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Governance · Exam Notes

भारत में छत पर सौर ऊर्जा स्थापना के लिए MNRE का Utility Led Aggregation मॉडल और प्रोत्साहन योजना

2 min read GS Paper II

परिचय: छत पर सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना और ULA मॉडल

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 2024 में छत पर सौर ऊर्जा स्थापना को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए Utility Led Aggregation (ULA) मॉडल के तहत एक प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस मॉडल में मुख्य रूप से राज्य के बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को वित्तपोषण और स्थापना की जिम्मेदारी दी जाती है, खासकर उन परिवारों के लिए जो स्वतंत्र रूप से सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने में असमर्थ हैं। यह योजना फिलहाल 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है, जहां 12.58 लाख छत पर सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने की मंजूरी दी गई है। यह भारत के 2027 तक 1 करोड़ PM सूर्या घर परिवारों में सौर ऊर्जा स्थापित करने के लक्ष्य से मेल खाती है।

UPSC प्रासंगिकता

  • GS पेपर 3: नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा
  • GS पेपर 2: केंद्र-राज्य संबंध (DISCOMs की भूमिका, Electricity Act 2003)
  • निबंध: भारत में ऊर्जा संक्रमण और सतत विकास

छत पर सौर ऊर्जा के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचा

Electricity Act, 2003 की धारा 61 और 86 के तहत DISCOMs को नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है, जिससे राज्य आयोग टैरिफ तय करते हैं और नवीकरणीय खरीद बाध्यता (RPOs) लागू करते हैं। Energy Conservation Act, 2001 की धारा 14 भी ऊर्जा कुशलता और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रचार को बढ़ावा देती है। MNRE की योजनाएं राष्ट्रीय सौर मिशन के तहत काम करती हैं, जो राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (2008) का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट के 2017 के फैसले Energy Watchdog vs. CERC ने RPOs को बाध्यकारी ठहराया, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा की त्वरित स्थापना को कानूनी बल मिला।

  • MNRE: नीति निर्माण और छत पर सौर योजना का क्रियान्वयन
  • DISCOMs: ULA मॉडल के तहत वित्तपोषण और कार्यान्वयन
  • CEA: डाटा संग्रहण और क्षमता निगरानी
  • SECI: सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी
  • SREDAs: राज्य नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसियां, राज्य स्तर पर समन्वय

आर्थिक पहलू और बाजार की संभावनाएं

भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 2025 तक 509.6 GW पहुंच चुकी है, जिसमें गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 262.74 GW (51.5%) है। केवल सौर ऊर्जा की क्षमता 132.85 GW है (MNRE वार्षिक रिपोर्ट, 2024)। छत पर सौर ऊर्जा बाजार लगभग 25-30% की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है (CRISIL रिसर्च, 2024)। PM सूर्या घर योजना के तहत 2027 तक छत पर लगभग 10 GW क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है, जिसके लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश अपेक्षित है (प्रति kW 50,000 रुपये मानकर)। ULA मॉडल में डिस्कॉम्स द्वारा वित्तपोषित डिमांड-साइड सब्सिडी से तकनीकी और वाणिज्यिक (AT&C) नुकसान और पीक लोड की मांग कम करने में मदद मिलेगी, जिससे डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति बेहतर हो सकती है।

पैरामीटरभारत (2025)जर्मनी (2023)
छत पर सौर क्षमता~132.85 GW कुल सौर, छत पर लगभग 10 GW लक्षित50 GW छत पर सौर
आवासीय छत कवरेज1 करोड़ परिवारों को लक्षित (~10% कवरेज)~30% आवासीय छतें कवर
वित्तीय मॉडलDISCOMs के माध्यम से Utility-led वित्तपोषण (ULA)KfW सब्सिडी, अनुदान और कम ब्याज दर वाले ऋण
नीति ढांचाElectricity Act 2003, Energy Conservation Act 2001, National Solar Missionफीड-इन टैरिफ, सब्सिडी, नेट मीटरिंग और एग्रीगेशन प्रोत्साहन

योजना के क्रियान्वयन में मुख्य चुनौतियां

ULA मॉडल में DISCOMs की वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण अग्रिम वित्तपोषण में बाधाएं आती हैं, जिससे भुगतान में देरी और योजना के विस्तार में रुकावट हो सकती है। राज्यों में नेट मीटरिंग नीतियों का अभाव या असमानता छत पर सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग और ग्रिड एकीकरण में बाधक है। शहरी झुग्गी-झोपड़ी और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी समान पहुंच को रोकती है। ये कमियां ऊर्जा समानता और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लक्ष्य को प्रभावित कर सकती हैं।

  • DISCOMs के वित्तीय दबाव की वजह से सब्सिडी वितरण और स्थापना में देरी
  • गैर-मानकीकृत नेट मीटरिंग नीतियों से उपभोक्ता प्रोत्साहन और ग्रिड स्थिरता प्रभावित
  • कम आय वाले और दूरदराज के इलाकों में तकनीकी व बुनियादी बाधाएं पहुंच सीमित करती हैं
  • उपभोक्ता जागरूकता और क्षमता निर्माण की कमी अपनाने की दर को प्रभावित करती है

महत्व और आगे का रास्ता

MNRE की ULA आधारित प्रोत्साहन योजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को विकेंद्रीकृत करने, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा समानता बढ़ाने की रणनीतिक पहल है। यह योजना DISCOMs की बाजार उपस्थिति और मौजूदा बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप है। योजना की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए DISCOMs की वित्तीय मजबूती, नेट मीटरिंग की मानकीकरण और ग्रिड बुनियादी ढांचे में सुधार जरूरी है। नवाचार वित्तीय उपकरणों और स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण को शामिल करना भी स्थायी विस्तार के लिए आवश्यक होगा।

