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NSO सर्वे 2023 में भारत में बेहतर स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार का खुलासा: विश्लेषण और नीतिगत सुझाव

NSO सर्वे 2023: परिचय और मुख्य निष्कर्ष

National Statistical Office (NSO) ने 2023 में देशव्यापी स्वास्थ्य सर्वे किया, जिसमें भारत के स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार का आकलन किया गया। सर्वे में प्रति व्यक्ति बाह्य रोगी दौरे 2017-18 के 3.1 से बढ़कर 2022-23 में 4.2 हो गए, जो स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर उपयोग को दर्शाता है। इसके साथ ही, औपचारिक चिकित्सा सेवा लेने वाले परिवारों का अनुपात NFHS-4 (2015-16) के 68% से बढ़कर NSO 2023 में 75% पहुंच गया, जबकि स्व-उपचार की दर 28% से घटकर 18% हो गई। संस्थागत प्रसव भी 79% से बढ़कर 88% हो गए और स्वास्थ्य बीमा कवरेज 37% से बढ़कर 54% हो गई। पहली चिकित्सा सलाह लेने का औसत समय 3.5 दिनों से घटकर 2.1 दिन हो गया, जो तेज स्वास्थ्य प्रतिक्रिया का संकेत है।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 2: स्वास्थ्य पर सरकारी नीतियां, आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाएं, स्वास्थ्य से जुड़े संवैधानिक प्रावधान
  • GS पेपर 3: स्वास्थ्य अवसंरचना, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय, स्वास्थ्य संकेतकों का आर्थिक प्रभाव
  • निबंध: सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक विकास, स्वास्थ्य असमानताएं

भारत में स्वास्थ्य के लिए संवैधानिक और कानूनी ढांचा

संविधान के Article 21 को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल खेत मजदूर समिति बनाम राज्य पश्चिम बंगाल (1996) मामले में जीवन के अधिकार का हिस्सा मानते हुए स्वास्थ्य का अधिकार स्थापित किया है। 1897 का Epidemic Diseases Act आपातकालीन सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लागू करने में सहायक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंच के लक्ष्य निर्धारित करती है। Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010 स्वास्थ्य प्रदाताओं के पंजीकरण और गुणवत्ता मानकों को अनिवार्य करता है। Consumer Protection Act, 2019 (Section 2(1)(g)) के तहत स्वास्थ्य सेवा को सेवा के रूप में परिभाषित किया गया है, जिससे मरीजों को चिकित्सकीय लापरवाही के खिलाफ कानूनी संरक्षण मिलता है।

स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार के आर्थिक पहलू

भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय GDP का लगभग 1.3% ही है (Economic Survey 2023-24), जिससे अवसंरचना का विस्तार सीमित रहता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का बजट 2023-24 में 37,000 करोड़ रुपये तक बढ़ा, जो प्राथमिक देखभाल और आउटरीच को समर्थन देता है। निजी खर्च अभी भी कुल स्वास्थ्य व्यय का 52% है (National Health Accounts 2019-20), जिससे परिवारों पर वित्तीय दबाव रहता है। स्वास्थ्य सेवा बाजार का आकार 2023 में 280 बिलियन डॉलर आंका गया है, जो 15% की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है (IBEF), जो निजी क्षेत्र की भागीदारी को दर्शाता है। बेहतर स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार से बीमारी के कारण GDP के 6% तक के उत्पादकता नुकसान को कम किया जा सकता है (World Bank 2022), जो स्वास्थ्य पहुंच के आर्थिक फायदे दिखाता है।

स्वास्थ्य प्रणाली मजबूती में संस्थागत भूमिकाएं

  • NSO: नीति मूल्यांकन के लिए नियमित स्वास्थ्य सर्वे करता है।
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW): स्वास्थ्य नीतियों और कार्यक्रमों का निर्माण एवं कार्यान्वयन करता है।
  • NITI आयोग: स्वास्थ्य सुधारों को आगे बढ़ाता है और परिणामों की निगरानी करता है।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM): ग्रामीण और कमजोर वर्गों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और आउटरीच लागू करता है।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA): भारत के प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत का संचालन करता है।

बनी हुई असमानताएं और अवसंरचना की कमी

स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार में सुधार के बावजूद, ग्रामीण-शहरी और सामाजिक-आर्थिक असमानताएं बरकरार हैं। ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। सार्वजनिक स्वास्थ्य वित्त पोषण अपर्याप्त है, जिससे गुणवत्ता और पहुंच सीमित रहती है। स्वास्थ्य बीमा कवरेज 54% तक बढ़ी है, लेकिन लगभग आधी आबादी, खासकर हाशिए पर रहने वाले समुदाय, अभी भी बिना बीमा के हैं। ये असमानताएं समान स्वास्थ्य परिणामों को बाधित करती हैं और लक्षित हस्तक्षेपों की आवश्यकता बताती हैं।

