को बताती है, लेकिन इसके पास लागू करने वाले प्रावधान और समग्र डेटा शासन नहीं हैं।
  • MeitY डिजिटल अवसंरचना और AI नीति का प्रबंधन करता है, लेकिन राज्यों और क्षेत्रों के बीच समन्वय की चुनौतियां हैं।

तुलनात्मक विश्लेषण: भारत बनाम चीन का AI पारिस्थितिकी तंत्र

पहलू चीन भारत
सरकारी AI निवेश 2017 से 30 अरब डॉलर से अधिक (MOST रिपोर्ट, 2023) 2023 में लगभग 1,500 करोड़ रुपये (~200 मिलियन डॉलर) (NITI आयोग)
AI बाजार आकार (2023) 60 अरब डॉलर 7 अरब डॉलर
AI पेटेंट फाइलिंग (2023) 40,000 (WIPO रिपोर्ट) 3,500 (भारतीय पेटेंट कार्यालय)
AI प्रतिभा पूल 3 लाख पेशेवर (LinkedIn रिपोर्ट) 70,000 पेशेवर
नीति ढांचा नई पीढ़ी AI विकास योजना (2017) – केंद्रीकृत, बहु-क्षेत्रीय राष्ट्रीय AI रणनीति (2018) – बिखरी हुई, सीमित प्रवर्तन

भारत की AI रणनीति में अहम कमी

भारत की AI नीति चीन की केंद्रीकृत योजना जैसी एकीकृत राष्ट्रीय मिशन से वंचित है। व्यापक डेटा शासन और गोपनीयता ढांचे के अभाव से AI अपनाने और नवाचार में देरी होती है। सीमित सरकारी फंडिंग और कमजोर सार्वजनिक-निजी भागीदारी बड़े पैमाने पर तकनीकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण को रोकती हैं।

  • NITI आयोग, MeitY और राज्यों के बीच संस्थागत भूमिकाओं का बिखराव समन्वय की कमी पैदा करता है।
  • पेटेंटिंग की धीमी गति और कम प्रतिभा पूल भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को सीमित करता है।
  • डेटा गोपनीयता कानून लंबित हैं, जिससे AI डेवलपर्स और उपयोगकर्ताओं के लिए अनिश्चितता बनी हुई है।

भारत के लिए महत्व और आगे का रास्ता

DeepSeek के AI मॉडल लॉन्च से चीन की AI नवाचार में बढ़ती बढ़त उजागर होती है, जो रणनीतिक नीति और निवेश से प्रेरित है। भारत को अधिक समेकित AI मिशन अपनाना होगा, जिसमें बढ़ी हुई फंडिंग, स्पष्ट डेटा शासन और मजबूत संस्थागत समन्वय शामिल हों, ताकि तकनीकी संप्रभुता बनी रहे।

  • व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक को शीघ्र पारित कर AI डेटा उपयोग के लिए कानूनी आधार तैयार करना।
  • एक केंद्रीय AI प्राधिकरण स्थापित करना, जो राज्यों और क्षेत्रों में नीति, फंडिंग और प्रतिभा विकास का समन्वय करे।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देना ताकि तकनीकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण तेज हो सके।
  • AI शिक्षा और कौशल विकास में निवेश कर प्रतिभा पूल का विस्तार करना।

चीन के DeepSeek AI मॉडल और भारत के AI पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. DeepSeek का AI मॉडल इमेज-टेक्स्ट रिट्रीवल में 15% अधिक सटीकता प्राप्त करता है।
  2. 2023 में भारत की AI पेटेंट फाइलिंग चीन से अधिक थी।
  3. व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019, वर्तमान में लागू है और भारत में AI डेटा गोपनीयता को नियंत्रित करता है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1
  • (b) केवल 2
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a)

कथन 1 सही है (The Hindu, 2024)। कथन 2 गलत है; चीन ने 2023 में 40,000 AI पेटेंट दायर किए जबकि भारत ने केवल 3,500। कथन 3 गलत है; व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक अभी लंबित है और लागू नहीं हुआ।

भारत की AI नीति ढांचे के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें:

  1. राष्ट्रीय AI रणनीति 2018 में NITI आयोग द्वारा जारी की गई थी।
  2. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में AI एल्गोरिदम को विशेष रूप से नियंत्रित करने वाले प्रावधान हैं।
  3. अनुच्छेद 51A(h) नागरिकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवतावाद विकसित करने का निर्देश देता है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)

कथन 1 सही है; NITI आयोग ने 2018 में राष्ट्रीय AI रणनीति जारी की। कथन 2 गलत है; IT अधिनियम में AI एल्गोरिदम के लिए विशेष प्रावधान नहीं हैं। कथन 3 सही है क्योंकि अनुच्छेद 51A(h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का कर्तव्य देता है।

मुख्य प्रश्न

चीन की AI प्रगति, विशेषकर DeepSeek के नए AI मॉडल के संदर्भ में, भारत की AI नीति और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके रणनीतिक प्रभावों का विश्लेषण करें। भारत के वर्तमान AI ढांचे में मौजूद खामियों पर चर्चा करें और भारत की AI तकनीक में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उपाय सुझाएं।

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 3 – विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल शासन
  • झारखंड कोण: झारखंड के उभरते IT हब AI का उपयोग शासन और औद्योगिक विकास के लिए कर सकते हैं; स्थानीय स्टार्टअप्स को नीति समर्थन की जरूरत है।
  • मुख्य बिंदु: राज्य स्तर पर AI पारिस्थितिकी तंत्र विकास, केंद्रीय नीतियों की भूमिका और झारखंड के लिए डेटा शासन की चुनौतियों को उजागर करते हुए उत्तर तैयार करें।
DeepSeek के AI मॉडल की पिछली मॉडलों से खासियत क्या है?

DeepSeek का AI मॉडल इमेज-टेक्स्ट रिट्रीवल में पिछले मानकों से 15% अधिक सटीकता प्रदान करता है, जो इसकी बेहतर मल्टीमॉडल AI क्षमता को दर्शाता है (The Hindu, 2024)।

भारत का व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक किस स्थिति में है?

व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 अभी संसद में लंबित है और लागू नहीं हुआ है, जिससे AI शासन के लिए व्यापक डेटा गोपनीयता ढांचा बनने में देरी हो रही है।

चीन का AI निवेश भारत से कैसे तुलना करता है?

चीन ने 2017 से AI में 30 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है, जबकि भारत ने 2023 में AI संबंधित पहलों के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये (~200 मिलियन डॉलर) आवंटित किए हैं (MOST रिपोर्ट, NITI आयोग)।

भारत के AI विकास के लिए कौन सा संवैधानिक कर्तव्य सहायक है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत नागरिकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और जिज्ञासा विकसित करने का कर्तव्य है, जो AI तकनीकों के नैतिक और प्रगतिशील उपयोग का आधार है।