  • लक्षित सुधारों और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहनों के जरिए DISCOMs की वित्तीय स्थिति मजबूत करें
  • राज्यों में समान नेट मीटरिंग और समय-आधारित टैरिफ नीतियां लागू करें
  • अल्पसेवित शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा और तकनीकी सहायता बढ़ाएं
  • उपभोक्ता जागरूकता अभियान और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा दें ताकि छत पर सौर ऊर्जा अपनाने की दर बढ़े

छत पर सौर ऊर्जा के Utility Led Aggregation (ULA) मॉडल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. ULA मॉडल के तहत DISCOMs छत पर सौर ऊर्जा स्थापना के लिए अग्रिम वित्तपोषण करते हैं।
  2. ULA मॉडल के कारण नेट मीटरिंग नीतियों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
  3. MNRE ने ULA मॉडल के तहत कई राज्यों में 12 लाख से अधिक स्थापना को मंजूरी दी है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (c)

कथन 1 सही है क्योंकि ULA मॉडल में DISCOMs अग्रिम वित्तपोषण करते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि नेट मीटरिंग नीतियां ग्रिड एकीकरण और उपभोक्ता लाभ के लिए आवश्यक हैं। कथन 3 सही है क्योंकि MNRE ने ULA के तहत 12.58 लाख से अधिक स्थापना को मंजूरी दी है।

भारत की छत पर सौर ऊर्जा क्षमता और लक्ष्यों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 2025 तक 500 GW से अधिक हो गई है।
  2. 2025 में गैर-जीवाश्म ईंधन की क्षमता कुल स्थापित क्षमता का 40% से कम थी।
  3. PM सूर्या घर योजना का लक्ष्य 2027 तक 1 करोड़ घरों में छत पर सौर ऊर्जा स्थापित करना है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही हैं?

  • (a) केवल 1 और 2
  • (b) केवल 2 और 3
  • (c) केवल 1 और 3
  • (d) 1, 2 और 3 सभी

उत्तर: (c)

कथन 1 सही है क्योंकि 2025 में कुल स्थापित क्षमता 509.6 GW थी। कथन 2 गलत है क्योंकि गैर-जीवाश्म क्षमता 51.5% थी। कथन 3 सही है क्योंकि PM सूर्या घर योजना 2027 तक 1 करोड़ घरों को लक्ष्य बनाती है।

मेन प्रश्न

MNRE की छत पर सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत Utility Led Aggregation (ULA) मॉडल की भूमिका का विश्लेषण करें और भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को बढ़ावा देने में इसके महत्व पर चर्चा करें। मुख्य चुनौतियों को बताएं और योजना की प्रभावशीलता बढ़ाने के उपाय सुझाएं।

झारखंड और JPSC प्रासंगिकता

  • JPSC पेपर: पेपर 2 (ऊर्जा और पर्यावरण), पेपर 3 (बुनियादी ढांचा विकास)
  • झारखंड का दृष्टिकोण: झारखंड में शहरी और ग्रामीण घरों में छत पर सौर ऊर्जा की संभावनाएं अभी अधूरी हैं; JBVNL जैसे DISCOMs ULA मॉडल का उपयोग विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा स्थापना के लिए कर सकते हैं
  • मेन पॉइंटर: झारखंड की ऊर्जा कमी, DISCOMs की वित्तीय स्थिति और स्थानीय नेट मीटरिंग नीतियों की जरूरत पर जोर दें ताकि छत पर सौर ऊर्जा अपनाने में सुधार हो
छत पर सौर ऊर्जा स्थापना में Utility Led Aggregation (ULA) मॉडल क्या है?

ULA मॉडल में बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को उन परिवारों के लिए छत पर सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने और वित्तपोषण करने की जिम्मेदारी दी जाती है जो इसे स्वयं नहीं लगा सकते। यह मॉडल मांग को एकत्रित करता है और DISCOMs के मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करके कुशल स्थापना सुनिश्चित करता है।

Electricity Act, 2003 छत पर सौर ऊर्जा के प्रचार में कैसे मदद करता है?

Electricity Act, 2003 की धारा 61 और 86 राज्य विद्युत नियामक आयोगों को टैरिफ निर्धारित करने और DISCOMs को नवीकरणीय ऊर्जा, जिसमें छत पर सौर ऊर्जा भी शामिल है, को बढ़ावा देने के लिए बाध्य करता है। इसके तहत नवीकरणीय खरीद बाध्यता (RPOs) लागू होती है।

ULA मॉडल को लागू करने में मुख्य चुनौतियां क्या हैं?

मुख्य चुनौतियों में DISCOMs की वित्तीय परेशानी के कारण भुगतान में देरी, मानकीकृत नेट मीटरिंग नीतियों का अभाव, कम सेवा वाले इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी और उपभोक्ता जागरूकता की कमी शामिल हैं, जो योजना के विस्तार और समान पहुंच को सीमित करते हैं।

छत पर सौर ऊर्जा से DISCOMs की वित्तीय स्थिति कैसे सुधरती है?

छत पर सौर ऊर्जा उपभोक्ता के नजदीक बिजली उत्पादन करती है, जिससे पीक लोड की मांग और तकनीकी व वाणिज्यिक (AT&C) नुकसान कम होता है, जिससे DISCOMs की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिति बेहतर होती है।

PM सूर्या घर योजना क्या है?

2024 में शुरू की गई PM सूर्या घर योजना का उद्देश्य 1 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है, जो मुख्य रूप से ULA मॉडल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को छत पर सौर ऊर्जा लगाने में मदद करती है।

Sources and further reading

Tags:Governance