तुलनात्मक अध्ययन: भारत बनाम थाईलैंड का यूनिवर्सल कवरेज स्कीम

पहलू भारत (NSO 2023 डेटा) थाईलैंड (UCS, 2002-2007)
स्वास्थ्य सेवा उपयोग में वृद्धि प्रति व्यक्ति बाह्य रोगी दौरे 3.1 से बढ़कर 4.2 (2017-23) पांच वर्षों में 40% की वृद्धि
निजी खर्च कुल स्वास्थ्य व्यय का 52% 15% से नीचे कम किया गया
स्वास्थ्य बीमा कवरेज 54% आबादी (2023) लगभग 100% के साथ सार्वभौमिक कवरेज
प्राथमिक देखभाल सुदृढ़ीकरण NHM पर ध्यान लेकिन अवसंरचना की कमी बनी मजबूत प्राथमिक देखभाल नेटवर्क UCS की सफलता की कुंजी

महत्व और आगे का रास्ता

  • बेहतर स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार से सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता और औपचारिक देखभाल की पहुंच में सुधार दिखता है।
  • स्वास्थ्य बीमा कवरेज बढ़ाना और निजी खर्च कम करना वित्तीय जोखिम संरक्षण के लिए जरूरी है।
  • अवसंरचना और मानव संसाधन सुधार के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय को GDP के 2.5% से ऊपर बढ़ाना आवश्यक है।
  • ग्रामीण-शहरी और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को दूर करने के लिए लक्षित नीतिगत कदम उठाने होंगे।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मजबूत करना और बीमा योजनाओं को गुणवत्ता आश्वासन के साथ जोड़ना सेवा वितरण को बेहतर बनाएगा।

हालिया सर्वेक्षणों के आधार पर भारत में स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. NSO 2023 सर्वे में NFHS-4 की तुलना में संस्थागत प्रसव में कमी आई है।
  2. निजी खर्च कुल स्वास्थ्य व्यय का आधे से अधिक हिस्सा है।
  3. 2017 से 2023 के बीच पहली चिकित्सा सलाह का औसत समय घटा है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (b)

कथन 1 गलत है क्योंकि संस्थागत प्रसव NFHS-4 में 79% से बढ़कर NSO 2023 में 88% हो गए हैं। कथन 2 और 3 National Health Accounts और NSO डेटा के अनुसार सही हैं।

भारत में स्वास्थ्य से जुड़े निम्नलिखित कानूनों और नीतियों पर विचार करें:

  1. Clinical Establishments Act स्वास्थ्य प्रदाताओं के पंजीकरण को अनिवार्य करता है।
  2. 1897 का Epidemic Diseases Act स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था।
  3. Consumer Protection Act, 2019 में स्वास्थ्य सेवा को ‘सेवा’ की परिभाषा में शामिल किया गया है।

इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (c)

कथन 2 गलत है; Epidemic Diseases Act महामारी नियंत्रण के लिए है, स्वास्थ्य बीमा के लिए नहीं। कथन 1 और 3 सही हैं।

मुख्य प्रश्न

NSO 2023 सर्वे से प्राप्त भारत में बेहतर स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार के प्रभावों की समीक्षा करें। बनी हुई चुनौतियों पर चर्चा करें और स्वास्थ्य क्षेत्र में असमानताओं व अवसंरचना की कमी को दूर करने के लिए नीतिगत उपाय सुझाएं।

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 2 (स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण), पेपर 3 (आर्थिक विकास)
  • झारखंड विशेष: झारखंड में संस्थागत प्रसव दर और स्वास्थ्य बीमा कवरेज राष्ट्रीय औसत से कम है, जो क्षेत्रीय असमानताएं दर्शाता है।
  • मुख्य बिंदु: झारखंड के स्वास्थ्य अवसंरचना, बीमा कवरेज और NHM तथा आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं के राज्य-विशिष्ट आंकड़ों का उल्लेख कर उत्तर तैयार करें।
NSO 2023 सर्वे भारत में बाह्य रोगी दौरे के बारे में क्या बताता है?

NSO 2023 सर्वे में प्रति व्यक्ति बाह्य रोगी दौरे 2017-18 के 3.1 से बढ़कर 2022-23 में 4.2 हो गए हैं, जो स्वास्थ्य सेवा उपयोग में वृद्धि दर्शाता है।

हालिया आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य बीमा कवरेज में क्या बदलाव आया है?

स्वास्थ्य बीमा कवरेज NFHS-4 (2015-16) के 37% से बढ़कर NSO 2023 सर्वे में 54% हो गई है, जो वित्तीय सुरक्षा के विस्तार को दर्शाता है।

भारत में स्वास्थ्य के अधिकार के लिए कौन सा संवैधानिक प्रावधान सहायक है?

भारतीय संविधान का Article 21, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल खेत मजदूर समिति बनाम राज्य पश्चिम बंगाल (1996) में जीवन के अधिकार का हिस्सा माना है, स्वास्थ्य के अधिकार का आधार है।

भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी खर्च क्यों चिंता का विषय है?

निजी खर्च कुल स्वास्थ्य व्यय का लगभग 52% है, जिससे परिवारों पर वित्तीय बोझ पड़ता है और गुणवत्तापूर्ण देखभाल तक पहुंच सीमित होती है।

थाईलैंड के यूनिवर्सल कवरेज स्कीम से भारत क्या सीख सकता है?

थाईलैंड की UCS ने पांच वर्षों में सेवा उपयोग में 40% वृद्धि और निजी खर्च को 15% से नीचे लाकर व्यापक बीमा और मजबूत प्राथमिक देखभाल प्रदान की, जो भारत के लिए एक मॉडल हो सकता है।